Reliance ने रोल्स-रॉयस से मिलाया हाथ, भारत में बनाएगी फाइटर जेट का इंजन

स्वदेशी फाइटर जेट इंजन को लेकर एक बड़ी अपडेट सामने आई है. रिलायंस और रोल्स-रॉयस ने भारत में एडवांस मीडियम कॉम्बैट एयरक्राफ्ट का इंजन बनाने के लिए पार्टनरशिप की है. इस पार्टनरशिप का मकसद भारत में एएमसीए फाइटर जेट्स के लिए इंजन की टेक्नोलॉजी को विकसित करना है. आइए जानते हैं ये पार्टरनशिप क्यों जरूर है.

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रिलायंस और रोल्स रॉयस मिलकर भारत में AMCA फाइटर जेट का इंजन बनाएंगे. (Photo: Hal/DRDO) रिलायंस और रोल्स रॉयस मिलकर भारत में AMCA फाइटर जेट का इंजन बनाएंगे. (Photo: Hal/DRDO)

आजतक ऑटोमोबाइल डेस्क

  • नई दिल्ली,
  • 14 अगस्त 2026,
  • अपडेटेड 7:28 PM IST

भारत के एडवांस मीडियम कॉम्बैट एयरक्राफ्ट (AMCA) प्रोग्राम से जुड़ी एक बड़ी जानकारी सामने आई है. देश को जल्द ही एक स्वदेशी इंजन मिल सकता है. रिलायंस इंडस्ट्रीज और ब्रिटेन की रोल्स रॉयस ने भारत में एक स्वदेशी कॉम्बैट एयरक्राफ्ट इंजन बनाने के लिए साझेदारी का ऐलान किया है. 

रोल्स-रॉयस को ज्यादातर लोग सिर्फ कारों के लिए जानते हैं, लेकिन ब्रिटेन की ये दिग्गज कंपनी एयरक्राफ्ट के इंजन भी बनाती है. दोनों कंपनियां मिलकर एडवांस मीडियम कॉम्बैट एयरक्राफ्ट के इंजन के डिजाइन, डेवलपमेंट, मैन्युफैक्चरिंग समेत दूसरी क्षमताओं को देश में विकसित करने पर काम करेंगी. 

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इस पार्टनरशिप के तहत दोनों कंपनियां भारत में एक एयरोस्पेस गैस टर्बाइन कॉम्प्लेक्स बनाने की संभावनाओं को तलाशेंगी. इसे देश में पावर और प्रोपल्शन टेक्नोलॉजी के लिए सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के तौर पर विकसित करने की तैयारी है.

क्यों अहम है ये पार्टनरशिप?

AMCA भारत का अगली पीढ़ी का स्वदेशी फाइटर जेट प्रोग्राम है. इसका मकसद भारतीय वायुसेना के लिए एक एडवांस्ड स्टील्थ फाइटर एयरक्राफ्ट तैयार करना है. ऐसे किसी भी फाइटर जेट की सबसे महत्वपूर्ण टेक्नोलॉजी में से एक उसका एयरो-इंजन होता है. भारत के सामने फिलहाल सबसे बड़ी चुनौती इंजन बनाने की है. 

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रिलायंस और रोल्स रॉयस की पार्टनरशिप का फोकस इसी टेक्नोलॉजी को भारत में डेवलप करने और मैन्युफैक्चरिंग कैपेसिटी को तैयार करने पर होगा. इससे भारत को फाइटर जेट इंजन के लिए विदेशी टेक्नोलॉजी और सप्लाई पर निर्भरता कम करने में मदद मिल सकती है.

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दोनों कंपनियों की मानें, तो प्रस्तावित एयरोस्पेस गैस टर्बाइन कॉम्प्लेक्स के जरिए भारत में इंजन से जुड़ी एंड-टू-एंड टेक्नोलॉजी डेवलप करने की कोशिश होगी. 

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रिलायंस इंडस्ट्रीज के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर अनंत अंबानी ने कहा कि रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण टेक्नोलॉजी में आत्मनिर्भर क्षमता भारत की स्ट्रैटजीक ऑटोनॉमी (रणनीतिक स्वायत्तता) के लिए जरूरी है. हमारी कोशिश रोल्स-रॉयस की एडवांस्ड प्रोपल्शन टेक्नोलॉजी और रिलायंस की टेक्नोलॉजी, मैन्युफैक्चरिंग, बड़े स्तर पर प्रोडक्शन की क्षमता के साथ भारत में स्वदेशी एयरो-इंजन इकोसिस्टम तैयार करने की है.

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