ड्रमस्टिक (सहजन/मोरिंगा) की खेती किसानों के लिए लंबे समय तक कमाई का मजबूत जरिया बनती जा रही है. विशेषज्ञों के अनुसार यह ऐसी फसल है जिसे एक बार लगाने के बाद कई सालों तक लगातार उत्पादन लिया जा सकता है, जिससे किसानों को स्थायी आय का मौका मिलता है.
रिपोर्ट्स के मुताबिक ड्रमस्टिक का पौधा रोपण के करीब 6–8 महीने बाद उत्पादन देना शुरू कर देता है और इसके बाद सही देखभाल के साथ यह 7 से 10 साल तक लगातार फल देता है. एक बार स्थापित होने के बाद यह साल में 1–2 बार फल देता है, जिससे किसानों को नियमित कमाई होती रहती है,
कम लागत, ज्यादा मुनाफे वाली फसल
ड्रमस्टिक को एक कम निवेश और ज्यादा रिटर्न देने वाली फसल माना जाता है. यह सूखा सहन करने वाली और कम पानी में भी अच्छी तरह बढ़ने वाली फसल है, इसलिए इसे कम उपजाऊ जमीन में भी उगाया जा सकता है. इसकी सबसे बड़ी खासियत यह है कि पौधे का हर हिस्सा यानी फलियां, पत्तियां और बीज बाजार में बिकता है.
विशेषज्ञों का कहना है कि सही किस्म और बेहतर खेती तकनीक अपनाने पर प्रति एकड़ कई टन तक उत्पादन मिल सकता है, जिससे किसानों को अच्छी आय होती है.
बढ़ती बाजार मांग
ड्रमस्टिक की मांग सिर्फ सब्जी के रूप में ही नहीं बल्कि पोषण और औषधीय उत्पादों में भी तेजी से बढ़ रही है. इसके पत्तों से पाउडर, बीज से तेल और फली से सब्जी तैयार की जाती है, जिससे इसकी बाजार वैल्यू लगातार बनी रहती है.
क्यों फायदेमंद है यह खेती?
कृषि विशेषज्ञों के अनुसार, बदलते मौसम और बढ़ती लागत के बीच ड्रमस्टिक जैसी फसलें किसानों के लिए बेहतर विकल्प बन सकती हैं. सही प्रबंधन के साथ यह खेती लंबे समय तक स्थिर और लाभकारी आय का स्रोत बन सकती है.