अमेरिका और ईरान में बातचीत और शांति की कोशिशें फिर हो सकती है. ट्रंप खुद कह चुके हैं कि अगले दो दिन अहम है. बातचीत हो सकती है. पिछले असफल बातचीत के बाद नई दौर की बातचीत में क्या कुछ नतीजा निकल पाएगा? देखें US-Top 10.
स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पर अमेरिका की सख्त नाकेबंदी ने पश्चिम एशिया में तनाव और बढ़ा दिया है. 10 हजार से ज्यादा अमेरिकी सैनिक, युद्धपोत और एयरक्राफ्ट इस ऑपरेशन में जुटे हैं. नाकेबंदी से यहां जहाजों की आवाजाही पर असर पड़ा है. इधर ईरान भी अमेरिका को जवाब देने के लिए पूरी कोशिश में है. देखें US-Top 10.
इस्लामाबाद में अमेरिका और ईरान के बीच शांति वार्ता फेल होने के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अब ईरान को नई धमकी दी है. उन्होनें सोशल मीडिया पर पोस्ट कर आर्टिकल साझा कर लिखा कि अमेरिका के पास युद्धपोत से ईरान की घेराबंदी का विकल्प मौजूद है.
अमेरिका के उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने इस्लामाबाद में ईरान के साथ हुई शांति वार्ता पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि 21 घंटों तक चली ये शांति वार्ता नाकाम रही. उन्होनें बताया कि ईरान ने परमाणु हथियार नहीं बनाने समेत कोई शर्त नहीं मानी है. इस घोषणा के बाद जेडी वेंस अपने डेलीगेशन के साथ अमेरिकी लौट गए.
ईरान से बातचीत के बीच डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया कि होर्मुज स्ट्रेट को जल्द ही खोला जाएगा. उन्होंने कहा कि ईरान को इस समुद्री मार्ग पर किसी तरह का टैक्स वसूलने की अनुमति नहीं दी जाएगी. साथ ही ट्रंप ने दोहराया कि ईरान को परमाणु हथियार हासिल नहीं करने दिए जाएंगे. देखें यूएस टॉप-10.
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को नई चेतावनी दी है. उन्होनें कहा है कि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से गुजरने वाले तेल टैंकरो को लेकर ईरान समझौते का पालन नहीं कर रहा है. ट्रंप के मुताबिक ईरान टैंकरों से फीस वसूल रहा है और जल मार्ग को पूरी तरह नहीं खोल रहा जो गलत है. बुधवार को सिर्फ 4 जहाज गुजरे.
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान पर 2 हफ्तों के लिए हमले रोकने का ऐलान किया था. लेकिन इसके ठीक बाद इजरायल ने लेबनान में हिजबुल्लाह पर हमले किए. इजरायल का साफ कहना है कि सीजफायर वार्ता में लेबनान शामिल नहीं था. ऐसे में सवाल ये कि क्या ट्रंप की डील थी क्या? देखें US-Top 10.
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान पर 2 हफ्तों के लिए हमले रोकने का ऐलान किया है. लेकिन इसके ठीक बाद इजरायल ने बयान दिया कि लेबनान में हिजबुल्लाह पर हमले जारी रहेंगे. और हमले हो भी रहे हैं. ऐसे में सवाल ये कि क्या ट्रंप की डील खटाई में पड़ गई है? देखें US-Top 10.
डोनाल्ड ट्रंप ने महज 24 घंटे के भीतर अपने रुख में बड़ा बदलाव करते हुए ईरान के पुनर्निर्माण में मदद का ऐलान कर दिया है. ये वही ट्रंप हैं, जिन्होंने एक दिन पहले ही चेतावनी दी थी कि अगर ईरान उनकी शर्तें नहीं मानता, तो पूरी सभ्यता खत्म हो सकती है.
पश्चिम एशिया में संघर्ष के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने नेटो देशों पर अपनी प्रतिक्रिया दी. उन्होनें नेटो को कागजी शेर बताते हुए सहयोग मिलने पर नाराजगी जताई. सहयोगी देशों से मदद न मिलने पर उन्होनें कहा कि सहयोेगी देशों ने उन्हें लैंडिंग स्ट्रिप तक नहीं दी. खासतौर पर दक्षिण कोरिया, जापान और ऑस्ट्रेलिया से भी कोई मदद नहीं मिली.
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप इन दिनों ईरान में किए गए अमेरिकी एयर फोर्स अधिकारी रेस्क्यू मिशन की जानकारी लीक होने को लेकर बहुत नाराज हैं. उन्होंने व्हाइट हाउस में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान एक पत्रकार और मीडिया कंपनी को जेल भेजने की धमकी दे दी.
