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भारतीयों के लिए सऊदी अरब सरकार का बड़ा फैसला, भारत ने कही ये बात

सऊदी अरब सरकार की ओर से भारतीयों को लेकर बड़ा फैसला किया गया है. अब किसी भी भारतीय को सऊदी अरब का वीजा अप्लाई करते समय पुलिस क्लीयरेंस सर्टिफिकेट (पुलिस निकासी प्रमाणपत्र) जमा कराना अनिवार्य नहीं होगा. इससे काफी संख्या में भारतीयों को राहत मिलेगी.

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 फोटो- सऊदी अरब के क्राउन प्रिंस और प्रधानमंत्री मोहम्मद बिन सलमान
फोटो- सऊदी अरब के क्राउन प्रिंस और प्रधानमंत्री मोहम्मद बिन सलमान

सऊदी अरब सरकार ने भारतीयों को लेकर बड़ा फैसला किया है.  अब सऊदी अरब जाने के लिए भारतीय लोगों को वीजा अप्लाई करते समय पुलिस क्लीयरेंस सर्टिफिकेट (पुलिस निकासी प्रमाणपत्र) की जरूरत नहीं होगी. नई दिल्ली में सऊदी अरब दूतावास के अनुसार, किसी भी शख्स को सऊदी जाने के लिए वीजा लेते समय पुलिस क्लीयरेंस सर्टिफिकेट जमा कराना अनिवार्य नहीं है. 

सऊदी अरब दूतावास ने इस बारे में ट्वीट करते हुए कहा कि सऊदी अरब और भारत के बीच मजबूत संबंधों और रणनीतिक साझेदारी के मद्देनजर, किंगडम ने भारतीय नागरिकों को पुलिस निकासी प्रमाणपत्र (PCC) जमा करने से छूट देने का फैसला किया है. वहीं बयान में दूतावास की ओर से सऊदी अरब में शांति से रहने वाले 20 लाख से ज्यादा भारतीय नागरिकों के योगदान की सराहना भी की गई है. 

सऊदी अरब के फैसले पर भारत बोला- थैंक्यू
सऊदी अरब सरकार के इस फैसले का भारत सरकार ने स्वागत किया है. सऊदी अरब में भारतीय दूतावास ने सऊदी सरकार के इस फैसले को लेकर धन्यवाद किया. भारत की ओर से कहा गया कि सऊदी अरब सरकार का इस फैसले किंगडम में रहने वाले 20 लाख से ज्यादा भारतीय लोगों को राहत मिलेगी. 

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सऊदी अरब सरकार के फैसले से भारतीयों को मिलेगी राहत 
दरअसल, किसी भी देश का वीजा लेना आसान काम नहीं होता है. उसके लिए काफी तरह के डॉक्यूमेंट्स जमा कराने पड़ते हैं. जिसके बाद जांच-पड़ताल होती है और सभी कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद वीजा दिया जाता है. 

ऐसे में पुलिस क्लीयरेंस सर्टिफिकेट भी इसी प्रक्रिया का एक हिस्सा है. इस वजह से काफी संख्या में लोगों का समय भी बर्बाद होता है. लेकिन सख्त नियमों की वजह से यह जमा करवाना पड़ता है. हालांकि, अब लोगों को सऊदी सरकार के इस फैसले से काफी राहत मिलेगी.

भारत और सऊदी अरब के मजबूत हो रहे रिश्ते 
पिछले कुछ सालों में भारत और सऊदी अरब के बीच रिश्ते मजबूत हुए हैं. खासतौर पर मोहम्मद बिन सलमान के सऊदी अरब के क्राउन प्रिंस बनने के बाद सऊदी अरब का झुकाव भारत की ओर बढ़ता हुआ नजर आया है.

खास बात है कि ना सिर्फ ऊर्जा बल्कि हेल्थ, डिफेंस जैसे सेक्टरों में दोनों देशों की साझेदारी में मजबूती आई है. कोरोना काल में भी भारत और सऊदी अरब का नेतृत्व एक दूसरे के संपर्क में था.सितंबर महीने में भारतीय विदेश मंत्री एस जयशंकर भी दौरे पर सऊदी अरब पहुंचे थे, जहां उनकी दोनों देशों के संबंधों को और ज्यादा मजबूत करने पर चर्चा भी हुई थी.

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