सोचिए, दुनिया के तीन सबसे ताकतवर नेता मिलकर अंतरराष्ट्रीय राजनीति का भविष्य तय करने बैठें और जिस देश का मुद्दा सबसे बड़ा हो, उसे उस मीटिंग में बुलाया ही न जाए! रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने अगले महीने चीन में होने वाले एपेक (APEC) शिखर सम्मेलन के दौरान अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग के साथ एक संभावित मुलाकात का प्रस्ताव रखा है. क्रेमलिन ने माना है कि बातचीत में यह विचार जरूर आया था, लेकिन अभी कोई एजेंडा तय नहीं है. तो क्या दुनिया के बड़े फैसले अब भी अंतरराष्ट्रीय सम्मेलनों में होते हैं या फिर असली सौदेबाजी बंद कमरों में तीन बड़े देशों के बीच सिमट कर रह गई है?