केंद्र और राज्य सरकारें किसानों को वित्तीय सहायता देने और किसानों की आय को बढ़ाने के लिए कई योजनाएं चला रही हैं. कुछ योजनाओं के तहत किसानों को वित्तीय सहायता दी जाती है, तो कुछ स्कीम में सब्सिडी जारी की जाती है. यहां पांच ऐसी स्कीम्स के बारे में बताया गया है, जिसके तहत सरकार किसानों की आर्थिक मदद करती है.
PM-KUSUM: किसानों को सोलर पंप लगाने और मौजूदा कृषि पंपों के सोलराइजेशन में सहायता मिलती है. नेशनल पोर्टल के मुताबिक, केंद्रीय सहायता सामान्य राज्यों में लागत के 30% तक और कुछ खास क्षेत्रों में 50% तक हो सकती है. राज्य सरकार की सहायता भी जुड़ सकती है.
ड्रिप-स्प्रिंकलर पर 55% तक सब्सिडी: PMKSY के प्री ड्रॉप मोर क्रॉप में छोटे और सीमांत किसानों के लिए 55% और अन्य किसानों के लिए 45% वित्तीय सहायता मिलती है.
कृषि मशीनरी पर सब्सिडी: SMAM के तहत ट्रैक्टर, पावर टिलर और दूसरे कृषि उपकरणों की खरीद के लिए सहायता दी जाती है. 2026-27 में भी इसका DBT पोर्टल चालू है और राज्य अपने लक्ष्य के अनुसार आवेदन लेते हैं.
पॉलीहाउस खेती: MIDH के तहत संरक्षित परिस्थितियों में व्यावसायिक बागवानी परियोजनाओं के लिए 50% तक क्रेडिट-लिंक्ड सब्सिडी, अधिकतम ₹1 करोड़ प्रति प्रोजेक्ट तक का प्रावधान रखा गया है. यानी किसानों को इस योजना के तहत एक करोड़ रुपये की सब्सिडी मिल सकती है.
PM-KISAN योजना: पात्र किसानों को साल में ₹6,000 की सहायता तीन बराबर किस्तों में सीधे बैंक खाते में दी जाती है. यह केंद्र सरकार की ओर से चलाई जाने वाली स्कीम है.
गौरतलब है कि सब्सिडी की वास्तविक राशि किसान की कैटेगरी, राज्य, जमीन का क्षेत्रफल, मशीन/प्रोजेक्ट, लागत सीमा और राज्य की योजना पर निर्भर करता है. अगर आप इन योजनाओं का लाभ लेना चाहते हैं तो इन योजनाओं के अधिकारिक वेबसाइट पर जाकर आवेदन कर सकते हैं और पात्रता, दस्तावेज आदि की विस्तार से जांच कर सकते हैं.