बिहार कैबिनेट की बैठक में 10 एजेंडों पर मुहर, स्किल ट्रेनिंग के लिए 430 करोड़ मंजूर

बिहार की कैबिनेट ने महत्वपूर्ण फैसले लिए हैं जिनमें B.Ed कॉलेजों को बहुविषयक डिग्री कॉलेजों में विकसित करने का निर्णय शामिल है. इसके साथ ही युवाओं को आधुनिक कौशल प्रशिक्षण देने के लिए 430.08 करोड़ रुपये की राशि स्वीकृत की गई है.

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बिहार में सम्राट कैबिनेट की बैठक में कई एजेंडो पर मुहर लगी है  (Photo: ITG) बिहार में सम्राट कैबिनेट की बैठक में कई एजेंडो पर मुहर लगी है (Photo: ITG)

शशि भूषण कुमार

  • पटना,
  • 12 अगस्त 2026,
  • अपडेटेड 8:48 PM IST

पटना के मुख्य सचिवालय में बुधवार को सीएम सम्राट की कैबिनेट की बैठक हुई. बैठक में कुल 10 एजेंडों पर मुहर लगाई गई. कैबिनेट ने बिहार के B.Ed कॉलेजों को लेकर बड़ा फैसला किया है. इसके अलावा युवाओं को भविष्य की जरूरतों के मुताबिक स्किल ट्रेनिंग देने के लिए 430.08 करोड़ रुपये की राशि को मंजूरी दी गई है.

राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 और राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद (NCTE) के दिशा-निर्देशों के मुताबिक, बिहार में संचालित स्टैंड-अलोन निजी शिक्षक शिक्षा संस्थानों यानी B.Ed कॉलेजों को अब बहुविषयक डिग्री कॉलेजों के रूप में विकसित किया जाएगा. इस फैसले के बाद इन कॉलेजों में सिर्फ B.Ed की पढ़ाई तक सीमित रहने के बजाय कला, विज्ञान और वाणिज्य समेत अन्य विषयों के स्नातक पाठ्यक्रम भी चलाए जा सकेंगे. इसके अलावा कौशल आधारित पाठ्यक्रम शुरू करने का भी रास्ता साफ हो गया है.

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कुशल युवा कार्यक्रम के लिए 430 करोड़ मंजूर

कैबिनेट ने सात निश्चय-3 के तहत कुशल युवा कार्यक्रम को वित्तीय वर्ष 2026-27 से 2030-31 तक आगे बढ़ाने की मंजूरी दी है. इसके लिए 430.08 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं. इस कार्यक्रम के तहत युवाओं को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), ड्रोन, सोलर टेक्नोलॉजी, नेटवर्किंग, डिजिटल मार्केटिंग, बैंकिंग, टेली, विदेशी भाषाओं और उद्यमिता जैसे क्षेत्रों में प्रशिक्षण दिया जाएगा. सरकार के मुताबिक, इससे प्रत्यक्ष रूप से 6,436 रोजगार के अवसर पैदा होंगे, जबकि हर साल 2.57 लाख से अधिक युवाओं को प्रशिक्षण दिया जा सकेगा.

कैबिनेट ने ग्रीनफील्ड सैटेलाइट शहरों से जुड़ा भी अहम फैसला लिया है. विकास योजना के अंतिम प्रकाशन के बाद इन क्षेत्रों में जमीन की खरीद-बिक्री और हस्तांतरण पर लगी रोक हटा दी गई है. इसके साथ ही बिहार नगर विकास प्राधिकरण को विकास योजना के प्रारूप प्रकाशन के बाद भूमि के क्रय-विक्रय या हस्तांतरण पर लगी रोक हटाने का अधिकार दिया गया है. हालांकि, इन क्षेत्रों में भूमि विकास और भवन निर्माण प्राधिकरण की विकास योजना और संबंधित विकास नियंत्रण विनियम (DCR) के तहत ही नियंत्रित किए जाएंगे.

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