अमेरिका और ईरान के बीच जंग खत्म करने के लिए इस्लामाबाद में हुई वार्ता विफल हो चुकी है. इस बीच सोमवार को रूस ने कहा है कि अगर जरूरत पड़ी तो शांति समझौते के तहत वो ईरान का संवर्धित यूरेनियम अपने यहां रखने के लिए तैयार है. ईरान के साथ युद्ध खत्म करने के लिए संवर्धित यूरेनियम को सौंपना अमेरिका की प्रमुख शर्तों में से एक है. अमेरिका ईरान के परमाणु प्रोग्राम को पूरी तरह नष्ट करना चाहता है और इसके तहत वो बिल्कुल नहीं चाहता कि संवर्धित यूरेनियम ईरान के पास रहे.
इस बीच का सहयोगी रूस ऑफर दे रहा है कि अगर अमेरिका चाहे तो वो ईरान का संवर्धित यूरेनियम अपने यहां रख सकता है.
रूसी राष्ट्रपति भवन क्रेमलिन ने सोमवार को कहा कि रूस भविष्य में ईरान और के बीच होने वाले किसी शांति समझौते के तहत ईरान के संवर्धित यूरेनियम को अपने यहां रखने के लिए तैयार है.
ये ऑफर कई बार दिया गया है अमेरिका को
दुनिया के सबसे बड़े परमाणु हथियार भंडार वाले ने पहले भी कई बार प्रस्ताव दिया है कि किसी भी शांति समझौते के तहत वो ईरान के संवर्धित यूरेनियम को अपने पास रख सकता है.
क्रेमलिन के प्रवक्ता दिमित्री पेसकोव ने सोमवार को एक बार फिर यह प्रस्ताव दिया. उन्होंने पत्रकारों से कहा, 'यह प्रस्ताव राष्ट्रपति ने अमेरिका और क्षेत्रीय देशों दोनों के साथ बातचीत में दिया था. यह प्रस्ताव अब भी कायम है, लेकिन इस पर अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है.'
पत्रकारों से बातचीत में पेसकोव ने अमेरिकी राष्ट्रपति की उस धमकी की भी आलोचना की जिसमें उन्होंने होर्मुज स्ट्रेट पर नाकेबंदी की बात कही थी. पेसकोव ने कहा, 'इस तरह के कदम अंतरराष्ट्रीय बाजारों पर नकारात्मक असर डालते रहेंगे.'
होर्मुज स्ट्रेट एक अहम समुद्री रास्ता है जो फरवरी के अंत में अमेरिका और इजरायल के ईरान पर हमले के बाद से लगभग बंद है. ईरान ने अमेरिका-इजरायल के हमलों के जवाब में तेल-गैस की सप्लाई के लिए महत्वपूर्ण होर्मुज स्ट्रेट को बंद कर दिया जिससे दुनियाभर में ऊर्जा की किल्लत हो गई है.
दोनों पक्षों के बीच 15 दिनों का सीजफायर हुआ है हालांकि तनाव कम होने का नाम नहीं ले रहा और ट्रंप होर्मुज स्ट्रेट पर बार-बार ईरान को धमकी दे रहे हैं.
ट्रंप से बातचीत में पुतिन ने दिया था ईरान का यूरेनियम रखने का ऑफर
ईरान के साथ युद्ध के दौरान ही मार्च में डोनाल्ड ट्रंप के साथ फोन पर हुई बातचीत में व्लादिमीर पुतिन ने प्रस्ताव दिया कि युद्ध खत्म करने के समझौते के तहत ईरान के संवर्धित यूरेनियम को रूस ले जाया जा सकता है.
हालांकि, ट्रंप ने पुतिन के इस प्रस्ताव को ठुकरा दिया था. एक अमेरिकी अधिकारी ने Axios से कहा था, 'यह पहली बार नहीं है जब ऐसा प्रस्ताव आया है. इसे स्वीकार नहीं किया गया है. अमेरिका का रुख है कि हमें यूरेनियम को सुरक्षित होते देखना है.'
ईरान के पास कितना संवर्धित यूरेनियम है?
ईरान के पास करीब 450 किलोग्राम 60% तक संवर्धित यूरेनियम है, जिसे कुछ ही हफ्तों में हथियार-स्तर तक बदला जा सकता है और इससे 10 से ज्यादा परमाणु बम बनाए जा सकते हैं. इसे सुरक्षित करना अमेरिका और इजरायल के प्रमुख युद्ध लक्ष्यों में शामिल है.
पुतिन के इस प्रस्ताव को अगर अमेरिका और इजरायल मान लेते हैं तो बिना सैनिकों को ईरान की जमीन पर उतारे भी उसका परमाणु भंडार उसके पास से हटाया जा सकता है.
रूस पहले से ही एक परमाणु शक्ति है और 2015 के परमाणु समझौते के तहत वो पहले भी ईरान के कम-स्तर के संवर्धित यूरेनियम को अपने पास रख चुका है, इसलिए उसके पास इसे संभालने की तकनीकी क्षमता है.
रूस ने इसी तरह के प्रस्ताव पिछले साल मई में अमेरिका-ईरान परमाणु वार्ताओं के दौरान भी दिए थे. यह उस समय की बात है जब जून में अमेरिका और इजरायल ने ईरान के परमाणु ठिकानों पर हमला करने से पहले बातचीत जारी थी.
ईरान हालांकि, अपने संवर्धित यूरेनियम को बाहर भेजने के खिलाफ है. उसका कहना है कि वो अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (IAEA) की निगरानी में अपने ही देश में इसे पतला (dilute) कर सकता है.