ईरान के IRGC ने इंटेलिजेंस संगठन के प्रमुख माजिद खादेमी की मौत की पुष्टि कर दी है. IRGC ने ईरान की सुरक्षा और क्रांति के लिए खादेमी की 'दशकों की सेवा' याद की. रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक, जारी किए गए बयान में कहा गया है कि खादेमी ने इंटेलिजेंस और सुरक्षा अभियानों में अहम भूमिका निभाई.
IRGC का कहना है कि जनरल ने इस्लामिक गणराज्य की रक्षा में करीब आधी सदी तक सेवा की. खादेमी की 'विदेशी दुश्मनों और घुसपैठ की साज़िशों' के खिलाफ उनके योगदान के लिए तारीफ की गई.
IRGC ने उनके रिकॉर्ड को आने वाले वक्त की इंटेलिजेंस पीढ़ियों के लिए 'स्थायी और शिक्षाप्रद' बताया है. तेहरान ने ईरान की सुरक्षा को अस्थिर करने की कोशिशों के खिलाफ लगातार सतर्क रहने का संकल्प लिया है.
ट्रंप ने किया सोशल मीडिया पोस्ट
US राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रविवार 5 अप्रैल को सोशल मीडिया पोस्ट में दावा किया कि तेहरान के कई शीर्ष सैन्य नेताओं को 'खत्म' कर दिया गया है. उन्होंने इसे ईरानी राजधानी पर किया गया एक 'बड़ा हमला' बताया. इस पोस्ट के साथ एक मिनट सात सेकंड का एक वीडियो भी था, जिसमें कथित तौर पर धमाकों से आसमान रोशन होता दिख रहा था. यह पोस्ट पश्चिम एशिया में तेज़ी से बढ़ रही दुश्मनी और संघर्ष के अगले चरण को लेकर बढ़ती अनिश्चितता के बीच आया है.
कई ईरानी टॉप लीडर मारे गए
28 फरवरी 2026 को अमेरिका और इज़रायल ने 'ऑपरेशन एपिक फ्यूरी' शुरू किया था. हमलों की लहरका निशाना ईरानी नेतृत्व के ठिकाने, सैन्य कमांड सेंटर, मिसाइल बेस और रिवोल्यूशनरी गार्ड की प्रमुख सुविधाएं थीं. इसका घोषित उद्देश्य था- सत्ता के शीर्ष को हटाना. ऊपर के नेतृत्व को हटाओ, पूरे सिस्टम को ढहते हुए देखो, जीत की घोषणा करो और घर लौट जाओ. यह उस तरह का तर्क था, जो किसी ब्रीफिंग स्लाइड पर देखने में तो काफी ठोस और भरोसेमंद लगता था.
इसके बाद जो हुआ, वह तो बिल्कुल ही कुछ और था. सुप्रीम लीडर अली खामेनेई अपने तेहरान स्थित परिसर पर हुए एक हवाई हमले में पहले ही दिन मारे गए. ईरान की सबसे शक्तिशाली राजनीतिक हस्तियों में से एक, अली लारीजानी को बाद के हमलों में खत्म कर दिया गया.
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खामेनेई के सबसे करीबी राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार, अली शमखानी, कुछ ही घंटों के भीतर मारे गए. IRGC कमांडर, जनरल स्टाफ के प्रमुख, बसीज बलों के मुखिया, IRGC नौसेना कमांडर, खुफिया मंत्री और कई सीनियर सैन्य योजना बनाने वाले अधिकारी, ये सभी शुरुआती हमलों की लहर में ही खत्म हो गए.