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US-इजरायली झंडे लहरा रहे ईरानी, ऑस्ट्रेलिया से यूरोप तक रैलियां, लंदन-बर्लिन में खामेनेई शासन का विरोध

ईरान में जारी विरोध प्रदर्शनों के समर्थन में दुनिया के कई शहरों में लोग सड़कों पर उतरे. ऑस्ट्रेलिया, ब्रिटेन, जर्मनी, स्वीडन और नीदरलैंड में रैलियां हुईं, जहां प्रदर्शनकारियों ने ईरानी नेतृत्व के खिलाफ नारे लगाए.

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ईरानी नागरिक विदेशों में प्रदर्शन कर रहे हैं. (Photo- X)
ईरानी नागरिक विदेशों में प्रदर्शन कर रहे हैं. (Photo- X)

ईरान में जारी विरोध प्रदर्शनों की गूंज अब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी सुनाई दे रही है. देश के भीतर आर्थिक और राजनीतिक मुद्दों को लेकर शुरू हुए आंदोलन के समर्थन में दुनिया के कई देशों में रहने वाले ईरानी और उनके समर्थक सड़कों पर उतर आए हैं. ऑस्ट्रेलिया से लेकर यूरोप तक रैलियां और प्रदर्शन आयोजित किए गए, जिनमें लोगों ने ईरान के प्रदर्शनकारियों के साथ एकजुटता जताते हुए खामेनेई शासन के खिलाफ आवाज उठाई और राजनीतिक बदलाव की मांग दोहराई. वहीं रेजा पहलवी के समर्थकों ने अमेरका-इजरायल के झंडे लहराए.

ब्रिटेन के लंदन, जर्मनी के बर्लिन, स्वीडन के माल्मो और नीदरलैंड के शहरों में हजारों लोगों की भागीदारी देखने को मिली, जबकि कुछ कार्यक्रमों में अंतरराष्ट्रीय संगठनों और राजनीतिक हस्तियों का भी समर्थन सामने आया. इन प्रदर्शनों को ईरान में चल रहे हालात की वैश्विक प्रतिक्रिया के रूप में देखा जा रहा है.

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ऑस्ट्रेलिया के एडिलेड और पर्थ शहरों में लोगों ने रैली निकालकर ईरानी प्रदर्शनकारियों के साथ एकजुटता जताई. इस दौरान सर्वोच्च नेता अली खामेनेई और इस्लामिक रिपब्लिक के खिलाफ नारे लगाए गए.

लंदन-बर्लिन-माल्मो तक में सड़कों पर उतरे ईरानी

ब्रिटेन की राजधानी लंदन में भी शनिवार को ईरानी समुदाय के लोगों ने प्रदर्शन किया. यहां जुटे लोगों ने ईरान के भीतर हो रहे प्रदर्शनों का समर्थन करते हुए सरकार के खिलाफ आवाज उठाई. इसी तरह जर्मनी के बर्लिन और स्वीडन के माल्मो में भी रैलियां आयोजित की गईं, जहां लोगों ने ईरान में राजनीतिक बदलाव की मांग को लेकर एकजुटता जताई.

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नीदरलैंड में ईरानी नागरिकों का प्रदर्शन

नीदरलैंड में भी हजारों लोग कथित तौर पर सड़कों पर उतरे और ईरानी शासन के खिलाफ प्रदर्शन किया. वहीं बर्लिन में एक बड़ी रैली ईरान की 1979 की क्रांति की बरसी के आसपास आयोजित की गई. पुलिस के अनुसार ब्रांडेनबर्ग गेट के पास करीब 8,000 लोग मौजूद थे, जबकि लगभग 20,000 लोगों ने शामिल होने के लिए रजिस्टर कराया था. आयोजकों से जुड़े एक प्रतिनिधि ने भीड़ का आंकड़ा इससे कहीं ज्यादा बताया और कहा कि मौसम खराब होने के कारण कई लोग पहुंच नहीं सके.

पुलिस ने बताया कि एक और प्रदर्शन, जिसे ईरान के आखिरी शाह के US में रहने वाले बेटे रेजा पहलवी के सपोर्टर्स ने ऑर्गनाइज किया था, उसमें 1,600 लोग शामिल हुए. उनके हाथों में शाह के जमाने के ईरानी झंडे के साथ-साथ US, जर्मन और इजरायली झंडे भी थे.

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इस कार्यक्रम में कई अंतरराष्ट्रीय संगठनों और राजनीतिक समूहों का समर्थन बताया गया है. आयोजकों के मुताबिक यूरोप भर के सैकड़ों संगठनों और ईरानी एसोसिएशनों ने इसमें भागीदारी की. अमेरिका के पूर्व विदेश मंत्री माइक पोम्पियो भी यात्रा रद्द होने के बाद ऑनलाइन माध्यम से इसमें जुड़े.

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