वेस्ट एशिया में जारी तनाव के बीच इजरायल ने ईरान में बड़ा हमला किया है. इजरायली सेना ने दावा किया है कि उसने तेहरानमें स्थित एक अहम अंतरिक्ष केंद्र को नष्ट कर दिया है, जिसका इस्तेमाल उपग्रहों पर हमला करने की क्षमता विकसित करने के लिए किया जा रहा था.
इज़रायली वायु सेना के मुताबिक, इस केंद्र से ऐसे आक्रामक अंतरिक्ष कार्यक्रम विकसित किए जा रहे थे, जिनका मकसद दूसरे देशों के उपग्रहों को नुकसान पहुंचाने की क्षमता हासिल करना था. इस तरह की क्षमताएं इज़रायल सरकार के उपग्रहों को नुकसान पहुंचा सकती थीं.
इसके साथ ही ईरान दुनिया के दूसरे देशों की उपग्रहों के लिए भी खतरा पैदा कर सकता था. इन्हीं कार्यक्रमों के तहत 'चमरान 1' उपग्रह विकसित किया गया था. इसका निर्माण ईरान के रक्षा मंत्रालय के इलेक्ट्रॉनिक्स उद्योग ने किया था. इसे सितंबर 2024 में प्रक्षेपित किया गया था.
उधर, गाजा पट्टी में इजरायली हवाई हमलों में कम से कम 12 फ़िलिस्तीनियों की मौत हो गई है. मरने वालों में दो बच्चे, एक गर्भवती महिला और आठ पुलिस अधिकारी शामिल हैं. अल-अक्सा शहीद अस्पताल के अनुसार, रविवार सुबह मध्य गाज़ा के नुसीरात स्थित शरणार्थी शिविर में हमला किया गया.
इस दौरान एक घर को निशाना बनाया गया, जिसमें चार लोगों की मौत हो गई. मरने वालों में करीब 30 साल की उम्र का एक दंपति और उनका 10 वर्षीय बेटा शामिल था. महिला जुड़वा बच्चों की गर्भवती थी. इस हमले के दौरान पास में रहने वाले महमूद अल-मुहतासेब ने बताया कि वो सो रहे थे.
उसी वक्त जोरदार धमाके की आवाज सुनाई दी. उन्होंने कहा, "हम सो रहे थे और मिसाइल हमले की आवाज सुनकर जाग गए. हमला बहुत जोरदार था." हमले से पहले किसी तरह की चेतावनी नहीं दी गई थी. इससे पहले रविवार दोपहर को भी हमला हुआ. इसमें पुलिस वैन को निशाना बनाया गया.