बिहार में शराबबंदी कानून लागू हुए करीब एक दशक बीत चुका है, लेकिन इसके बावजूद अवैध शराब का कारोबार लगातार सामने आता रहता है. इसी कड़ी में दरभंगा जिले में मद्यनिषेध विभाग ने बड़ी कार्रवाई करते हुए जाले थाना क्षेत्र के मस्सा गांव में कथित नकली शराब के कारोबार का भंडाफोड़ किया है. छापेमारी के दौरान भारी मात्रा में स्पिरिट और विदेशी शराब बरामद की गई.
दरअसल, दरभंगा के डीएम कौशल कुमार के निर्देश पर जिले में अवैध शराब के परिवहन, भंडारण और सेवन के खिलाफ लगातार अभियान चलाया जा रहा है. इसी अभियान के तहत मद्यनिषेध विभाग की टीम को गुप्त सूचना मिली थी. सूचना के आधार पर अधिकारियों ने मस्सा गांव में दबिश दी, जहां झाड़ियों के बीच छिपाकर रखे गए शराब बनाने से जुड़े सामान का पता चला.
यह भी पढ़ें: दरभंगा में शर्मनाक हरकत! मरीज को स्ट्रेचर की जगह गार्ड ने जमीन पर घसीटा- VIDEO
सहायक आयुक्त, मद्यनिषेध प्रदीप कुमार के मुताबिक, तलाशी के दौरान पांच बड़े ड्रम बरामद हुए. इनमें करीब 920 लीटर स्पिरिट भरी हुई थी. इसके अलावा 375 एमएल की 105 खाली बोतलें भी मिलीं. टीम ने मौके से 180 एमएल की पेट बोतलों में रखी 448.920 लीटर अवैध विदेशी शराब भी जब्त की.
14 लाख रुपये के माल की बरामदगी
मद्यनिषेध विभाग के अनुसार, पूरी कार्रवाई में कुल 1 हजार 368.920 लीटर स्पिरिट और अवैध विदेशी शराब बरामद की गई है. जब्त सामग्री की अनुमानित बाजार कीमत करीब 14 लाख रुपये बताई गई है. इतनी बड़ी मात्रा में स्पिरिट और शराब मिलने के बाद विभाग ने मामले को गंभीरता से लिया है और अवैध कारोबार से जुड़े लोगों की तलाश शुरू कर दी है.
अधिकारी के मुताबिक, शराबबंदी वाले बिहार में इस तरह की गतिविधियों को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. जिले में अवैध शराब की आवाजाही, भंडारण और बिक्री पर नजर रखने के साथ संदिग्ध ठिकानों पर लगातार कार्रवाई की जा रही है. प्रशासन का कहना है कि इस कारोबार में शामिल लोगों के खिलाफ सख्त कानूनी कदम उठाए जाएंगे.
जांच के दौरान इस अवैध कारोबार के मुख्य अभियुक्त के रूप में जितेंद्र पासवान का नाम सामने आया है. उसके खिलाफ फरार अभियोग दर्ज किया गया है. फिलहाल आरोपी पुलिस की गिरफ्त से बाहर है और उसकी तलाश की जा रही है. विभाग अब उसके संभावित ठिकानों और संपर्कों के बारे में जानकारी जुटा रहा है.
फरार आरोपी की तलाश, सहयोगियों की पहचान जारी
प्रदीप कुमार ने बताया कि नकली शराब के इस कारोबार में शामिल अन्य लोगों की पहचान के लिए भी जांच चल रही है. टीम यह पता लगाने में जुटी है कि बरामद स्पिरिट और शराब कहां से लाई गई थी और इसके पीछे कौन-कौन लोग सक्रिय हैं. संभावित सहयोगियों की भूमिका सामने आने पर उनके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी.
अधिकारियों के मुताबिक, बरामद सामग्री से यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि अवैध शराब तैयार करने और उसकी सप्लाई का नेटवर्क कितना बड़ा है. जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी. विभाग ने साफ किया है कि शराबबंदी का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ अभियान आगे भी जारी रहेगा.
दरभंगा में हुई इस कार्रवाई के बाद अवैध शराब के कारोबार में शामिल लोगों के बीच हड़कंप मचा हुआ है. पांच ड्रमों में रखी भारी मात्रा में स्पिरिट और विदेशी शराब की बरामदगी ने इस नेटवर्क की गंभीरता को सामने ला दिया है. फिलहाल, मुख्य आरोपी की गिरफ्तारी और उसके अन्य सहयोगियों तक पहुंचना पुलिस व मद्यनिषेध विभाग के लिए अगली चुनौती है.
चौधरी निशाकर