मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव के बीच इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी सऊदी अरब, कतर और यूएई के महत्वपूर्ण दौरे पर हैं. मेलोनी की ये यात्रा इटली की ऊर्जा सुरक्षा सुनिश्चित करने और अंतरराष्ट्रीय अस्थिरता के बीच घरेलू अर्थव्यवस्था को बचाने के उद्देश्य से आयोजित की गई है. प्रधानमंत्री इन देशों के नेताओं के साथ रणनीतिक संबंधों को मजबूत करने और स्ट्रेट ऑफ होर्मुज जैसे महत्वपूर्ण समुद्री मार्गों में जहाजों की स्वतंत्रता बहाल करने पर चर्चा कर रही हैं.
मेलोनी ने स्पष्ट किया कि खाड़ी क्षेत्र में बढ़ती अस्थिरता का सीधा असर अंतरराष्ट्रीय संतुलन के साथ-साथ ऊर्जा की कीमतों पर भी पड़ता है. यदि इस क्षेत्र में उत्पादन या परिवहन में बाधा आती है तो इसका बोझ इटली की कंपनियों और आम परिवारों पर पड़ता है.
उन्होंने कहा कि खाड़ी क्षेत्र वैश्विक ऊर्जा बाजार का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है और ये सिर्फ इतना ही नहीं है. अगर यहां उत्पादन या परिवहन में कमी आती है या ये रुक भी जाता है तो सभी के लिए कीमतें बढ़ जाती हैं और अगर स्थिति और बिगड़ती है. सोचिए, केवल कतर इटली की गैस की मांग की आपूर्ति का 10% सप्लाई करता है और कुल मिलाकर खाड़ी क्षेत्र हमारे देश को उसकी कुल तेल जरूरत का लगभग 15% सप्लाई करता है.
खाड़ी देशों के प्रति एकजुटता का संदेश
उनके अनुसार, ये दौरा केवल प्रतीकात्मक नहीं है, बल्कि इटली के राष्ट्रीय हितों की रक्षा के लिए एक ठोस कदम है. मेलोनी ने खाड़ी देशों को इटली का विश्वसनीय और रणनीतिक साझेदार बताया है. उन्होंने कहा कि ऐसे वक्त में जब दुनिया अधिक अस्थिर हो रही है, राष्ट्रीय हितों की रक्षा का मतलब उन जगहों पर मजबूत संबंध बनाना है जो सीधे सुरक्षा और अर्थव्यवस्था को प्रभावित करते हैं. इटली इन देशों के साथ मिलकर तनाव को कम करने और सहयोग बढ़ाने की दिशा में काम कर रहा है.
इटली के भविष्य पर जोर
मेलोनी के लिए विदेश नीति कोई दूर का विषय नहीं, बल्कि इटली के भविष्य और वहां के नागरिकों के काम की रक्षा करने का सबसे ठोस तरीका है.
उन्होंने जोर दिया कि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से दुनिया का 20 प्रतिशत कच्चा तेल गुजरता है, इसलिए वहां स्थिरता लाना बहुत जरूरी है. ये मिशन इटली को ऊर्जा संकट से बचाने और आर्थिक स्थिरता लाने की एक बड़ी कोशिश है.