'मैं वेनेजुएला में बहुत पॉपुलर हूं, रिटायरमेंट के बाद वहां के राष्ट्रपति का चुनाव लड़ूंगा, ये दावा खुद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने किया है. ट्रंप के इस बयान ने मीडिया और सोशल मीडिया पर नई बहस छेड़ दी है.
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को कड़ी चेतावनी देते हुए जल्द से जल्द स्ट्रेट ऑफ होर्मुज खोलने के लिए कहा है. ट्रंप ने धमकी दी है कि अगर ईरान ने ऐसा नहीं किया तो उसके बिजली संयंत्रों और पुलों पर बड़े हमले किए जा सकते है. ट्रंप ने 48 घंटे का अल्टीमेटम देते हुए ईरान को गंभीर नतीजे भुगतने की बात कहीं.
अमेरिका ने दावा किया कि उसने ईरान में F-15E के दूसरे पायलट को बचा लिया. राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए इसकी पुष्टि की. ट्रंप ने इसे अमेरिकी सेना का बड़ा साहसिक अभियान बताया. अमेरिकी रेस्क्यू टीमों को पायलट तक पहुंचने के लिए दुश्मन की भारी गोलीबारी का सामना करना पड़ा. देखें यूएस टॉप-10.
अमेरिका और ईरान के बीच जंग को अब करीब पांच हफ्ते हो चुके हैं. इसी बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर ईरान को धमकी दी है कि वह उनके पावर प्लांट और अन्य इन्फ्रास्ट्रक्चर को निशाना बनाएंगे. राष्ट्रपति ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट कर कहा कि 7 अप्रैल को ईरान में 'पावर प्लांट डे' और 'ब्रिज डे' होगा.
ईरान के खिलाफ युद्ध में अमेरिका ने एक ही दिन में अपने दो विमान खो दिए. इस घटनाक्रम पर राष्ट्रपति ट्रंप ने भी अपनी प्रतिक्रिया दी है. उन्होनें कहा कि इन घटनाों का कूटनीति और बातचीत पर कोई असर नहीं पड़ेगा. ट्रंप का ये बयान ऐसे समय में आया है जब जब क्षेत्र में सैन्य कार्रवाई और कूटनीतिक प्रयास साथ-साथ चल रहे है.
अमेरिका राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को नई चेतावनी दी है. ट्रंप ने चेतावनी दी है कि जरूरत पड़ने पर अमेरिका ईरान के पुलों और बिजली संयंत्रों को निशाना बनाएगा. साथ ही ईरान को आगाह भी किया कि ईरान के नेतृत्व को जल्द फैसला लेना होगा. अमेरिका अब ईरान के बुनियादी ढाचों को निशाना बना रहा है.
बीते एक महीने से इजरायल-अमेरिका और ईरान के बीच जंग धधक रही है. अभी तक कोई नतीजा नहीं निकला है.इन सब के बीच ईरान की सरकारी TV से जुड़े एक लोकल चैनल का दावा है कि अमेरिका का एक फाइटर पायलट उसने पकड़ लिया है
ईरान-अमेरिका-इज़रायल के बीच जंग जारी है. इस बीच गुरुवार को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने राष्ट्र के नाम संबोधन में दावा किया कि ईरान की नौसेना खत्म हो चुकी है. ऑपरेशन एपिक फ्यूरी पर ट्रंप ने कहा कि ये जारी है. साथ ही ट्रंप ने फिर दोहराया कि 'ईरान को परमाणु शक्ति नहीं बनने देंगे. देखें US-Top 10.
डोनाल्ड ट्रंप ने भारतीय समयानुसार 2 अप्रैल की सुबह 06:30 पर देश को संबोधित किया. डोनाल्ड ट्रंप ने कहा- 'अमेरिका आने वाले हफ़्तों में ईरान के ख़िलाफ़ अपने सैन्य अभियान को और तेज़ करेगा, भले ही पर्दे के पीछे बातचीत जारी हो.'
मिडिल ईस्ट जंग के मैदान में अमेरिका ने अपना एक और वॉरशिप तैनात किया है. अमेरिका ने विमानवाहक पोत USS George HW Bush को तैनात कर दिया है और इसे तीन डिस्ट्रॉयर जहाज़ों के साथ मध्य-पूर्व भेजा गया है. इस कैरियर स्ट्राइक ग्रुप में 6,000 से ज़्यादा नौसैनिक शामिल हैं. देखें US-Top 10.