
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर वो दावा किया है जो वो पहले भी कई बार कर चुके हैं. ट्रंप ने कहा कि उन्होंने भारत और पाकिस्तान के बीच एक बहुत बड़ी जंग रोकी जिसमें 3 से 5 करोड़ लोग मारे जा सकते थे. साथ ही उन्होंने पाकिस्तान के सेना प्रमुख और प्रधानमंत्री की जमकर तारीफ की. लेकिन भारत ने इस दावे को पहले से ही खारिज कर रखा है.
राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा कि उन्हें पाकिस्तान की बैठक के बारे में पूरी जानकारी दी गई. इस बैठक में पाकिस्तान के सेना प्रमुख जनरल आसिम मुनीर और प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ शामिल थे. ट्रंप ने इन दोनों की तारीफ करते हुए उन्हें 'बहुत असाधारण इंसान' कहा और उनके नेतृत्व को 'दयालु और बहुत काबिल' बताया. यानि ट्रंप का कहना था कि दोनों ही एक्स्ट्राऑर्डिनरी इंसान हैं.
3 से 5 करोड़ जिंदगियां बचाने का दावा क्या है?
राष्ट्रपति ट्रंप ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर लिखा कि पाकिस्तान के नेता उन्हें हमेशा धन्यवाद देते हैं कि उन्होंने भारत के साथ एक बहुत बड़ी और भयानक जंग रोकी. ट्रंप के मुताबिक इस जंग में 3 से 5 करोड़ लोग मारे जा सकते थे. ट्रंप ने लिखा कि यह सुनकर उन्हें अच्छा लगता है और इतनी बड़ी तादाद में इंसानी जानों की बात सोचना भी मुश्किल है.
यह पोस्ट कब और कहां आई?
राष्ट्रपति ट्रंप ने रविवार को ट्रुथ पर एक लंबी पोस्ट लिखी. यह पोस्ट मुख्य रूप से ईरान को चेतावनी देने के लिए थी कि वो होर्मुज की खाड़ी जल्दी खोले. लेकिन बीच में ही ट्रंप ने पाकिस्तान का जिक्र किया और वो पुराना दावा फिर दोहराया.
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यह आंकड़ा हर बार बढ़ता क्यों जा रहा है?
फरवरी में जब ट्रंप ने यही दावा किया था तब उन्होंने कहा था कि पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शरीफ ने उन्हें बताया कि 3.5 करोड़ लोग मर सकते थे. अब रविवार की पोस्ट में यह आंकड़ा बढ़कर '3 से 5 करोड़' हो गया. यानी हर बार जब ट्रंप यह कहानी दोहराते हैं तो मरने वालों की संख्या बढ़ती जाती है. इससे पहले भी ट्रंप ने कई बार कह चुके हैं उनकी वजह से भारत-पाकिस्तान के बीच महायुद्ध रुका. नहीं तो बहुत बड़ा कुछ होने वाला था.
असल में हुआ क्या था?
22 अप्रैल 2025 को पहलगाम में एक आतंकी हमला हुआ था जिसमें 26 लोग मारे गए थे. इसके बाद भारत ने 7 मई को ऑपरेशन सिंदूर चलाया और पाकिस्तान और पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में आतंकी ठिकानों पर हमले किए. इसके बाद दोनों देशों के बीच तनाव बढ़ा और फिर सीजफायर हुआ.

भारत का क्या कहना है?
भारत ने ट्रंप के इस दावे को पूरी तरह खारिज किया है. भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने पहले ही कह दिया था कि इस पूरे मामले में किसी तीसरे देश की कोई भूमिका नहीं थी. भारत सरकार का कहना है कि सीजफायर तब हुआ जब पाकिस्तान की सेना ने खुद अपने तय किए गए तरीकों से भारतीय सेना से संपर्क किया. यह दोनों देशों के बीच सीधी बातचीत थी. अमेरिका बीच में कहीं नहीं था.
ट्रंप यह दावा बार-बार क्यों करते हैं?
ट्रंप ने भारत-पाकिस्तान के इस मामले को उन कुछ बड़े कामों में गिनाया है जो उन्होंने दुनिया में जंग रोकने के लिए किए हैं. इसमें ईरान-अमेरिका जंग का सीजफायर भी शामिल है. ट्रंप खुद को दुनिया का सबसे बड़ा शांतिदूत बताने की कोशिश करते हैं.
