scorecardresearch
 

अमेरिकी स्ट्राइक पर ग्लोबली बवाल... दो धड़ों में बंटी दुनिया, किसी ने समर्थन किया तो किसी ने बताया खुली जंग

अमेरिका की सैन्य कार्रवाई के बाद वेनेजुएला की सत्ता हिल गई है. राष्ट्रपति निकोलस मादुरो और उनकी पत्नी की गिरफ्तारी ने वैश्विक राजनीति में बड़ा तूफान खड़ा कर दिया है. दुनिया की बड़ी शक्तियां दो धड़ों में बंट गई हैं. किसी ने समर्थन किया है तो किसी ने इसे खुली जंग बताया है. रूस-चीन ने खुलकर नाराजगी जताई है. इस बीच, अंतरराष्ट्रीय कानून पर भी बहस तेज हो गई है.

Advertisement
X
अमेरिका की वेनेजुएला के खिलाफ कार्रवाई पर वैश्विक नेताओं ने प्रतिक्रिया दी.
अमेरिका की वेनेजुएला के खिलाफ कार्रवाई पर वैश्विक नेताओं ने प्रतिक्रिया दी.

अमेरिका द्वारा वेनेजुएला पर किए गए सैन्य हमले की पूरी दुनिया में चर्चा है. राष्ट्रपति निकोलस मादुरो और उनकी पत्नी सिलिया फ्लोरेस की गिरफ्तारी के बाद दुनिया भर के नेताओं की तीखी प्रतिक्रियाएं सामने आई हैं. रूस और चीन ने अमेरिका की कार्रवाई की कड़ी निंदा की है, जबकि कुछ देशों और नेताओं ने वॉशिंगटन के कदम का समर्थन भी किया है. इस पूरे घटनाक्रम ने अंतरराष्ट्रीय कानून, संप्रभुता और सैन्य हस्तक्षेप को लेकर नई बहस छेड़ दी है.

दरअसल, शनिवार को अमेरिका ने वेनेजुएला की राजधानी कराकस पर बड़े पैमाने पर सैन्य हमला किया, जिसमें राष्ट्रपति निकोलस मादुरो और उनकी पत्नी सिलिया फ्लोरेस को गिरफ्तार करने का दावा किया गया है. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के मुताबिक, मादुरो दंपती को न्यूयॉर्क ले जाया जा रहा है, जहां उन पर आपराधिक मुकदमे चलाए जाएंगे. इस कार्रवाई के तुरंत बाद दुनिया भर से कड़ी प्रतिक्रियाएं सामने आने लगीं.

रूस-चीन का तीखा विरोध

रूस के विदेश मंत्रालय ने अमेरिका से अपील की कि वो अपने रुख पर दोबारा विचार करे और एक संप्रभु देश के वैध रूप से चुने गए राष्ट्रपति और उनकी पत्नी को तुरंत रिहा करे. रूस ने कहा कि अमेरिका और वेनेजुएला के बीच मौजूद किसी भी विवाद का समाधान केवल संवाद के जरिए होना चाहिए.

चीन ने अमेरिकी हवाई हमलों को ‘दादागिरी भरे कदम’ करार दिया और कहा कि यह अंतरराष्ट्रीय कानून और संयुक्त राष्ट्र चार्टर का गंभीर उल्लंघन है. चीनी विदेश मंत्रालय ने कहा कि अमेरिका ने एक संप्रभु देश और उसके राष्ट्रपति के खिलाफ खुलेआम बल प्रयोग किया है, जिसे चीन पूरी तरह खारिज करता है.

Advertisement

इटली ने क्या कहा...

इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी ने X पर लिखा,  मैं वेनेजुएला में हो रहे घटनाक्रमों पर शुरू से करीबी नजर रखे हुए हूं. इटली ने अपने प्रमुख अंतरराष्ट्रीय साझेदारों के साथ मिलकर कभी भी मादुरो की स्व-घोषित चुनावी जीत को मान्यता नहीं दी है. हमने उसके शासन द्वारा किए गए दमनात्मक कृत्यों की निंदा की है और हमेशा वेनेजुएला के लोगों की लोकतांत्रिक परिवर्तन की आकांक्षा का समर्थन किया है.

