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ट्रंप की पीस डील पर इजरायल ने फेरा पानी! बेरूत पर भीषण हमला, भड़का ईरान

अमेरिका और ईरान के बीच पीस डील अपने आखिरी चरण में है. इससे ठीक पहले इजरायली सेना ने रविवार को बेरूत के उपनगरों में हिजबुल्लाह के ठिकानों को निशाना बनाकर हमला किया. इस हमले में तीन लोगों की जान चली गई. प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा कि इजरायल अपने क्षेत्र पर हमले बर्दाश्त नहीं करेगा.

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इजरायल-हिजबुल्लाह तनाव फिर भड़का (Photo: AFP)
इजरायल-हिजबुल्लाह तनाव फिर भड़का (Photo: AFP)

अमेरिका और ईरान के बीच डील आखिरी चरण में है. राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी ऐलान किया है कि रविवार को डील फाइनल हो जाएगी.लेकिन इजराइल ने रविवार को लेबनान की राजधानी बेरूत के दाहिया इलाके पर बड़ा हमला किया. इस हमले में 3 लोगों की मौत हो गई और 15 लोग घायल हुए. बेरूत के ऊपर धुएं के बड़े-बड़े बादल देखे गए.

इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने खुद सोशल मीडिया पर लिखा, 'हमने बेरूत के दाहिया इलाके में हिज्बुल्लाह के ठिकानों पर हमला किया. इजरायल अपनी जमीन पर हमले बर्दाश्त नहीं करेगा.' लेकिन इस हमले के बाद ईरान बेहद गुस्से में है और अमेरिका के साथ चल रही बड़ी बातचीत टूटने के कगार पर आ गई है.

एक हफ्ते पहले क्या हुआ था?

एक हफ्ते पहले भी इजरायल ने बेरूत के इन्हीं इलाकों पर हमला किया था. उस हमले के जवाब में ईरान ने इजरायल पर हमला बोल दिया था. यानी यह सिलसिला चल रहा है. इजरायल मारता है, ईरान जवाब देता है.

अब ताजा हमला क्यों?

इजरायली सेना और प्रधानमंत्री नेतन्याहू का दफ्तर कह रहा है कि हिज्बुल्लाह ने उत्तरी इजरायल में हमले किए, इसीलिए यह जवाबी कार्रवाई की गई.

यह भी पढ़ें: क्या खत्म होगी ट्रंप की बेताबी? बर्थडे पर मिलेगा तोहफा या मलते रह जाएंगे हाथ

ईरान ने क्या कहा?

हमले के बाद ईरान की फौज के डिप्टी कमांडर ने साफ कहा, 'लेबनान में इजरायल के ये जुर्म बिना जवाब नहीं रहेंगे.'

इससे भी बड़ी बात - ईरान के टॉप बातचीत करने वाले नेता मोहम्मद बाघेर गालीबाफ ने सोशल मीडिया पर अमेरिका को सीधे चेतावनी दी. उन्होंने लिखा, 'दाहिया पर इस हमले ने एक बार फिर साबित कर दिया कि अमेरिका या तो अपनी बात पर कायम रहने की इच्छाशक्ति नहीं रखता, या उसमें ताकत नहीं है. इजरायल को हरी झंडी देकर आप रियायतें नहीं पा सकते. अच्छे पुलिसवाले और बुरे पुलिसवाले का खेल पुराना हो चुका है. अगर आप अपनी बात पूरी नहीं कर सकते, तो आगे की बात करना मुमकिन नहीं. यानी ईरान ने सीधे कह दिया - अमेरिका से डील अब बहुत मुश्किल है.

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ईरान-अमेरिका डील बीच में कहां से आई?

इस वक्त अमेरिका और ईरान के बीच एक बड़ी बातचीत चल रही है. दोनों देश एक 'सीजफायर डील' करने की कोशिश में हैं. लेकिन ईरान ने साफ कहा है, 'जब तक इज़राइल लेबनान में हमले बंद नहीं करता, हम किसी भी डील को नहीं मानेंगे.'

यानी मामला यह है - अमेरिका चाहता है ईरान से डील हो, लेकिन इजरायल लेबनान में लगातार हमले कर रहा है, जिससे ईरान नाराज़ है और डील अटकी पड़ी है.

सबसे बड़ा खतरा क्या है?

हर बार जब इज़राइल बेरूत पर हमला करता है, ईरान जवाब देता है. और हर जवाब से जंग और बड़ी होती जाती है. ऐसे में अमेरिका-ईरान डील का भविष्य भी अंधेरे में है.

हिज्बुल्लाह कौन है?

हिज्बुल्लाह लेबनान में बेस एक आतंकी संगठन है. इसका सबसे बड़ा समर्थक ईरान है - ईरान इसे पैसे, हथियार और ट्रेनिंग देता है. यानी हिज़्बुल्लाह असल में ईरान का 'प्रॉक्सी' है - ईरान की तरफ से लड़ने वाला.

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