ईरान ने दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री रास्तों में से एक स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पर अपने नियंत्रण को औपचारिक रूप देने की दिशा में एक बड़ा और विवादास्पद कदम उठाया है. ईरान ने एक नई सरकारी एजेंसी का गठन किया है, अब इस जलमार्ग से गुजरने वाले जहाजों की जांच करेगी, उन्हें अनुमति देगी और उन पर टोल टैक्स भी लगाएगी.
शिपिंग डेटा फर्म लॉयड लिस्ट इंटेलिजेंस के अनुसार, ईरान ने 'पर्शियन गल्फ स्ट्रेट अथॉरिटी' नामक एक नई एजेंसी स्थापित की है. यह एजेंसी खुद को इस मार्ग से गुजरने वाले जहाजों को अनुमति देने वाली एकमात्र वैध संस्था के रूप में पेश कर रही है.
ईरान के इस कदम ने अंतरराष्ट्रीय समुद्री व्यापार जगत में नई चिंता पैदा कर दी है, क्योंकि फारस की खाड़ी में सैकड़ों व्यावसायिक जहाज फंसे हुए हैं और खुले समुद्र तक नहीं पहुंच पा रहे हैं. हालांकि, इस संभावना ने कि दो महीने से जारी युद्ध जल्द खत्म हो सकता है, अंतरराष्ट्रीय बाजारों को कुछ राहत दी और वैश्विक बाजारों में सकारात्मक असर देखा गया.
इस बीच तेहरान ने कहा है कि वह अमेरिका की ओर से युद्ध समाप्त करने के लिए भेजे गए ताजा प्रस्तावों की समीक्षा कर रहा है. ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघाई ने गुरुवार को कहा कि वह पाकिस्तान के जरिए भेजे गए संदेशों की समीक्षा कर रहे हैं. पाकिस्तान इस समय अमेरिका और ईरान के बीच शांति वार्ता में मध्यस्थ की भूमिका निभा रहा है. बघाई ने ईरानी सरकारी टीवी से कहा कि ईरान अभी किसी निष्कर्ष पर नहीं पहुंचा है और अमेरिकी पक्ष को अभी तक कोई जवाब नहीं दिया गया है.
गुरुवार देर शाम ईरानी सरकारी मीडिया ने बताया कि देश की सशस्त्र सेनाओं ने होर्मुज में स्थित केश्म द्वीप पर दुश्मन के साथ गोलीबारी की. क़ेश्म द्वीप फारस की खाड़ी में ईरान का सबसे बड़ा द्वीप है, जहां लगभग डेढ़ लाख लोग रहते हैं. यहां एक बड़ा समुद्री वॉटर ट्रीटमेंट प्लांट भी मौजूद है. हालांकि गोलीबारी के बारे में विस्तृत जानकारी नहीं दी गई. व्हाइट हाउस और अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने भी इस संबंध में तत्काल कोई प्रतिक्रिया नहीं दी.
ईरान की अर्ध-सरकारी समाचार एजेंसियों फार्स और तस्नीम ने दक्षिणी ईरान में बंदर अब्बास के पास विस्फोटों की आवाज सुनाई देने की खबर दी. हालांकि इन धमाकों के स्रोत की पुष्टि नहीं की गई. उधर, अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने वेटिकन में पोप लियो 14वें के साथ मध्य पूर्व में शांति प्रयासों पर चर्चा की. पोप ने ईरान युद्ध का विरोध किया है, जिसके कारण उनका अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के साथ सार्वजनिक मतभेद भी सामने आया है.
वहीं, पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने टेलीविजन पर दिए अपने संबोधन में कहा कि इस्लामाबाद युद्ध को रोकने और युद्धविराम को आगे बढ़ाने के लिए ईरान और अमेरिका के साथ दिन-रात लगातार संपर्क में है. पाकिस्तानी विदेश मंत्री इशाक डार ने भी अपने ईरानी समकक्ष अब्बास अराघची से फोन पर बात की.