इटली की राजधानी रोम में अमेरिका और ईरान के बीच परमाणु समझौते को लेकर आयोजित दूसरे दौर की वार्ता संपन्न हो गई है. वार्ता खत्म होने के बाद दोनों पक्षों इसे सकारात्मक बताया है. इन वार्ताओं में ओमान की अहम मध्यस्थता है.
इस वार्ता में अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व डोनाल्ड ट्रंप के खास विशेष दूत स्टीव विटकॉफ ने किया तो ईरान की ओर से ईरान के विदेश मंत्री सईद अब्बास अराघची ने भाग लिया.
ईरान की IRIB समाचार एजेंसी के अनुसार, अराघची ने वार्ता के अंत में कहा कि अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल के साथ वार्ता रचनात्मक माहौल में हुई और इसमें प्रगति हो रही है.
शनिवार को होगी तीसरे दौर की वार्ता
उन्होंने कहा कि विशेषज्ञ स्तर पर तकनीकी वार्ता बुधवार तक ओमान में शुरू हो जाएगी, जहां समझौते की रूपरेखा के विवरण पर चर्चा की जा सकती है.
उन्होंने कहा कि वार्ताकार विशेषज्ञों के कार्य के परिणाम पर चर्चा करने के लिए अगले शनिवार यानी 26 अप्रैल को ओमान में फिर से तीसरे दौर वार्ता होगी.
ओमान के विदेश मंत्रालय ने उसी दिन पुष्टि की कि अराघची और विटकॉफ तेहरान के परमाणु मुद्दों पर एक निष्पक्ष, स्थायी और बाध्यकारी समझौते पर पहुंचने के उद्देश्य से वार्ता के अगले चरण में आगे बढ़ने पर सहमत हो गए हैं.
रचनात्मक माहौल में हुई बातचीत
अराघची ने ईरानी सरकारी टेलीविजन से कहा, 'बातचीत रचनात्मक माहौल में हुई और मैं कह सकता हूं कि यह आगे बढ़ रही है. मुझे उम्मीद है कि तकनीकी वार्ता के बाद हम बेहतर स्थिति में होंगे.'
वहीं, एक अमेरिकी अधिकारी ने पुष्टि की कि रोम में वार्ता के दौरान एक वक्त राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के विशेष दूत स्टीव विटकॉफ और ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने आमने-सामने बातचीत की थी. ट्रंप प्रशासन के एक वरिष्ठ अधिकारी ने नाम न बताने की शर्त पर बताया कि दोनों पक्षों ने प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष चर्चाओं में बहुत अच्छी प्रगति की है.
इससे पहले दोनों देशों के बीच वार्ता का पहला दौर 12 अप्रैल को ओमानी राजधानी मस्कट में हुआ था, जिसे दोनों पक्षों ने रचनात्मक बताया था.