विदेश जाने का इरादा? सिर्फ IELTS ही नहीं, ये टेस्ट भी बताते हैं आपकी इंग्लिश स्किल
विदेश में पढ़ाई, नौकरी या स्थायी निवास के लिए अंग्रेज़ी भाषा की दक्षता जरूरी है. IELTS, TOEFL जैसे कई टेस्ट विभिन्न देशों और अलग-अलग उद्देश्यों के लिए मान्य हैं.
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हर देश और यूनिवर्सिटी की अलग टेस्ट रिक्वायरमेंट होती है
विदेश पढ़ने, नौकरी करने या बसने (PR) का इरादा हो तो पहली चीज होती है-आपकी इंग्लिश स्किल. विदेश जाने के लिए इंग्लिश आना जरूरी है, जिसके लिए खास एग्जाम भी होता है. इसके लिए ज्यादातर लोगों IELTS के बारे में जानते हैं. लेकिन ऐसे कई और टेस्ट भी हैं जो आपकी English proficiency (अंग्रेज़ी क्षमता) को वैश्विक स्तर पर मान्यता देते हैं. हालांकि ये टेस्ट अलग-अलग देशों के हिसाब से अलग-अलग भी होते हैं और इनकी फीस भी अलग-अलग होती है. आइये जानते हैं.
IELTS (International English Language Testing System)
कहां मान्य: यूके, कनाडा, ऑस्ट्रेलिया, न्यूज़ीलैंड और कई यूरोपीय देश.
टेस्ट फॉर्मेट: Listening, Reading, Writing और Speaking.
टाइप: Academic (स्टूडेंट्स के लिए) और General (वर्क व PR के लिए).
फायदा: सबसे ज़्यादा देशों में मान्य और इमिग्रेशन के लिए भी लोकप्रिय.
CELPIP (Canadian English Language Proficiency Index Program)
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कहां मान्य: खासतौर पर कनाडा में PR और इमिग्रेशन के लिए.
फॉर्मेट: कंप्यूटर आधारित टेस्ट.
फायदा: इंग्लिश के रोज़मर्रा के इस्तेमाल पर आधारित — इमिग्रेशन एप्लिकेशन के लिए उपयुक्त.
Cambridge English Qualifications
कहां मान्य: यूके और यूरोप की यूनिवर्सिटीज में.
फॉर्मेट: A2 से C2 तक के अलग-अलग लेवल.
फायदा: लंबी वैधता और मज़बूत प्रमाणपत्र.
हालांकि हर देश और यूनिवर्सिटी की अलग टेस्ट रिक्वायरमेंट होती है. जैसे कनाडा में PR के लिए IELTS General या CELPIP बेहतर माना जाता है, जबकि अमेरिका में पढ़ाई के लिए TOEFL ज़्यादा स्वीकार होता है. कई यूनिवर्सिटीज अब Duolingo को भी मानती हैं, जिससे छात्रों के लिए लागत और समय दोनों कम होते हैं.