अमेरिका में अलबामा के टस्कालूसा में शुक्रवार को भारतीय मूल के डॉक्टर की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी. पीड़ित की पहचान आंध्र प्रदेश के तिरुपति जिले के डॉ रमेश बाबू पेरामसेटी के रूप में हुई, जो घटनास्थल पर ही मृत पाए गए. 38 साल के अनुभव के साथ, वह एक मशहूर डॉक्टर थे, जिन्होंने लोकल डॉक्टरों की मदद से क्रिमसन नेटवर्क की स्थापना की थी.
क्रिमसन केयर नेटवर्क टीम ने फेसबुक पर एक बयान जारी कर पेरामसेटी की मृत्यु की पुष्टि की. बयान में कहा गया, “जैसा कि कई लोग इस समय जानते होंगे, हमें डॉ रमेश पेरामसेटी के निधन की जानकारी मिली है. पेरामसेटी परिवार ने हमसे अनुरोध किया है कि हम उनके गम के इस समय में उन्हें प्राइवेसी दें. उन्हें ढेर सारा प्यार और विश्वास मिला है. हम उन्हें वैसे ही सम्मानित करना जारी रखेंगे जैसा वह चाहते थे. आपकी समझदारी के लिए धन्यवाद.”
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अमेरिका में बसा है डॉक्टर का परिवार
एक अन्य पोस्ट में, क्रिमसन केयर नेटवर्क ने लिखा, “कृपया इस मुश्किल समय में पेरामसेटी और क्रिमसन केयर नेटवर्क परिवार को अपनी प्रार्थनाओं में शामिल रखें. हम उनकी विरासत को सम्मानित करना जारी रखेंगे. हमारे क्लिनिक संक्रमणकाल में खुले रहेंगे.” पेरामसेटी अपने पीछे पत्नी, दो पुत्र और दो पुत्रियों से भरा परिवार छोड़ गए हैं, जो सभी अमेरिका में बसे हुए हैं.
डॉ रमेश बाबू पेरामसेटी कौन थे?
पेरामसेटी ने मेडिकल कॉलेज ऑफ विस्कॉन्सिन और श्री वेंकटेश्वर मेडिकल कॉलेज से 1986 में ग्रेजुएशन किया था. उनकी विशेषता आपातकालीन चिकित्सा और पारिवारिक चिकित्सा में थी और वे डिप्लोमा इन चाइल्ड हेल्थ (डीसीएच) रीजनल मेडिकल सेंटर से भी जुड़े हुए थे. टस्कालूसा के साथ-साथ, उन्होंने अन्य चार स्थानों पर विभिन्न अस्पतालों में काम किया था.
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कोविड-19 महामारी के दौरान, पेरामसेटी ने प्रभावित लोगों को बड़े स्तर स्वास्थ्यसेवा दी थी. स्थानीय रिपोर्टों के मुताबिक, उन्हें उनके गहरे योगदान के लिए कई पुरस्कार मिले थे. दिवंगत डॉक्टर सामाजिक कार्यों में भी सक्रिय थे, उन्होंने आंध्र प्रदेश राज्य के मेनकुरु हाई स्कूल को लगभग 17 हज़ार डॉलर या 14.2 लाख का दान दिया था.