scorecardresearch
 

'मैं भयभीत हूं... ट्रंप ने ऐसा क्यों किया? दुनिया थक चुकी है संघर्ष से...' ईरान पर US-इजरायल हमले के बाद क्या बोले न्यूयॉर्क के लोग

सुबह की भागती-दौड़ती जिंदगी के बीच जब न्यूयॉर्क की सड़कों पर लोगों ने अपने फोन और बड़े स्क्रीन पर एक खबर देखी, तो सब कुछ जैसे थम गया. संयुक्त राज्य अमेरिका ने ईरान पर हमला कर दिया. इस एक खबर ने शहर की रफ्तार के बीच डर, सवाल और बेचैनी घोल दी. जहां आम लोग अब सिर्फ एक ही बात पूछ रहे हैं... आखिर यह सब क्यों हुआ और अब आगे क्या?

Advertisement
X
ईरान पर हमले के बाद क्या बोले अमेरिकी नागरिक. (Photo: Screengrab)
ईरान पर हमले के बाद क्या बोले अमेरिकी नागरिक. (Photo: Screengrab)

न्यूयॉर्क की सुबह आम दिनों की तरह ही शुरू हुई थी. लोग जल्दी-जल्दी अपने काम पर जा रहे थे, कोई कॉफी लेकर भाग रहा था, कोई फोन पर बात करते हुए सड़क पार कर रहा था. सब कुछ सामान्य था. लेकिन कुछ ही देर में एक खबर आई, जिसने इस सामान्य दिन को अचानक भारी और बेचैन बना दिया. खबर थी कि संयुक्त राज्य अमेरिका ने ईरान पर हमला कर दिया है.

यह खबर जैसे ही लोगों तक पहुंची, माहौल बदल गया. पहले जहां लोग अपने काम में व्यस्त थे, अब वे रुककर फोन देखने लगे. कुछ लोग एक-दूसरे से पूछने लगे-क्या सच में हमला हुआ है? अब क्या होगा?

न्यूयॉर्क जैसा बड़ा शहर... मोबाइल फोन, सोशल मीडिया और सड़कों पर लगे बड़े स्क्रीन... हर जगह यही खबर दिखाई देने लगी. फॉक्स न्यूज के दफ्तर के बाहर एक बड़ा डिजिटल स्क्रीन लगा हुआ है, जिस पर लगातार खबरें चलती रहती हैं. उसी स्क्रीन पर यह खबर बार-बार दिखाई जा रही थी.

new yorkers react fear anger us israel strike iran donald trump comments

यहीं खड़े एक शिक्षक माइक लेविन ने पहली बार इस खबर को देखा. कहने लगे कि उन्हें इस बारे में अभी-अभी पता चला है. उन्हें पूरी जानकारी नहीं है, लेकिन जब भी अमेरिका किसी देश पर हमला करता है, तो उन्हें चिंता होने लगती है. उनकी बात बहुत सीधी थी-कभी ऐसा कदम सही साबित होता है, कभी नहीं. अभी कुछ कहना जल्दी होगा.

Advertisement

यह भी पढ़ें: 'अभी तक हमने सिर्फ कबाड़ मिसाइलें दागी हैं, असली तो...', ईरान की अमेरिका और इजरायल को चेतावनी

कुछ लोगों के लिए यह खबर डराने वाली थी. हर कोई माइक की तरह शांत नहीं था. कुछ लोग इस खबर से बहुत डर गए थे. 76 साल की शेरी फाइमैन ने कहा कि वह इस खबर से हॉरिफाइड यानी बेहद डर गई हैं. उन्हें समझ नहीं आ रहा कि ऐसा क्यों किया गया. उन्होंने कहा कि यह फैसला बहुत खतरनाक हो सकता है.

new yorkers react fear anger us israel strike iran donald trump comments

उन्होंने सीधे तौर पर डोनाल्ड ट्रंप के फैसले पर सवाल उठाया और कहा कि बिना साफ वजह के ऐसा कदम उठाना सही नहीं है. उनकी बात में एक आम इंसान का डर साफ दिखाई देता है. जब युद्ध जैसी खबर आती है, तो लोगों को सिर्फ राजनीति नहीं दिखती- उन्हें अपने भविष्य की चिंता होने लगती है.

दूसरे देशों में दखल क्यों? बड़ा सवाल

भीड़ में एक और व्यक्ति था, जिसने अपना नाम सिर्फ गैरी बताया. वह इस पूरे मामले को बहुत साफ तरीके से देख रहा था. उसने कहा कि किसी भी देश को बिना वजह दूसरे देश में दखल नहीं देना चाहिए. उसने कहा कि लोगों को शांति से जीने दो. यह बात सुनने में बहुत आसान लगती है, लेकिन इसमें एक बहुत बड़ी सोच छिपी है.

Advertisement

new yorkers react fear anger us israel strike iran donald trump comments

आज की दुनिया में कई बार बड़े देश छोटे या कमजोर देशों के मामलों में हस्तक्षेप करते हैं. कुछ लोग इसे सही मानते हैं, तो कुछ लोग इसे गलत. गैरी जैसे लोग मानते हैं कि हर देश को अपने तरीके से जीने का अधिकार होना चाहिए, और बाहर से हस्तक्षेप नहीं होना चाहिए.

सबसे ज्यादा असर किस पर पड़ता है?

न्यूयॉर्क की 42वीं स्ट्रीट पर खड़े मोडिबो सिसोको इस खबर को एक अलग नजर से देख रहे थे. वह एक स्ट्रीट वेंडर हैं, यानी सड़क पर सामान बेचते हैं. उन्होंने कहा कि ईरान पहले से ही आर्थिक समस्याओं से जूझ रहा है. अब युद्ध के बाद लोगों की हालत और खराब हो जाएगी.

