
अमेरिका और इजराइल ने मिलकर ईरान के खिलाफ संयुक्त सैन्य अभियान चलाया, जिसमें ईरान के शीर्ष नेताओं और सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया गया. ईरान की राजधानी तेहरान में कई जोरदार धमाके हुए, जिससे सुप्रीम लीडर अयातुल्लाह अली खामेनेई के आवास परिसर को भारी नुकसान पहुंचा. ईरान की मीडिया ने खामेनेई की मौत की पुष्टी की है.
ईरान ने भी अब जवाबी मिसाइल अटैक में इजराइल और गल्फ में अमेरिकी बेस पर हमला शुरू कर दिया है. बता दें, ईरान की आबादी लगभग 9.3 करोड़ है और इसका क्षेत्रफल करीब 16 लाख वर्ग किलोमीटर है. आबादी का बड़ा हिस्सा तेहरान, मशहद और इस्फहान जैसे प्रमुख शहरों में रहता है, जो हमले के संभावित दायरे में आते हैं.
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इजराइली बलों ने खामेनेई और राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन को निशाना बनाया. ईरानी सरकारी मीडिया ने पुष्टि की कि पेजेश्कियन सुरक्षित हैं. ईरान ने पूरे मध्य-पूर्व में जवाबी हमला किया है. तेहरान ने इजराइल और खाड़ी क्षेत्र में अमेरिकी ठिकानों पर हमले किए.

जवाबी हमले को तैयार ईरान
ईरान के विदेश मंत्री ने जवाबी कार्रवाई की ठान ली है. तेहरान की ओर से परमाणु वार्ता का नेतृत्व कर रहे विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने कहा कि ईरानी सेना हमलावरों को उनके किए का करारा जवाब देगी. ईरानी मिसाइलें पहले ही खाड़ी देशों तक पहुंच चुकी हैं, ऐसे में अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर खतरा बढ़ सकता है.
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ईरानियों से अपनी सरकार को अपने हाथ में लेने का आह्वान किया. उन्होंने कहा कि ईरान ने उस समझौते को ठुकरा दिया, जो इस युद्ध को रोक सकता था. वहीं, इजराइल के प्रधानमंत्री ने कहा कि यह हमला ईरानियों को अपना भविष्य खुद तय करने का अवसर दे सकता है.