मेलोनी ने आगे कहा, इटली की ऐतिहासिक स्थिति के अनुरूप, हमारी सरकार का मानना है कि किसी भी सर्वसत्तावादी शासन को खत्म करने के लिए बाहरी सैन्य कार्रवाई सही रास्ता नहीं है. लेकिन साथ ही सरकार यह भी मानती है कि अपनी सुरक्षा पर होने वाले हाइब्रिड हमलों के खिलाफ रक्षात्मक प्रकृति का हस्तक्षेप वैध हो सकता है, खासकर उन मामलों में जहां राज्य-स्तरीय तत्व मादक पदार्थों की तस्करी को बढ़ावा देते हैं और उसे संरक्षण देते हैं. हम वेनेजुएला में रह रहे इतालवी समुदाय की स्थिति पर विशेष ध्यान बनाए हुए हैं. उनकी सुरक्षा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है.

ब्राजील बोला- ये अस्वीकार्य...

ब्राजील के राष्ट्रपति लुइज इनासियो लूला दा सिल्वा ने अमेरिकी कार्रवाई को ‘अस्वीकार्य सीमा’ बताया. उन्होंने कहा कि यह वेनेजुएला की संप्रभुता पर गंभीर हमला है और पूरी अंतरराष्ट्रीय बिरादरी के लिए बेहद खतरनाक मिसाल है.

Advertisement

लूला ने संयुक्त राष्ट्र से सख्त प्रतिक्रिया की मांग की और कहा कि ब्राजील अब भी बातचीत और मध्यस्थता के लिए तैयार है. ब्राजील सरकार ने हालात को देखते हुए आपात कैबिनेट बैठक भी बुलाई. इस बीच कुछ देर के लिए वेनेजुएला-ब्राजील सीमा बंद कर दी गई थी, जिसे बाद में फिर खोल दिया गया.

यूरोप की संयम की अपील

यूरोपीय संघ की विदेश नीति प्रमुख काजा कालास ने कहा कि EU हालात पर करीबी नजर बनाए हुए है और सभी पक्षों से संयम बरतने की अपील की है. उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय कानून और संयुक्त राष्ट्र चार्टर का हर हाल में सम्मान होना चाहिए और वेनेजुएला में रह रहे EU नागरिकों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है.

ब्रिटेन ने क्या कहा...

ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीयर स्टारमर ने साफ किया कि अमेरिका की इस कार्रवाई में ब्रिटेन शामिल नहीं था. उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय कानून का पालन होना चाहिए, लेकिन मौजूदा हालात में पहले तथ्यों को पूरी तरह समझना जरूरी है.

स्टारमर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा, ब्रिटेन लंबे समय से वेनेजुएला में सत्ता परिवर्तन का समर्थन करता रहा है. हम निकोलस मादुरो को एक अवैध राष्ट्रपति मानते रहे हैं और उनके शासन के अंत पर हमें कोई अफसोस नहीं है. उन्होंने कहा कि हमने शनिवार सुबह अंतरराष्ट्रीय कानून के समर्थन को दोहराया. ब्रिटिश सरकार आने वाले दिनों में अमेरिका के अपने समकक्षों के साथ बदलती स्थिति पर चर्चा करेगी, ताकि वेनेजुएला में जनता की इच्छा को प्रतिबिंबित करने वाली वैध सरकार की ओर सुरक्षित और शांतिपूर्ण सत्ता हस्तांतरण सुनिश्चित किया जा सके.

Advertisement

स्पेन के प्रधानमंत्री पेड्रो सांचेज़ ने भी तनाव कम करने और जिम्मेदारी से पेश आने की अपील की.

