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ईरान युद्ध की सैटेलाइट तस्वीरों पर रोक, अमेरिकी आग्रह के बाद प्लेनेट लैब्स का फैसला

मिडिल ईस्ट में जारी भीषण जंग के बीच सैटेलाइट कंपनी प्लेनेट लैब्स ने ईरान और संघर्ष वाले इलाकों की तस्वीरें दिखाने पर अनिश्चित काल के लिए रोक लगा दी है. अमेरिकी सरकार के अनुरोध पर लिए गए इस फैसले का मकसद दुश्मन देशों को इन तस्वीरों का इस्तेमाल हमले के लिए करने से रोकना है.

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तेहरान में ईरान के लॉ एन्फोर्समेंट कमांड की सैटेलाइट तस्वीर (Photo: Reuters)
तेहरान में ईरान के लॉ एन्फोर्समेंट कमांड की सैटेलाइट तस्वीर (Photo: Reuters)

मिडिल ईस्ट में चल रहे युद्ध के बीच सैटेलाइट तस्वीरें दिखाने वाली कंपनी प्लेनेट लैब्स ने एक बड़ा फैसला लिया है. अब ईरान और जंग वाले इलाकों की तस्वीरें दुनिया के सामने नहीं आएंगी. कंपनी ने साफ कर दिया है कि अमेरिकी सरकार के कहने पर उसने इन तस्वीरों को अनिश्चित काल के लिए रोक दिया है. कैलिफोर्निया की इस कंपनी ने अपने ग्राहकों को ईमेल भेजकर बताया है कि अमेरिका ने सभी सैटेलाइट कंपनियों से युद्ध क्षेत्र की तस्वीरें न दिखाने का आग्रह किया है.

न्यूज एजेंसी रॉयटर्स के मुताबिक, यह पाबंदी पिछले महीने से ही शुरू हो गई थी, जब प्लेनेट लैब्स ने तस्वीरों को 14 दिन की देरी से दिखाना शुरू किया था. लेकिन अब इसे पूरी तरह बंद कर दिया गया है. कंपनी को डर है कि इन तस्वीरों का इस्तेमाल दुश्मन देश अमेरिका और उसके साथियों पर हमला करने के लिए कर सकते हैं. अब 9 मार्च के बाद की कोई भी तस्वीर सार्वजनिक नहीं की जाएगी और माना जा रहा है कि यह नियम तब तक चलेगा जब तक कि यह जंग खत्म नहीं हो जाती.

इस संघर्ष की शुरुआत 28 फरवरी को हुई थी, जब अमेरिका और इजरायल ने ईरान पर हमला किया. इसके बाद ईरान ने जवाबी कार्रवाई करते हुए इजरायल और खाड़ी देशों में मौजूद अमेरिकी ठिकानों को निशाना बनाया, जिनमें सऊदी अरब, कुवैत और बहरीन शामिल हैं. देखा जाए तो आज के दौर में सैटेलाइट तस्वीरों की अहमियत बहुत ज्यादा है, क्योंकि इनका इस्तेमाल न केवल ठिकानों की पहचान करने और मिसाइल छोड़ने के लिए होता है, बल्कि मिडिया और जानकार लोग भी इससे नुकसान का सही अंदाजा लगाते हैं.

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जानकारों का कहना है कि ईरान भी इन कमर्शियल सैटेलाइट तस्वीरों का इस्तेमाल कर सकता है, इसलिए अमेरिका ने यह पाबंदी लगवाई है. हालांकि, जब इस बारे में मेरिकी रक्षा मंत्री पेंटागन से सवाल किया गया, तो उन्होंने खुफिया मामलों का हवाला देते हुए कुछ भी कहने से मना कर दिया. प्लेनेट लैब्स ने भी फिलहाल इस पर कोई और टिप्पणी नहीं की है.

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