scorecardresearch
 

PoK पर पाकिस्तान की नई साजिश! गिलगित-बाल्टिस्तान को 5वां प्रांत बनाने का प्रस्ताव पास

यह घटनाक्रम ऐसे समय सामने आया है जब पाकिस्तान बलूचिस्तान में बढ़ती हिंसा और खैबर पख्तूनख्वा में उभरते विद्रोह जैसी गंभीर चुनौतियों का सामना कर रहा है. भारत का स्पष्ट और लगातार यही रुख रहा है कि पूरा जम्मू-कश्मीर, जिसमें गिलगित-बाल्टिस्तान भी शामिल है, भारत का अभिन्न और अविभाज्य हिस्सा है.

Advertisement
X
PoK में पिछले कई दिनों से चल रहे प्रदर्शन आसिम मुनीर के लिए बड़ा सिरदर्द बन गए हैं. (Photo- ITG)
PoK में पिछले कई दिनों से चल रहे प्रदर्शन आसिम मुनीर के लिए बड़ा सिरदर्द बन गए हैं. (Photo- ITG)

पाकिस्तान ने एक बार फिर अपने नापाक इरादों से बाज नहीं आ रहा है. कारण, पड़ोसी मुल्क ने PoK के गिलगित-बाल्टिस्तान क्षेत्र को अपना पांचवां प्रांत बनाने की दिशा में एक बड़ा और विवादास्पद कदम उठाया है. गिलगित-बाल्टिस्तान विधानसभा ने सर्वसम्मति से एक प्रस्ताव पारित कर पाकिस्तान सरकार से संविधान में संशोधन कर इस क्षेत्र को देश का पांचवां प्रांत घोषित करने की मांग की है.

प्रस्ताव को अब पाकिस्तान की संसद के पास भेजा जाएगा. यदि संसद संविधान संशोधन को मंजूरी देती है तो गिलगित-बाल्टिस्तान को औपचारिक रूप से पाकिस्तान का प्रांत बनाने की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी. प्रस्ताव में इस क्षेत्र को पाकिस्तान की नेशनल असेंबली और सीनेट में प्रतिनिधित्व देने की भी मांग की गई है.

यह घटनाक्रम ऐसे समय सामने आया है जब पाकिस्तान बलूचिस्तान में बढ़ती हिंसा और खैबर पख्तूनख्वा में उभरते विद्रोह जैसी गंभीर चुनौतियों का सामना कर रहा है. राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इस कदम के जरिए सरकार और सेना आंतरिक संकट से ध्यान हटाने के साथ-साथ कब्जे वाले क्षेत्र पर अपना दावा मजबूत दिखाने की कोशिश कर रही हैं.

चुनाव के बाद बदला राजनीतिक समीकरण

7 जून को हुए गिलगित-बाल्टिस्तान विधानसभा चुनाव में धांधली के आरोपों के बीच बिलावल भुट्टो की पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी (PPP) सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी थी. किसी भी दल को पूर्ण बहुमत नहीं मिलने के बाद PPP और प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ की पाकिस्तान मुस्लिम लीग-नवाज (PML-N) के बीच गठबंधन हुआ. सत्ता साझेदारी के तहत मुख्यमंत्री और स्पीकर का पद PPP को, जबकि गवर्नर और डिप्टी स्पीकर का पद PML-N को मिला. इसके बाद ही विधानसभा ने पांचवां प्रांत बनाने का प्रस्ताव पारित किया.

Advertisement

फिलहाल पाकिस्तान के संविधान में केवल पंजाब, सिंध, बलूचिस्तान और खैबर पख्तूनख्वा ही आधिकारिक प्रांत हैं. गिलगित-बाल्टिस्तान अब तक एक सीमित स्वायत्त व्यवस्था के तहत चलता रहा है. नए प्रस्ताव को पाकिस्तान द्वारा इस कब्जे वाले क्षेत्र को अपने संविधान में शामिल करने की दिशा में पहला बड़ा कदम माना जा रहा है.

2019 से जुड़ा है मामला

भारत द्वारा अगस्त 2019 में अनुच्छेद 370 और 35A हटाने के बाद पाकिस्तान ने पहली बार गिलगित-बाल्टिस्तान को पांचवां प्रांत बनाने की योजना सार्वजनिक की थी. हालांकि तत्कालीन इमरान खान सरकार इसे लागू नहीं कर सकी थी. अब शहबाज शरीफ सरकार इस दिशा में आगे बढ़ती दिख रही है.

भारत का स्पष्ट और लगातार यही रुख रहा है कि पूरा जम्मू-कश्मीर, जिसमें गिलगित-बाल्टिस्तान भी शामिल है, भारत का अभिन्न और अविभाज्य हिस्सा है. भारत पाकिस्तान के ऐसे किसी भी एकतरफा कदम को न तो मान्यता देता है और न ही उसे कानूनी वैधता स्वीकार करता है. भारत पहले भी इस मुद्दे पर पाकिस्तान के कदमों का विरोध दर्ज करा चुका है.

---- समाप्त ----
Live TV

Advertisement
Latest News in Hindi »
Advertisement