ईरान के हमले का सामना कर रहे संयुक्त अरब अमीरात (UAE) को इजरायल ने आयरन डोम एंटी मिसाइल बैटरी और अपना इंजीनियर भेजा है. इजरायल में अमेरिकी राजदूत ने इस बात का खुलासा किया है. इजरायल में अमेरिकी राजदूत माइक हकाबी के ये खुलासे इजरायल और UAE के बीच बढ़ते डिफेंस रिश्तों को दिखाते हैं, ये दोनों देश लंबे समय से ईरान को शक की निगाहों से देखते रहे हैं.
यह UAE में इजरायली मिलिट्री की पहली सार्वजनिक तैनाती की घोषणा है.
तेल अवीव में एक कार्यक्रम में राजदूत माइक हकाबी ने कहा, "मैं यूनाइटेड अरब अमीरात, जो अब्राहम अकॉर्ड का पहला सदस्य है, की तारीफ़ करना चाहूंगा." "जरा फायदे देखिए. इजरायल ने उन्हें आयरन डोम बैटरी और उन्हें चलाने में मदद के लिए लोग भेजे हैं."
यूनाइटेड अरब अमीरात ने 2020 में डिप्लोमैटिक तौर पर इजरायल को मान्यता दी थी. ईरान ने इस घटनाक्रम की तुरंत आलोचना की, जो लंबे समय से इज़रायल का मुख्य क्षेत्रीय दुश्मन रहा है. ईरान ने हकबी की बातों पर तुरंत कोई जवाब नहीं दिया, हालांकि उसने वर्षों से बार-बार कहा है कि इजरायल ने अमीरात में मिलिट्री और इंटेलिजेंस की मौजूदगी बनाए रखी है.
UAE ने हकाबी की इस टिप्पणी पर कोई जवाब नहीं दिया है. हालांकि UAE ने इतना जरूर कहा है कि वह इजरायल के साथ रक्षा रिश्ते बढ़ाने पर जोर दे रहा है.
बता दें कि सीजफायर के बाद भी UAE पर ईरान मिसाइल और ड्रोन से हमले कर रहा है. इस मुश्किल घड़ी में UAE घबराए हुए निवेशकों और जनता को यह सिग्नल देने की कोशिश कर रहा है कि यह बिज़नेस के लिए खुला है और सुरक्षित है. UAE ने युद्ध शुरू होने के बाद से देश में ईरानी सरकार से जुड़ी साइट्स भी बंद कर दी हैं. UAE को लंबे समय से ईरानी सरकार और आम ईरानी दोनों ही इस्लामिक रिपब्लिक से ऑफ़शोर सुरक्षित रूप से बिज़नेस करने के लिए एक जगह के रूप में इस्तेमाल करते रहे हैं.
गुरुवार को मिस्र के प्रेसिडेंट अब्देल-फतह अल-सिसी के अमीरात दौरे के दौरान UAE के राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन ज़ायद अल नाहयान उनके साथ एक एयर बेस पर गए जहां मिस्र के पायलट और राफेल फाइटर जेट तैनात थे. UAE में काम कर रही किसी टुकड़ी की यह पहली पहचान थी.
क्या करता है आयरन डोम
आयरन डोम इजरायल का मोबाइल एयर डिफेंस सिस्टम है. इसे राफेल एडवांस्ड डिफेंस सिस्टम्स, इजरायली एयर फोर्स और अमेरिका के सहयोग से विकसित किया गया. यह मुख्य रूप से 4 से 70 किलोमीटर की दूरी तक आने वाली छोटी दूरी की रॉकेटों, आर्टिलरी शेल्स और मोर्टार बमों को बीच में ही नष्ट कर देता है. सिस्टम में एल/एम-2084 रडार दुश्मन प्रोजेक्टाइल का पता लगाता है, कमांड सेंटर तेजी से आकलन करता है कि वह आबादी वाले क्षेत्र की ओर जा रहा है या नहीं, और अगर खतरा हो तो तमीर इंटरसेप्टर मिसाइल लॉन्च कर उसे हवा में ही विस्फोट कर देता है.