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होर्मुज में तेल, LPG की बड़ी खेप दांव पर! 13 जहाजों के लिए भारत ने शुरू किया रेस्क्यू ऑपरेशन

केंद्र सरकार ने होर्मुज स्ट्रेट में फंसे भारतीय झंडे वाले 13 कमर्शियल जहाजों को सुरक्षित बाहर निकालने के लिए ऑपरेशन शुरू किया है. इस ऑपरेशन में कई मंत्रालय मिलकर काम कर रहे हैं. फंसे जहाजों में तेल और एलपीजी गैस के टैंकर भी शामिल हैं.

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होर्मुज में भारतीय झंडे वाले जहाजों के रेस्क्यू के लिए बड़ा ऑपरेशन शुरू किया गया है (File Photo)
होर्मुज में भारतीय झंडे वाले जहाजों के रेस्क्यू के लिए बड़ा ऑपरेशन शुरू किया गया है (File Photo)

होर्मुज स्ट्रेट ब्लॉकेड के बीच केंद्र सरकार ने शुक्रवार को एक उच्च प्राथमिकता वाला ऑपरेशन शुरू किया है. इस ऑपरेशन के तहत होर्मुज स्ट्रेट में मौजूद भारतीय झंडे वाले 13 कमर्शियल जहाजों को सुरक्षित बाहर निकालने की तैयारी की गई है.

यह कदम भारतीय नागरिकों, नाविकों और कमर्शियल हितों की सुरक्षा के लिए कई मंत्रालयों के तालमेल से चलाई जा रही सरकारी कोशिश का हिस्सा है. इसी के साथ विदेश मंत्रालय ने भारतीय नागरिकों को ईरान की यात्रा से बचने की सलाह दी है. मंत्रालय ने वहां मौजूद लोगों से भारतीय मिशन की मदद से देश छोड़ने का आग्रह किया है.

पोर्ट्स, शिपिंग और जलमार्ग मंत्रालय में निदेशक ओपेश कुमार शर्मा ने बताया कि होर्मुज स्ट्रेट से गुजर रहे भारतीय जहाजों की सहायता के लिए एक प्लान तैयार किया गया है.

उन्होंने कहा, 'हमारी प्राथमिकता अपने जहाजों को वहां से सुरक्षित निकालने की है. फिलहाल वहां भारतीय झंडे वाले लगभग 13 जहाज मौजूद हैं, जिनमें एक एलपीजी टैंकर, पांच कच्चे तेल के टैंकर, एक केमिकल या प्रोडक्ट टैंकर, तीन कंटेनर जहाज, दो बल्क कैरियर और एक ड्रेजर शामिल हैं.'

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अधिकारियों के अनुसार, इन जहाजों में कच्चे तेल के टैंकर, कंटेनर शिप, बल्क कैरियर और ड्रेजर शामिल हैं. खाड़ी क्षेत्र में समुद्री सुरक्षा को लेकर चिंताओं के बीच सरकार इनके आवागमन पर करीबी नजर रख रही है.

शर्मा ने यह भी बताया कि मार्शल आइलैंड्स के झंडे वाला कच्चे तेल का टैंकर 'निसोस केरोस' 25 और 26 मई की रात सुरक्षित रूप से होर्मुज स्ट्रेट पार कर चुका है. यह जहाज लगभग 2.7 लाख मीट्रिक टन कच्चा तेल लेकर आ रहा है और 3 जून 2026 को विशाखापत्तनम पहुंचने की उम्मीद है.

उन्होंने कहा, 'इस जहाज पर सभी चालक दल के सदस्य विदेशी हैं. क्षेत्र में मौजूद सभी भारतीय नाविक सुरक्षित हैं और भारतीय या विदेशी झंडे वाले किसी भी कमर्शियल जहाज पर भारतीय नाविकों से जुड़ी किसी घटना की सूचना नहीं मिली है.'

मंत्रालय के अनुसार, क्षेत्र में भारतीय और विदेशी झंडे वाले जहाजों पर सवार सभी भारतीय नाविक सुरक्षित हैं.

समंदर में फंसे नाविकों के लिए इमरजेंसी कंट्रोल सेंटर

शिपिंग महानिदेशालय (डीजी शिपिंग) के इमरजेंसी कंट्रोल सेंटर को नाविकों और उनके परिवारों से लगातार बड़ी संख्या में कॉल और ईमेल मिल रहे हैं. कंट्रोल सेंटर एक्टिव होने के बाद से अब तक 10,800 से अधिक कॉल और 24,000 से ज्यादा ईमेल मिले हैं.

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शर्मा ने बताया, 'पिछले 96 घंटों में ही नाविकों, उनके परिवारों और समुद्री क्षेत्र से जुड़े लोगों की ओर से 500 कॉल और 1,332 ईमेल मिले हैं.'

उन्होंने कहा कि मंत्रालय अब तक खाड़ी क्षेत्र के विभिन्न स्थानों से 3,422 से अधिक भारतीय नाविकों को सुरक्षित वापस लाने में मदद की है, जिनमें पिछले 96 घंटों के दौरान वापस लाए गए 47 नाविक भी शामिल हैं.

उन्होंने यह भी कहा कि भारत के सभी बंदरगाह सामान्य रूप से काम कर रहे हैं और कहीं भी भीड़भाड़ की स्थिति नहीं है.

नाविकों को वापस देश लाने के ऑपरेशन की जानकारी देते हुए विदेश मंत्रालय में अतिरिक्त सचिव (गल्फ) असीम आर महाजन ने कहा कि भारतीय मिशन समुदाय संगठनों, व्यवसायों और स्थानीय प्रशासन के साथ लगातार संपर्क में हैं ताकि संकट से प्रभावित भारतीयों की मदद की जा सके.

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