इजरायल ने पहले ही लितानी नदी के दक्षिण में स्थित 50 गांवों को खाली करने के लिए कहा था. इजरायली सेना ने रविवार को दक्षिणी लेबनान में लितानी नदी के पार स्थित गरबेयेह गांव में दो घरों को निशाना बनाया था. इस हमले में दो परिवार मारे गए और तीन लोग गंभीर रूप से घायल हैं जिनका अस्पताल में इलाज चल रहा है.
इजरायली हमले में मारे गए बच्चों समेत 16 नागरिकों के शवों को गांव के कब्रिस्तान में दफनाने की तैयारी चल रही है. 'आजतक' दुनिया का एकमात्र चैनल है जो गरबेया गांव पहुंचा है. ये उन 52 गांवों में से एक है, जिन्हें इजरायल की ओर से पूरी तरह खाली करने का आदेश दिया गया है. ये गांव काफी ऊंचाई पर स्थित है.
गरबेया गांव में दो परिवारों के घर पूरी तरह तबाह हो चुके हैं और उनके अवशेष बिखरे पड़े हैं. इजरायली सेना और हिजबुल्ला के बीच ये इलाका अब एक भीषण बैटलग्राउंड बन चुका है.
क्यों इजरायल ने इस गांव को खाली कराया?
इजरायल का मानना है कि इन ऊंचे गांवों से हिजबुल्ला उनके सैनिकों पर एंटी-टैंक मिसाइलों से हमला कर रहा है. सोमवार को भी हिजबुल्ला ने यहां से एक बड़ा हमला किया था. इजरायल चाहता है कि यहां के निवासी गांव छोड़ दें ताकि हिजबुल्ला की ओर से उनकी सेना को मिलने वाले खतरे को खत्म किया जा सके.
इजरायल के खिलाफ डटा है हिजबुल्ला
इजरायली सेना लितानी नदी के इस पूरे क्षेत्र से हिजबुल्ला का सफाया करना चाहती है, जबकि हिजबुल्ला के लड़ाके यहां मजबूती से डटे हुए हैं. ईरानी नेता की हत्या के बाद से हिजबुल्ला के तेवर और कड़े हुए हैं. यहां के लोग इस समय भारी संकट और डर के साये में जी रहे हैं.
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गांव के मुखिया शेख हसन ने 'आजतक' से कहा, 'रविवार को बिना किसी उकसावे के उन्होंने लैतानी नदी के उत्तर में स्थित ग्रामीणों को अपने-अपने गांव खाली करने के लिए कहा और अब वो लैतानी के दक्षिण में स्थित हमें भी गांव खाली करने के लिए कह रहे हैं.' एक छोटे से थैले में एक बच्चे के अवशेष दिखाते हुए उन्होंने कहा, 'ये उस बच्चे का शव है जिसे हमने बमबारी वाले घर से बरामद किया है.'