'TJ + PK = BJP/NDA ZERO', रोहिणी आचार्य ने बताया बिहार में बीजेपी को हराने का फॉर्मूला

बिहार MLC चुनाव नतीजों के बाद लालू यादव की बेटी रोहिणी आचार्या ने 'TJ + PK = BJP ZERO' का नया फॉर्मूला दिया है. उन्होंने कहा कि यदि तेजस्वी यादव और प्रशांत किशोर (जन सुराज) के वोट जुड़ जाएं तो एनडीए सभी 8 सीटें हार जाएगा.

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MLC चुनाव नतीजों के बाद रोहिणी आचार्या ने नया फॉर्मूला दिया है. (Photo-ITG) MLC चुनाव नतीजों के बाद रोहिणी आचार्या ने नया फॉर्मूला दिया है. (Photo-ITG)

aajtak.in

  • पटना,
  • 30 अक्टूबर 2026,
  • अपडेटेड 7:51 AM IST

बिहार में हाल ही में संपन्न हुए विधान परिषद (MLC) चुनावों के नतीजों के बाद राज्य की राजनीति में एक नए राजनीतिक समीकरण की चर्चा शुरू हो गई है. राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के राष्ट्रीय अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव की बेटी रोहिणी आचार्या ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट के जरिए नया सियासी फॉर्मूला पेश किया है.

रोहिणी ने सुझाव दिया है कि अगर तेजस्वी यादव (TJ) और जन सुराज पार्टी के संस्थापक प्रशांत किशोर (PK) हाथ मिला लें, तो राज्य में भारतीय जनता पार्टी (BJP) और एनडीए (NDA) को शून्य पर समेटा जा सकता है.

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रोहिणी आचार्य ने एक्स पर पोस्ट करते हुए लिखा, “बिहार में हुए एमएलसी चुनावों ने बीजेपी/एनडीए को हराने का फॉर्मूला दे दिया है. TJ + PK = BJP/NDA ZERO. राजद और जन सुराज को मिले वोट को अगर जोड़ दिया जाए तो बीजेपी/एनडीए सभी आठ सीटों पर प्रथम चरण में ही हार जाएगी. आगे-आगे देखिए होता है क्या!”

इस पोस्ट के जरिए रोहिणी ने तेजस्वी यादव और प्रशांत किशोर के बीच संभावित राजनीतिक तालमेल की ओर इशारा किया. उन्होंने अपने संदेश में यह भी संकेत दिया कि विपक्षी दलों के वोटों का बंटवारा रोकना चुनावी रणनीति का अहम हिस्सा हो सकता है.

यह भी पढ़ें: बिहार MLC चुनाव में बड़ा उलटफेर: 8 सीटों के नतीजे घोषित, RJD को दो सीटों का फायदा, NDA को झटका और जन सुराज का खाता खुला

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MLC चुनाव के आंकड़े और राजनीतिक संभावना
हाल ही में हुए विधान परिषद (MLC) चुनावों में प्रशांत किशोर की जन सुराज पार्टी ने 1 सीट पर जीत दर्ज की, जबकि लालू यादव की राजद को 2 सीटें मिलीं. हालांकि, दोनों दलों को मिले कुल वोटों का जोड़ यह दिखाता है कि यदि विपक्ष का यह वोट बैंक एक साथ आता है, तो एनडीए के लिए राह काफी मुश्किल हो सकती है. हालांकि, अलग-अलग उम्मीदवारों, क्षेत्रों और चुनावी परिस्थितियों में मिले वोटों को जोड़कर संभावित नतीजे निकालना अपने आप में एक राजनीतिक गणित है, इसकी पुष्टि वास्तविक चुनावी नतीजों से नहीं होती.

रोहिणी आचार्य की इस टिप्पणी के बाद बिहार की राजनीति में आरजेडी और जन सुराज के संभावित तालमेल को लेकर चर्चा शुरू हो गई है. अब देखना होगा कि तेजस्वी यादव और प्रशांत किशोर की ओर से इस सुझाव पर कोई प्रतिक्रिया आती है या नहीं.

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