पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने शनिवार को सरकारी स्वामित्व वाली कंपनियों और स्वायत्त संस्थानों के कर्मचारियों के वेतन में 5 से 30 प्रतिशत तक कटौती को मंजूरी दे दी. यह फैसला सरकार की व्यापक बचत योजना के तहत लिया गया है, जिसका उद्देश्य खर्च कम करना और बचत बढ़ाना है. यह निर्णय उस समीक्षा बैठक में लिया गया, जिसमें सोमवार को घोषित बचत और बचत योजनाओं की प्रगति का आकलन किया गया. ये योजनाएं अमेरिका-इजरायल-ईरान संघर्ष के कारण पैदा हुए ईंधन संकट से निपटने के लिए लागू की गई हैं. प्रधानमंत्री कार्यालय की ओर से जारी बयान के अनुसार, शहबाज शरीफ ने एक उच्चस्तरीय बैठक की अध्यक्षता की, जिसमें ईंधन कीमतों में उतार-चढ़ाव के असर और सरकार की बचत योजनाओं पर चर्चा की गई.
5 से 30 प्रतिशत तक वेतन कटौती का फैसला
बैठक में तय किया गया कि जिस तरह सरकारी कर्मचारियों के वेतन में कटौती की गई है, उसी तरह सरकारी कंपनियों और सरकार के संरक्षण में चलने वाले स्वायत्त संस्थानों के कर्मचारियों के वेतन में भी 5 से 30 प्रतिशत तक कटौती की जाएगी. सरकार का कहना है कि इन उपायों से होने वाली बचत का उपयोग केवल जनता को राहत देने के लिए किया जाएगा.
सरकारी वाहनों के ईंधन में 50 प्रतिशत कटौती
बैठक में यह भी बताया गया कि सरकारी वाहनों के लिए ईंधन आवंटन में 50 प्रतिशत तक कटौती की जाएगी और इसकी निगरानी के लिए तीसरे पक्ष से लेखा परीक्षण कराया जाएगा. इसके साथ ही अगले दो महीनों में 60 प्रतिशत सरकारी वाहनों को सड़कों से हटाने का फैसला किया गया है.
बोर्ड बैठकों की फीस भी खत्म
बैठक में यह भी तय हुआ कि विभिन्न कंपनियों और संस्थानों के बोर्ड में शामिल सरकार के प्रतिनिधियों को अब बैठक में शामिल होने की फीस नहीं दी जाएगी. इस राशि को भी सरकार की बचत का हिस्सा माना जाएगा.
नए वाहन खरीदने और अन्य खरीद पर रोक
बैठक में यह भी जानकारी दी गई कि सरकार ने नए वाहन खरीदने पर पूरी तरह रोक लगा दी है. इसके साथ ही अन्य सरकारी खरीद पर भी प्रतिबंध लागू कर दिया गया है.
मंत्रियों के दो महीने के वेतन से भी होगी बचत
सरकार ने यह भी फैसला किया है कि मंत्रिमंडल के सदस्यों, मंत्रियों, सलाहकारों और विशेष सहायकों के अगले दो महीनों के वेतन को भी बचत के रूप में सार्वजनिक कल्याण के लिए इस्तेमाल किया जाएगा.
विदेश यात्राओं पर भी लगी रोक
प्रधानमंत्री ने कहा कि सरकारी अधिकारियों, मंत्रियों, राज्य मंत्रियों और विशेष सहायकों की विदेशी यात्राओं पर पूरी तरह प्रतिबंध जारी रहेगा.
तीन हफ्ते से जारी युद्ध का असर
अमेरिका और ईरान के बीच जारी युद्ध अब तीसरे सप्ताह में पहुंच चुका है और इसका असर पाकिस्तान पर भी दिखने लगा है. पिछले शुक्रवार को पेट्रोलियम की कीमतों में 55 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी की गई थी. इसके बाद सरकार ने ईंधन खपत कम करने के लिए बचत से जुड़े कई कदम उठाए.
चार दिन का कार्य सप्ताह भी लागू
सरकार के पहले उठाए गए कदमों में दो महीनों के लिए सरकारी वाहनों के ईंधन आवंटन में 50 प्रतिशत कटौती, 60 प्रतिशत सरकारी वाहनों को सड़कों से हटाना और चार दिन का कार्य सप्ताह लागू करना शामिल है.