ईरान के मशहद इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर हुए एक अमेरिकी हवाई हमले में 'महान एयर' का एक विमान क्षतिग्रस्त हो गया है. ये विमान भारत के लिए एक मानवीय सहायता मिशन पर रवाना होने वाला था.
मशहद एयरपोर्ट पर खड़ा ये विमान नई दिल्ली के लिए उड़ान भरने वाला था. ये दवाओं सहित अन्य मानवीय आपूर्ति को भारत से ईरान और ईरान से भारत ले जाने वाला था. लेकिन अब इस मिशन में रुकावट आ गई है
ईरान ने इस हमले की निंदा की है और इसे जुर्म करार दिया है. सिविल एविएशन ऑर्गनाइजेशन ने एक बयान में इस बात पर जोर दिया गया कि मानवीय मिशनों में लगे नागरिक विमानों को निशाना बनाना अंतरराष्ट्रीय विमानन नियमों का घोर उल्लंघन और अपराध है.
शिकागो कन्वेंशन (1944) और मॉन्ट्रियल कन्वेंशन (1971) के अनुसार, नागरिक विमानों की सुरक्षा के विरुद्ध कोई भी एक्शन अंतरराष्ट्रीय आपराधिक अपराध माना जाता है. इसके अलावा, जिनेवा कन्वेंशन के अतिरिक्त प्रोटोकॉल के आर्टिकल 52 के तहत, मानवीय सहायता ले जा रहे विमानों सहित नागरिक वस्तुओं पर हमले युद्ध अपराध हैं.
सिविल एविएशन ऑर्गनाइजेशन ने अंतरराष्ट्रीय निकायों से इस हमले पर तुरंत ध्यान देने, दोषियों पर मुकदमा चलाने और ऐसे खतरे रोकने की अपील की है.
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बता दें कि महान एयर ईरान की सबसे बड़ी निजी एयरलाइनों में से एक है, लेकिन ये लंबे समय से अंतरराष्ट्रीय जांच के घेरे में रही है. ये एयरलाइन सालों से अमेरिकी प्रतिबंधों का सामना कर रही है. वॉशिंगटन का आरोप है कि इस एयरलाइन का कनेक्शन ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) से है और इसका इस्तेमाल सैन्य हथियार और कर्मियों को ले जाने में किया जाता है.