मिडिल ईस्ट में शुरू हुई नई जंग का असर दिखने लगा है. पाकिस्तान में तेल की कीमतों में आग लग गई है. आने वाले वक्त में दूसरे देश भी इसकी चपेट में आ सकते हैं. पाकिस्तान सरकार ने शुक्रवार को पेट्रोल और डीजल दोनों की कीमतों में 55 पाकिस्तानी रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी की घोषणा की.
बता दें कि शुक्रवार सुबह ही खबर आई थी कि पाकिस्तान के पास 26 दिन का फ्यूल बचा है. वहां ईंधन बचाने के लिए वर्क-फ्रॉम-होम और ऑनलाइन क्लास पर शिफ्ट होने की बात भी चल रही थी.
नई कीमतें शनिवार को रात 12 बजे से लागू होंगी. अब वहां डीजल का भाव 335.86 रुपये प्रति लीटर और पेट्रोल का रेट 321.17 रुपये प्रति लीटर कर दिया गया है. यानी 17% की बढ़ोतरी.
पेट्रोलियम मंत्री अली परवेज मलिक ने उप प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री इशाक डार और वित्त मंत्री मोहम्मद औरंगजेब के साथ एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान इसका ऐलान किया.
मलिक ने ईरान, अमेरिका और इजरायल के बीच चल रहे युद्ध के बारे में बात करते हुए शुरुआत की और कहा कि यह संघर्ष सीमा पार कर चुका है, जिसकी वजह से पेट्रोलियम उत्पादों की कीमतें आसमान छू रही हैं. उन्होंने कहा, 'विभिन्न उत्पादों की कीमतों में 50 से 70 प्रतिशत की वृद्धि हुई है.'
वहीं इशाक डार ने कहा कि पाकिस्तान सरकार मध्य पूर्व में स्थिति को शांत करने के लिए अन्य देशों के साथ मिलकर काम करने के प्रयास कर रही है, 'लेकिन अल्लाह ही जानता है कि इसमें कितना वक्त लगेगा'. उन्होंने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में गतिविधियों के ठप होने का भी जिक्र किया. साथ ही भरोसा दिया गया कि मामला सुलझने के बाद, सरकार कीमतों को तुरंत कम कर देगी. कहा गया कि कीमतों की समीक्षा साप्ताहिक आधार पर की जाएगी.
इशाक डार के मुताबिक, PAK पीएम शहबाज की सऊदी सरकार के साथ बातचीत भी हुई है. उन्होंने कहा, 'पाकिस्तान की ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने के लिए पीएनएससी के दो जहाज यानबू और फुजैराह बंदरगाहों की ओर रवाना हो रहे हैं.'
डार के मुताबिक, पाकिस्तान को अरामको से यह आश्वासन भी मिला है कि अगर एक बड़ा जहाज उपलब्ध कराया जाता है तो वे (सऊदी) यानबू से उसमें तेल भरेंगे और उसे हमारे जलक्षेत्र में लाएंगे ताकि पीएनएससी के जहाजों से हमारी रिफाइनरियों को कच्चे तेल की निरंतर आपूर्ति हो सके.'