पाकिस्तान ने अमेरिका और ईरान के बीच मध्यस्थता कराने के बदले डोनाल्ड ट्रंप से 10 अरब डॉलर यानी करीब 10 बिलियन डॉलर की मांग कर दी है. आईएमएफ (IMF) से बार-बार मिलने वाली खैरात के बाद भी पाकिस्तान का पेट नहीं भरा है. भारत सालों से दुनिया को आगाह करता रहा है कि पाकिस्तान को मिलने वाला पैसा आतंक की फंडिंग में जाता है. यहां तक कि दुनिया का सबसे बड़ा आतंकी ओसामा बिन लादेन भी पाकिस्तान में ही छिपा हुआ मिला था. तो सवाल यह है कि क्या अमेरिका शांति के नाम पर पाकिस्तान को एक और ब्लैंक चेक देने जा रहा है?