कांग्रेस के वरिष्ठ नेता डीके शिवकुमार ने बुधवार को कर्नाटक के मुख्यमंत्री पद की शपथ ग्रहण कर ली है. शपथ ग्रहण करने के तुरंत बाद शिवकुमार ने कैबिनेट की पहली बैठक में पांच बड़े जनकल्याणकारी ऐलान किए हैं, जिसमें राज्य के छात्रों को गैर-लक्जरी सरकारी बसों में फ्री बस सुविधा, प्राइवेट जॉब एक्सचेंज की स्थापना और 10 हजार 'भारत जोड़ो युवा संघों' का गठन करना शामिल है. इसके अलावा सीएम ने किसानों का गांवों से शहरों की ओर पलायन रोकने के लिए ठोस कदम उठाने का संकल्प लिया है.
वहीं, सूत्रों ने बताया कि मुख्यमंत्री आज विधानसभा में आईएस, आईपीएस अधिकारियों के साथ पहली प्रशासनिक बैठक करेंगे.
शपथ ग्रहण करने के बाद डीके शिवकुमार ने औपचारिक रूप से अपने पद का कार्यभार संभालने से पहले कर्नाटक विधानसभा और सचिवालय के मुख्यालय की सीढ़ियों पर श्रद्धापूर्वक झुककर प्रणाम किया और उसे छुआ. इसके बाद उन्होंने राष्ट्रीय नेताओं और कर्नाटक की प्रमुख हस्तियों को श्रद्धांजलि अर्पित की.
'सीएम की नहीं है कुर्सी'
उन्होंने जोर देकर कहा कि सीएम की कुर्सी उनकी नहीं, बल्कि कर्नाटक की जनता की है और ये पद केवल एक संवैधानिक पद से कहीं ज्यादा राज्य की जनता द्वारा उन पर सौंपा गया एक पवित्र विश्वास है.
मुख्यमंत्री पद का कार्यभार संभालते ही शिवकुमार ने पहली कैबिनेट बैठक की अध्यक्षता की, जिसमें सभी छात्रों को गैर-लक्जरी सरकारी बसों में मुफ्त बस पास देने का बड़ा फैसला किया. इसके साथ ही युवाओं में बेरोजगारी की समस्या को दूर करने के लिए एक प्राइवेट एम्प्लॉयमेंट एक्सचेंज स्थापित किया जाएगा, जहां लोग नौकरियों के लिए अपना रजिस्ट्रेशन करा सकेंगे. मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि इस प्राइवेट एम्प्लॉयमेंट एक्सचेंज की रूपरेखा एक महीने के अंदर पूरी तरह से तैयार कर ली जाएगी.
जल्द जारी होगी कैलेंडर ऑफ इवेंट्स
डीके शिवकुमार ने घोषणा की कि युवाओं को सरकारी नौकरियों में भर्ती करने के लिए जल्द ही एक विस्तृत 'कैलेंडर ऑफ इवेंट्स' जारी किया जाएगा. इसके अलावा राज्य में नेतृत्व के गुणों को बढ़ावा देने और सामाजिक सद्भाव का निर्माण करने के लिए कर्नाटक भर में 10,000 'भारत जोड़ो युवा संघ' स्थापित किए जाएंगे. उन्होंने बताया कि प्रत्येक ग्राम पंचायत में स्थापित होने वाले इन भारत जोड़ो युवा संघों को सरकार की तरफ से 10-10 लाख रुपये की राशि दी जाएगी.
अवैध बिल्डिंगों पर भी होगा एक्शन
कैबिनेट की बैठक में एक और बड़ा प्रशासनिक फैसला लेते हुए ये तय किया गया कि अनाधिकृत यानी अवैध इमारतों को 'ए-खाता' (A-Khata) दस्तावेज जारी करने के अभियान का विस्तार अब पूरे कर्नाटक राज्य में किया जाएगा. इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती देने की बात कही और कहा कि उनकी सरकार गांवों से शहरों की ओर होने वाले किसानों के पलायन को रोकने के लिए जल्द ही बेहद जरूरी और कड़े फैसले लेगी.
मुख्यमंत्री ने मीडिया से सरकार का सहयोग करने की अपील करते हुए कहा कि वो आलोचना के खिलाफ नहीं हैं, लेकिन मीडिया को मनगढ़ंत कहानियां बनाने से बचना चाहिए और लोकतंत्र के चारों स्तंभों को मिलकर काम करना चाहिए.
मैंने हाई कमान से नहीं की कोई मांग: यतींद्र
कांग्रेस नेता यतींद्र सिद्धारमैया ने कहा, 'आज के शपथ ग्रहण समारोह के बाद हमारी पहली कैबिनेट बैठक हुई, लेकिन हमें निर्देश मिले हैं कि कैबिनेट बैठक के एजेंडे के बारे में केवल मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री ही जानकारी देंगे. मैं अपने पिता (सिद्धारमैया) की सरकार का हिस्सा नहीं रहा हूं, लेकिन मुझे पूरा विश्वास है कि पिछली सरकार ने जो भी अच्छे काम किए हैं, उन्हें जारी रखा जाएगा और कर्नाटक के लोगों को एक बहुत ही ईमानदार और प्रभावी सरकार दी जाएगी. मैंने हाई कमान से कोई मांग नहीं रखी है, वे जो भी पोर्टफोलियो आवंटित करेंगे, मैं उससे खुश रहूंगा. कैबिनेट बैठक में कुछ नई योजनाओं पर भी चर्चा हुई...'