आजाद बलूचिस्तान की लड़ाई अब लंदन में लड़ी जा रही है. रविवार को लंदन के लॉर्ड्स क्रिकेट ग्राउंड के बाहर बलूच समर्थकों ने पोस्टर लगाकर बलूचिस्तान में पाकिस्तान के 'अत्याचार' पर विरोध दर्ज कराया. जब ये पोस्टर क्रिकेट ग्राउंड के बाहर लगाए गए थे, उस वक्त पाकिस्तान और साउथ अफ्रीका के बीच मैच चल रहा था. मैच खत्म होने के बाद पाकिस्तान समर्थकों ने बलूचिस्तान के समर्थन में लगे इन पोस्टरों को फाड़ दिया.
पिछले महीने बलूचिस्तान की आजादी को लेकर जर्मनी के हनोवर में आंदोलन चलाया गया था और इसका नाम दिया गया था 'फ्री बलूचिस्तान मूवमेंट'. इस आंदोलन में बलोच समर्थकों ने पाकिस्तान के एटमी हथियारों पर प्रतिबंध लगाने और बलूचिस्तान में किए जाने वाले एटमी परीक्षणों पर रोक लगाने की मांग की थी.
Pakistani Cricket fans tear posters put up by Baloch activists outside the Lord's Cricket Ground, the venue of Pakistan-South Africa match, yesterday .
— ANI (@ANI)
बलोच समर्थकों का आरोप रहा है कि पाकिस्तान ने 27 मार्च, 1948 को बलूचिस्तान पर कब्जा कर लिया और तब से बलूच के लोग अत्याचारों से पीड़ित हैं. बलूचों की शिकायत है कि बलूचिस्तान के लोगों को पाकिस्तान मार रहा है और उनका जनसंहार कर रहा है. बलूचिस्तान के कई नेता भारत से भी आग्रह कर चुके हैं कि उन्हें आजादी दिलाने में मदद की जाए. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से इस बाबत कई बार अपील की गई है.