उन्होंने इसको लेकर आगे कहा कि पहले ही हालात खराब हैं, युद्ध के बाद देश और नीचे चला जाएगा. मोडिबो की बात महत्वपूर्ण है. जब भी युद्ध होता है, तो सबसे ज्यादा नुकसान आम लोगों को होता है. वे लोग जो न तो फैसला लेते हैं, न ही राजनीति में होते हैं. उनकी रोजमर्रा की जिंदगी मुश्किल हो जाती है. खाना महंगा हो जाता है, काम खत्म हो जाते हैं, और डर हमेशा बना रहता है.

new yorkers react fear anger us israel strike iran donald trump comments

एक जगह जहां सब शांत था... लेकिन सब कुछ कह रही थी

Advertisement

इस पूरे माहौल के बीच एक जगह ऐसी थी, जहां कोई हलचल नहीं थी. संयुक्त राष्ट्र में ईरान का स्थायी मिशन का दफ्तर. यह इमारत न्यूयॉर्क में ही है. वहां बाहर से सब कुछ सामान्य लग रहा था. गाड़ियां आ-जा रही थीं, कोई खास गतिविधि नहीं था. लेकिन यह खामोशी भी बहुत कुछ कह रही थी.

यह भी पढ़ें: खामेनेई की मौत, बमबारी, वार-पलटवार... ईरान-इजरायल-अमेरिका जंग में अब तक क्या-क्या हुआ?

कभी-कभी कोई प्रतिक्रिया न देना भी एक तरह की प्रतिक्रिया होती है. हो सकता है कि वहां अंदर लोग हालात को समझने में लगे हों, या आगे क्या करना है इसकी योजना बना रहे हों. एक ही शहर, लेकिन अलग-अलग सोच... न्यूयॉर्क एक ऐसा शहर है, जहां दुनियाभर के लोग रहते हैं. इसलिए यहां अलग-अलग विचार मिलते हैं.

इस खबर के बाद भी यही हुआ. कोई चिंतित था. कोई गुस्से में था. कोई समझने की कोशिश कर रहा था. और कोई बस शांति चाहता था. लेकिन एक बात सबमें समान थी- अनिश्चितता. सब यही सोच रहे थे- अब आगे क्या होगा?

new yorkers react fear anger us israel strike iran donald trump comments

लोगों को नहीं पता, आगे क्या होगा?

जब भी किसी देश पर हमला होता है, तो लोग इसलिए डरते हैं, क्योंकि उन्हें नहीं पता होता कि आगे क्या होगा. क्या यह हमला यहीं रुक जाएगा? या यह एक बड़े युद्ध की शुरुआत है? क्या दूसरे देश भी इसमें शामिल होंगे? इतिहास में कई बार छोटे-छोटे हमले बड़े युद्धों में बदल गए हैं. इसलिए लोग हर ऐसी खबर को गंभीरता से लेते हैं.

Advertisement

यह सिर्फ एक देश की बात नहीं है

आज की दुनिया पहले जैसी नहीं रही. अब सब कुछ जुड़ा हुआ है. अगर कहीं युद्ध होता है, तो उसका असर दूसरे देशों पर भी पड़ता है. तेल की कीमतें बढ़ सकती हैं. व्यापार प्रभावित हो सकता है. लोगों की नौकरी पर असर पड़ सकता है. यानी यह सिर्फ अमेरिका और ईरान की बात नहीं है- यह पूरी दुनिया की बात बन जाती है.

लोग आखिर क्या चाहते हैं?

अगर न्यूयॉर्क की सड़कों पर लोगों की बातों को ध्यान से सुना जाए, तो एक बात साफ समझ आती है. लोग युद्ध नहीं चाहते. वे चाहते हैं कि समस्याओं का हल बातचीत से निकले, न कि बम और मिसाइल से. वे चाहते हैं कि दुनिया सुरक्षित हो, स्थिर हो, और लोग बिना डर के जी सकें.

new yorkers react fear anger us israel strike iran donald trump comments

एक आम इंसान क्या पड़ता है असर?

लोगों के बीच बातचीत में तमाम सवाल छुपे थे. यह क्यों हुआ? किसके लिए हुआ? और इसका अंत क्या होगा? न्यूयॉर्क की सड़कों पर जो आवाजें सुनाई दीं, वे किसी निष्कर्ष पर नहीं पहुंचीं, लेकिन उन्होंने एक बात साफ कर दी. दुनिया थक चुकी है संघर्ष से. अब लोग शांति चाहते हैं. सुरक्षा चाहते हैं. और सबसे ज्यादा- एक ऐसा भविष्य, जहां ऐसी खबरें डर न पैदा करें. चाहे राजनीति कितनी भी बड़ी क्यों न हो जाए, उसका असर हमेशा आम लोगों पर ही पड़ता है.

Advertisement

इस घटना ने सवाल खड़ा कर दिया है कि क्या सैन्य कार्रवाई किसी समस्या का स्थायी समाधान हो सकती है, या फिर यह सिर्फ एक नए संघर्ष की शुरुआत होती है. फिलहाल जवाब किसी के पास नहीं है. लेकिन इतना जरूर है कि न्यूयॉर्क के आम नागरिकों की आवाज में जो चिंता, असहमति और उम्मीद सुनाई दी, वह इस बात का संकेत है कि दुनिया शांति चाहती है- और शायद अब पहले से ज्यादा.

---- समाप्त ----
(एजेंसी के इनपुट के साथ)
Live TV

Advertisement
Advertisement