बिहार में 551 स्कूल भगवा रंग में रंगे जा रहे... विपक्ष के साथ-साथ JDU ने भी जताई चिंता

बिहार में सम्राट चौधरी के अगुवाई वाली एनडीए सरकार के फरमान के बाद 551 मॉडल स्कूलों को भगवा रंग में रंगा जा रहा है. इतना ही नहीं स्कूल के नाम भी बदल दिए हैं, जिसे लेकर विपक्षी दल कांग्रेस और आरजेडी ने सवाल उठाए हैं तो जेडीयू ने भी चिंता जाहिर की है.

Advertisement
बिहार के मॉडल स्कूल का भगवाकरण (Photo-social media) बिहार के मॉडल स्कूल का भगवाकरण (Photo-social media)

कुबूल अहमद

  • नई दिल्ली,
  • 20 जुलाई 2026,
  • अपडेटेड 2:20 PM IST

बिहार की सम्राट चौधरी की अगुवाई वाली सरकार ने 551 मॉडल स्कूलों को भगवा रंग में रंगने के फैसले के साथ स्कूल के नाम बदलकर 'सरस्वती विद्या निकेतन' कर दिया है. सीएम सम्राट चौधरी ने रविवार को उद्घाटन किया. उन्होंने कहा कि कवि रामधारी सिंह दिनकर की जन्मभूमि बेगुसराय में 551वें सरस्वती विद्या निकेतन का उद्घाटन करके हमने शिक्षा के क्षेत्र में एक नए युग की शुरुआत की है.

Advertisement

सम्राट चौधरी ने कहा कि इन स्कूलों में आधुनिक डिजिटल बुनियादी ढांचा, ई-लाइब्रेरी और स्मार्ट क्लासरूम मौजूद हैं. अब इन स्कूलों में लाइव इंटरैक्टिव कक्षाओं के अलावा मुफ्त जेईई और नीट कोचिंग भी उपलब्ध कराई जाएगी. सरकार का मकसद यह पक्का करना है कि हर बच्चे को टेक्नोलॉजी और मूल्यों पर आधारित शिक्षा मिले.

सीएम सम्राट चौधरी ने कहा कि सरकार सरकारी स्कूलों को अपग्रेड कर रही है ताकि उन्हें प्राइवेट स्कूलों जैसा शैक्षणिक माहौल मिल सके. ग्रामीण व आर्थिक रूप से कमज़ोर वर्गों के बच्चों को भी शिक्षा के समान अवसर मिलें. मॉडल स्कूल को भगवा रंग में रंगने और नाम बदलने को लेकर विपक्ष ने सवाल खड़े किए तो सहयोगी जेडीयू ने भी अपनी चिंता जाहिर की है. 

मॉडल स्कूल को भगवा रंग में रंगने का फरमान
बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने 'मॉडल स्कूलों' का नाम बदलकर 'सरस्वती विद्या निकेतन' किया. इसके साथ ही राज्य के सभी 551 मॉडल स्कूलों को भगवा रंग में रंगने के फैसले किया. बिहार शिक्षा विभाग ने इन स्कूलों को जारी एक आदेश में उन्हें तुरंत केसरिया रंग-रूप अपनाने का निर्देश दिया. 

Advertisement

हालांकि, इन सभी स्कूलों का मौजूदा गुलाबी, आसमानी नीले या पीले रंग के बजाय केसरिया रंग में रंगने के फैसले की आलोचना हो रही है. न केवल विपक्ष, बल्कि बीजेपी की मुख्य सहयोगी जेडीयू ने भी सवाल उठाए हैं.

सरकार इस कदम का बचाव करते हुए BJP के प्रदेश उपाध्यक्ष संतोष पाठक ने कहा कि रंग का चुनाव ऊर्जा और सकारात्मकता” को दर्शाता है. उन्होंने कहा, विपक्ष बेवजह बुनियादी ढांचे में किए जा रहे प्रगतिशील सुधारों का राजनीतिकरण कर रहा है.  बिहार के शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने कहा था कि विपक्ष बड़े पैमाने पर लागू किए जा रहे शैक्षिक सुधारों को देखने के बजाय हर चीज़ को RSS के नज़रिए से देख रहा है. 

स्कूल के भगवा रंग रंगने पर जेडीयू ने जताई चिंता
इंडियन एक्सप्रेस को मुताबिक बिहार के मॉडल को भगवा रंग में रंगने पर चिंता जताते हुए  जेडीयू के मुख्य प्रवक्ता नीरज कुमार ने कहा कि शिक्षा का कोई रंग नहीं होता. इसे केवल संविधान की प्रस्तावना में निहित भावना के अनुरूप होना चाहिए, न कि स्कूल की दीवारों पर किसी खास रंग के. हमारी एक और चिंता यह है कि बिहार के कई स्कूलों के लिए ज़मीन दान करने वालों के नाम 'सरस्वती विद्या निकेतन' के साइनबोर्ड के नीचे लिखे जा रहे हैं. आदर्श रूप से, दानदाताओं के नाम नए नाम से पहले होने चाहिए.

Advertisement

बिार के एक मॉडल स्कूल के हेडमास्टर ने नाम न बताने की शर्त पर कहा कि स्कूल अधिकारियों से स्कूल इमारतों को जल्द से जल्द केसरिया रंग में रंगने के लिए कहा गया था. पहले रंग को लेकर कोई खास नियम नहीं थे. कभी पीला, कभी गुलाबी तो कभी आसमानी नीला रंग होता था. हाल के दिनों में ज़्यादातर स्कूलों को गुलाबी रंग से रंगा गया है. हालांकि, ये फ़ैसले पहले हेडमास्टर की मर्ज़ी पर छोड़े गए थे.

शिक्षा विभाग के नए पत्र में कहा गया है कि सभी मॉडल स्कूलों में एक जैसा रंग होना चाहिए. बाहरी दीवारों का रंग केसरिया, क्लासरूम की अंदरूनी दीवारों का रंग सफ़ेद और मुख्य गेट का रंग सुनहरा होना चाहिए. 

विपक्ष ने बताया आरएसएस का मॉडल
आरजेडी के राष्ट्रीय प्रवक्ता सुबोध कुमार मेहता ने हमें इसका अंदाज़ा था. यह शिक्षा के भगवाकरण की शुरुआत है. यह शिक्षा का आरएसएस मॉडल है. बिहार में जिस दिन बीजेपी के नेतृत्व वाली एनडीए सरकार ने मॉडल स्कूलों का नाम बदलकर सरस्वती विद्या निकेतन करने का फ़ैसला किया, उसी दिन हमें आरएसएस के एजेंडे की भनक लग गई थी. 

बिहार कांग्रेस के प्रवक्ता असित नाथ तिवारी ने कहा कि बीजेपी रंग बदलने में माहिर है. वे अब शिक्षा को एक निश्चित रंग देने की कोशिश कर रहे हैं, जो लोकतंत्र के लिए सही है, इससे यह भी संकेत मिलता है कि बिहार नीतीश कुमार के बाद के दौर में प्रवेश कर चुका है. बीजेपी धीरे-धीरे आरएसएस के जाल में फंस रही है. 

---- समाप्त ----

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement
Latest News in Hindi »