Bharat NCAP 2.0: भारत न्यू कार असेसमेंट प्रोग्राम (Bharat NCAP) का दूसरा चरण जल्द ही शुरू होने जा रहा है. केंद्रीय सड़क परिवहन राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने आज दिल्ली में आयोजित एक कार्यक्रम में कहा कि, अगले साल से Bharat NCAP 2.0 प्रोग्राम की शुरुआत होगी. देश का ये सेफ्टी टेस्ट प्रोग्राम दुनिया भर में मशहूर हो रहा है, यही कारण है कि, हाल ही में मोरक्को में इसे इंटरनेशनल अवार्ड भी मिला है.
सोसाइटी ऑफ इंडियन ऑटोमोबाइल मैन्युफैक्चरर्स (SIAM) के 66ठवें एनुअल कन्वेंशन के दौरान केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने कहा कि, "भारत न्यू कार असेसमेंट प्रोग्राम का अगला फेज (Bharat NCAP 2.0) अगले साल अक्टूबर 2027 से शुरू होने जा रहा है. इस नए प्रोग्राम के तहत पूरे सेफ्टी चेन का फिर से मूल्यांकन किया जाएगा." इसके लिए तैयारी की जा चुकी हैं और जल्द ही वाहन निर्माताओं और सम्बंधित एजेंसियों को भी इस नए अपडेट के बारे में जानकारी दी जाएगी.
गडकरी ने कहा कि, वाहन की मजबूती और पैसेंजर की सेफ्टी दोनों ही बहुत जरूरी है. क्योंकि भारत में रोड एक्सीडेंट एक बड़ी समस्या है. सड़क हादसों के मामले में हम दुनिया में नंबर वन है. हर साल देश में तकरीबन 5 लाख सड़क हादसों में तकरीबन 1.80 लाख लोगों की मौत हो जाती है. इतना ही नहीं, इन हादसों में जो मौते होती हैं उनमें सबसे ज्यादा (60%) वो लोग शामिल होते हैं जिनकी उम्र 18 से 36 साल के बीच होती है.
गडकरी ने कहा कि, "हमें किसी भी कीमत पर इस समस्या से पार पाना है. हम कई अलग-अलग चीजों पर काम कर रहे हैं. लेकिन कुछ बातों पर सबके सहयोग की जरूरत है. एक्सीडेंट से बचने, पैसेंजर की सेफ्टी और सड़क पर चलने वाले पैदल यात्रियों की सुरक्षा के लिए कई आधुनिक तकनीक आ चुकी हैं. इनमें से कुछ ग्लोबल लेवल पर मौजूद हैं और कुछ हमारे यहां के स्टार्टअप्स द्वारा तैयार किया गया है."
Bharat NCAP 2.0 के इस नए फेज में इस नए मॉडर्न सेफ्टी टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल किया जाएगा. इसके लिए नए क्रैश टेस्ट सिस्टम और उसके नियमों का मूल्यांकन किया जाएगा. इसके बाद इस नए क्रैश टेस्ट प्रोटोकॉल को लागू करने की योजना है.
ग्लोबल क्रैश टेस्ट से सस्ता है Bharat NCAP
भारत न्यू कार असेसमेंट प्रोग्राम के बारे में नितिन गडकरी ने कहा कि, "ग्लोबल न्यू कार असेसमेंट प्रोग्राम के तुलना में Bharat NCAP तकरीबन 75 फीसदी सस्ता है. जहां ग्लोबल NCAP में वाहनों के क्रैश टेस्ट के लिए प्रति वाहन तकरीबन 2.5 करोड़ रुपये खर्च होते हैं, वहीं इंडियन क्रैश टेस्ट प्रोग्राम में इस टेस्ट का खर्च केवल 60 लाख रुपये प्रति वाहन होता है."
गडकरी ने कहा कि, "अब तक इस प्रोग्राम के तहत 11 अलग-अलग कंपनियों के 30 से ज्यादा वाहनों का क्रैश टेस्ट किया जा चुका है. कम खर्च और कम समय लगने के कारण Bharat NCAP को दुनिया भर में पसंद किया जा रहा है और कुछ विदेश वाहन निर्माताओं ने भी इस प्रोग्राम के तहत अपने वाहनों के क्रैश टेस्ट कराए जाने की इच्छा जाहिर की है."
अश्विन सत्यदेव