मेक्सिको ने जताई नाराजगी

मेक्सिको की राष्ट्रपति क्लाउडिया शिनबाम ने मादुरो की गिरफ्तारी की निंदा की. शिनबाम ने कहा कि अमेरिका-मेक्सिको संबंध अच्छे हैं, लेकिन अगर अमेरिका वेनेजुएला के प्रशासन को अपने नियंत्रण में लेता है तो उनकी कैबिनेट वेनेजुएला के साथ मेक्सिको के रिश्तों की समीक्षा करेगी.

फ्रांस ने क्या कहा...

फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा, वेनेजुएला के लोग निकोलस मादुरो की तानाशाही से मुक्त हो गए हैं और वे केवल राहत और खुशी महसूस कर सकते हैं. सत्ता पर कब्जा कर और मूलभूत स्वतंत्रताओं को कुचलते हुए निकोलस मादुरो ने अपने ही लोगों की गरिमा को गंभीर रूप से ठेस पहुंचाई. आगामी सत्ता परिवर्तन शांतिपूर्ण, लोकतांत्रिक और वेनेजुएला की जनता की इच्छा का सम्मान करने वाला होना चाहिए. हम चाहते हैं कि 2024 में निर्वाचित राष्ट्रपति एडमूंडो गोंजालेज उरुतिया इस सत्ता हस्तांतरण को शीघ्र सुनिश्चित करें. मैं इस समय क्षेत्र में हमारे साझेदारों के साथ लगातार संपर्क में हूं. फ्रांस पूरी तरह सतर्क और सक्रिय है, खासकर इन अनिश्चित हालात में अपने नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए.

ऑस्ट्रेलिया ने क्या कहा...

ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री एंथनी अल्बनीज़ ने कहा, हमारी सरकार वेनेजुएला में हो रहे घटनाक्रम पर नजर बनाए हुए है. हम सभी पक्षों से अपील करते हैं कि क्षेत्रीय स्थिरता सुनिश्चित करने और हालात को और बिगड़ने से रोकने के लिए संवाद और कूटनीति का समर्थन करें. ऑस्ट्रेलिया लंबे समय से वेनेजुएला की स्थिति को लेकर चिंतित रहा है, खासकर लोकतांत्रिक सिद्धांतों, मानवाधिकारों और मूलभूत स्वतंत्रताओं के सम्मान की जरूरत को लेकर. हम अंतरराष्ट्रीय कानून का समर्थन जारी रखते हैं और वेनेजुएला में जनता की इच्छा को प्रतिबिंबित करने वाले शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक सत्ता परिवर्तन के पक्षधर हैं.

Advertisement

वेनेजुएला में मौजूद ऑस्ट्रेलियाई नागरिकों को अगर किसी तरह की मदद की जरूरत हो तो वे दुनिया में कहीं से भी 24x7 आपात कांसुलर सहायता टीम से +61 2 6261 3305 पर संपर्क कर सकते हैं या ऑस्ट्रेलिया के भीतर 1300 555 135 नंबर पर कॉल कर सकते हैं.

समर्थन में भी उठीं आवाजें

अर्जेंटीना के राष्ट्रपति जेवियर मिलेई ने अमेरिकी कार्रवाई का समर्थन किया. उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा, 'आजादी आगे बढ़ रही है. आजादी जिंदाबाद.' मिलेई को ट्रंप का करीबी माना जाता है.

इक्वाडोर के राष्ट्रपति डेनियल नोबोआ ने कहा कि 'नार्को-चाविस्टा अपराधियों' का अंत करीब है और उनका ढांचा पूरे महाद्वीप में ढह जाएगा.

टेक अरबपति एलन मस्क ने X पर लिखा, 'बधाई हो, राष्ट्रपति ट्रंप. यह पूरी दुनिया की जीत है और हर जगह मौजूद दुष्ट तानाशाहों के लिए साफ संदेश है.'

कनाडा का क्या बयान आया...

कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी ने कहा, हमारी सरकार वेनेजुएला के लोगों के लिए स्वतंत्रता, लोकतंत्र, शांति और समृद्धि के अवसर का स्वागत करती है. मार्च 2025 में कनाडा की नई सरकार द्वारा उठाए गए पहले कदमों में से एक निकोलस मादुरो के अत्यंत दमनकारी और आपराधिक शासन पर अतिरिक्त प्रतिबंध लगाना था. इन प्रतिबंधों के जरिए अंतरराष्ट्रीय शांति और सुरक्षा के गंभीर उल्लंघन, व्यापक और व्यवस्थित मानवाधिकार हनन और भ्रष्टाचार की स्पष्ट रूप से निंदा की गई. कनाडा ने 2018 का चुनाव छीने जाने के बाद से मादुरो के अवैध शासन को कभी मान्यता नहीं दी है. इसी वजह से कनाडा की सरकार वेनेजुएला के लोगों के लिए स्वतंत्रता, लोकतंत्र, शांति और समृद्धि के इस अवसर का स्वागत करती है.

Advertisement

कनाडा लंबे समय से वेनेजुएला में शांतिपूर्ण, बातचीत के जरिए और वेनेजुएलावासियों के नेतृत्व में होने वाले सत्ता परिवर्तन का समर्थन करता रहा है, जो जनता की लोकतांत्रिक इच्छा का सम्मान करता हो. कानून के शासन, संप्रभुता और मानवाधिकारों को बनाए रखने की अपनी प्रतिबद्धता के तहत कनाडा सभी पक्षों से अंतरराष्ट्रीय कानून का सम्मान करने की अपील करता है. हम वेनेजुएला के लोगों के उस संप्रभु अधिकार के साथ खड़े हैं, जिसके तहत वे शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक समाज में अपना भविष्य खुद तय कर सकें.

कनाडा बहुपक्षीय संवाद के जरिए संकट समाधान को बहुत महत्व देता है और मौजूदा घटनाक्रम को लेकर अंतरराष्ट्रीय साझेदारों के साथ लगातार संपर्क में है. सबसे पहले, हम अपने कांसुलर अधिकारियों और कोलंबिया के बोगोटा स्थित दूतावास के जरिए कनाडाई नागरिकों की मदद के लिए तैयार हैं और वेनेजुएला के शरणार्थियों का समर्थन जारी रखेंगे.

अमेरिका के भीतर विरोध...

अमेरिका के भीतर इस कार्रवाई पर तीखा विरोध देखने को मिला. न्यूयॉर्क के मेयर ममदानी ने कहा कि किसी संप्रभु देश पर एकतरफा हमला युद्ध की कार्रवाई है और यह अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन है. उन्होंने कहा कि इसका असर न्यूयॉर्क में रहने वाले हजारों वेनेजुएलावासियों पर भी पड़ेगा.

सीनेटर बर्नी सैंडर्स ने ट्रंप पर संविधान और कानून के प्रति अवमानना का आरोप लगाया. उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति को किसी भी देश के खिलाफ एकतरफा युद्ध छेड़ने का अधिकार नहीं है और न ही अमेरिका को वेनेजुएला ‘चलाने’ का हक है.

Advertisement

सैंडर्स ने इसे खुला साम्राज्यवाद बताते हुए कहा कि यह कदम अमेरिका और दुनिया दोनों को कम सुरक्षित बनाता है. उन्होंने चेतावनी दी कि इससे दूसरे देशों को भी संसाधनों पर कब्जे और सरकारें गिराने का बहाना मिल सकता है.

'वेनेजुएला को चलाएगा अमेरिका'

मादुरो की गिरफ्तारी के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस में ट्रंप ने कहा कि अमेरिका तब तक वेनेजुएला को ‘चलाएगा’, जब तक सत्ता का सुरक्षित हस्तांतरण नहीं हो जाता. उन्होंने यह भी कहा कि अमेरिका वेनेजुएला के विशाल तेल भंडार का इस्तेमाल करेगा और अन्य देशों को बड़ी मात्रा में तेल बेचेगा.

---- समाप्त ----
Live TV

Advertisement
Advertisement