एक वक्त था जब दुनियाभर में लोगों को यूरोपियन कारें पसंद आती थी. फिर इलेक्ट्रिक कारों को लेकर टेस्ला पॉपुलर हुई, लेकिन अब दौर आया है चीनी कारों का. अलग-अलग बाजारों में चीनी कारें तेजी से पॉपुलर हो रही हैं. हालांकि, बहुत से देशों में चीनी कंपनियों को लेकर नियम सख्त हैं, जिसकी वजह से ये कंपनियां उन बाजारों तक पहुंच नहीं पा रही हैं.
ऐसा ही कुछ अमेरिकी बाजार के लिए सामने आया है. रिपोर्ट्स कि मानें, तो अगर अमेरिकी बाजार में चीनी कंपनियों के रास्ते आसान हो जाते हैं, तो 2038 तक लगभग 10 परसेंट मार्केट पर चीनी ऑटोमेकर्स का कब्जा हो जाएगा. ब्लूमबर्ग ने अपने फोरकास्ट में मार्केट रिसर्च फर्म मोबिलिटी ग्लोबल के अनुमान के आधार पर जानकारी दी है.
मोबिलिटी ग्लोबल ने अलग-अलग स्थितियों में अमेरिकी बाजार में चीनी कंपनियों के प्रदर्शन को लेकर संभावना व्यक्त की है. ऐसे ही एक सिनेरियो में फर्म ने बताया है कि चीनी ऑटोमेकर्स अमेरिकी बाजार में सालाना 17 लाख गाड़ियां बेच सकते हैं. ये अमेरिकी बाजार में बिकने वाली कारों का 11 फीसदी होगा.
इस रिपोर्ट को मोबिलिटी ग्लोबल के यूएस व्हीकल फोरकास्ट एसोसिएट डायरेक्टर पीटर नेगल ने पेश किया है. इस सिनेरियो में माना गया है कि यूएस में नॉर्थ अमेरिका में बनी चीनी कारों को एंट्री दे दी जाती है, जबकि चीन से इंपोर्ट होने वाली कारों पर हाई टैरिफ का कोई फायदा नहीं मिल रहा है.
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नेगल बताते हैं कि इस स्थिति में कम से मॉडरेटेड स्तर की संभावना है कि 10 सालों में नॉर्थ अमेरिका में बनी इन गाड़ियों पर लगे प्रतिबंधों को हटाया जाएगा. यानी इस फोरकास्ट के सच होने के लिए पॉलिसी में बड़े बदलाव जरूरी होंगे. चीनी कंपनियों की इस ग्रोथ की वजह अफोर्डेबिलिटी होगी.
पीटर ने बताया कि दूसरे मार्केट में चीनी कंपनियों की कॉम्पैक्ट और मिडसाइज क्रॉसओवर जिस कीमत पर आती हैं, उस कीमत पर अमेरिकी मार्केट में एक एवरेज यूज्ड कार मिलती है. अगर उसी कीमत पर चीनी गाड़ियां अमेरिकी बाजार में मिलने लगें, तो अमेरिकी मार्केट में नई कारों की मांग बढ़ेगी.
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रिपोर्ट में कयास लगाया गया है कि इस स्थिति में बीवाईडी (BYD), गीली ऑटो (Geely Auto) और सीएआईसी मोटर (SAIC Motor) जैसी कंपनियां मेक्सिको स्थित फैक्टरियों से 2029 तक व्हीकल एक्सपोर्ट करना शुरू कर सकेंगी.
वहीं 2030 तक कंपनियां अमेरिकी फैक्टरियों में प्रोडक्शन शुरू कर पाएंगी, जब उनके पॉपुलर मॉडल्स की ऐनुअल सेल्स 40 हजार व्हीकल्स के पार पहुंच जाए. ये फोरकास्ट ऐसे वक्त पर आया है, जब अमेरिका और चीन के बीच हाई-लेवल बातचीत का अगला दौर शुरू हुआ है.
आजतक ऑटोमोबाइल डेस्क