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एक-एक कर गिरती मिसाइलें... अमेरिकी सेना ने धुआं-धुआं कर दिया खार्ग आइलैंड, VIDEO

ईरान ओपेक का तीसरा सबसे बड़ा तेल उत्पादक देश है, जो वैश्विक तेल आपूर्ति का लगभग 4.5 फीसदी उत्पादन करता है. ईरान रोजाना करीब 33 लाख बैरल कच्चा तेल और इसके अलावा लगभग 13 लाख बैरल कंडेन्सेट और अन्य तरल पदार्थ का उत्पादन करता है.

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अमेरिकी सेना ने खार्ग आइलैंड पर किया हमला. (Photo: Screengrab)
अमेरिकी सेना ने खार्ग आइलैंड पर किया हमला. (Photo: Screengrab)

अमेरिका ने ईरान के खार्ग आइलैंड पर हमला कर दिया है. अमेरिकी सेना ने बमबारी कर इस आइलैंड को धुआं-धुआं कर दिया है. राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अब इस हमले का वीडियो जारी किया है. इसे ईरान पर अब तक का सबसे भीषण हमला माना जा रहा है.

ट्रंप ने कहा कि अमेरिका ने ईरान के खार्ग आइलैंड के तेल निर्यात केंद्र पर मौजूद हर सैन्य ठिकाने को तबाह कर दिया है. उन्होंने पोस्ट कर कहा कि मैंने बड़ी शालीनता के कारण इस द्वीप पर मौजूद ऑयल इन्फ्रास्ट्रक्चर को नष्ट नहीं करने का फैसला किया है.

इस वीडियो में देखा जा सकता है कि किस तरह से खार्ग आइलैंड पर चुन-चुनकर सैन्य ठिकानों को निशाना बनाकर हमला किया जा रहा है. एक मिनट चार सेकेंड के इस वीडियो में मिसाइलें गिरती देखी जा सकती हैं.

उन्होंने चेतावनी दी कि अगर ईरान या कोई और देश होर्मुज स्ट्रेट से गुजरने वाले जहाजों की स्वतंत्र और सुरक्षित आवाजाही में किसी भी तरह की बाधा डालता है, तो मैं तुरंत इस फैसले पर दोबारा विचार करूंगा.

बता दें कि ईरान ओपेक का तीसरा सबसे बड़ा तेल उत्पादक देश है, जो वैश्विक तेल आपूर्ति का लगभग 4.5 फीसदी उत्पादन करता है. ईरान रोजाना करीब 33 लाख बैरल कच्चा तेल और इसके अलावा लगभग 13 लाख बैरल कंडेन्सेट और अन्य तरल पदार्थ का उत्पादन करता है.

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यह भी पढ़ें: ईरान की 'कमजोर नस' पर US का हमला, ट्रंप का दावा- अमेरिकी सेना ने खार्ग आइलैंड पर बरसाए बम

बता दें कि ईरान बंधक क्राइसिस के दौरान अमेरिका के तत्कालीन राष्ट्रपति जिमी कार्टर ने ईरान पर प्रतिबंध लगाए थे, लेकिन खार्ग आइलैंड पर हमले का आदेश नहीं दिया था. उनके बाद राष्ट्रपति रोनाल्ड रीगन ने 1980 के दशक में ईरान-इराक टैंकर वॉर के दौरान जहाजों की सुरक्षा को प्राथमिकता दी और ईरानी जहाजों तथा मिसाइल ठिकानों को निशाना बनाया, लेकिन खार्ग आइलैंड को छुआ तक नहीं. यह आइलैंड ईरान के सबसे बड़े तेल क्षेत्रों आहवाज, मारुन और गासरान से पाइपलाइन के जरिए आने वाले तेल को इकट्ठा करता है.

अमेरिका-इजराइल के हमले से ठीक पहले के दिनों में ईरान ने खार्ग आइलैंड से तेल निर्यात को लगभग रिकॉर्ड स्तर तक बढ़ा दिया था.
जेपी मॉर्गन के अनुसार, 15 से 20 फरवरी के बीच ईरान ने रोजाना 30 लाख बैरल से ज्यादा तेल लोड किया, जो उसके सामान्य निर्यात स्तर 13 से 16 लाख बैरल प्रति दिन से लगभग तीन गुना अधिक था.

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