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तुर्की के समंदर में 10 महीने से फंसे थे भारतीय, लावारिस जहाज से ऐसे किया गया रेस्क्यू

तुर्की के मरमरा सागर में 10 महीने से फंसे चार भारतीय नाविकों को लावारिस कंटेनर जहाज 'अजरा सी' से सुरक्षित निकाल लिया गया है. जहाज के मालिकों को ड्रग तस्करी मामले में गिरफ्तार किया गया था, जिससे नाविक जहाज में ही फंसकर रह गए थे.

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10 महीने से समंदर में फंसे चार भारतीयों को रेस्क्यू कर लिया गया है (Photo: AFP)
10 महीने से समंदर में फंसे चार भारतीयों को रेस्क्यू कर लिया गया है (Photo: AFP)

तुर्की के तट पर एक लावारिस कंटेनर जहाज में फंसे चार भारतीय नाविकों को आखिरकार जहाज से सुरक्षित निकाल लिया गया है. ये चारों 10 महीने से वहां फंसे हुए थे. नाविक मंगोलिया के झंडे वाले कंटेनर जहाज 'अजरा सी' में थे. जहाज 2025 से इस्तांबुल के पास मरमरा सागर में लंगर डाले खड़ा था.

यह जानकारी एक इंस्पेक्टर ने सोमवार को समाचार एजेंसी एएफपी से बातचीत में दी. जहाज के कथित मालिकों को जनवरी में एक बड़े अंतरराष्ट्रीय ड्रग्स तस्करी मामले में गिरफ्तार कर लिया गया था. इसके बाद जहाज और उस पर मौजूद क्रू के भविष्य पर चिंता बढ़ गई थी.

इंटरनेशनल ट्रांसपोर्ट वर्कर्स फेडरेशन (ITF) के तुर्की प्रतिनिधि सेलाहत्तिन पोलात ने एएफपी से कहा, 'चालक दल ने जो कठिनाइयां झेली थीं, उनका अब अंत हो गया है.'

पिछले सप्ताह चालक दल ने एक मध्यस्थ के जरिए एएफपी से बातचीत में अपनी परेशानियों का जिक्र किया था. आईटीएफ और मरीन एम्प्लॉइज सॉलिडैरिटी एसोसिएशन (DAD-DER) भारतीय नाविकों को पीने का ताजा पानी और अन्य जरूरी सामान उपलब्ध करा रहे थे.

लावारिस जहाज पर नहीं भेजा गया कोई नया क्रू 

अंतरराष्ट्रीय समुद्री कानून के अनुसार, किसी भी जहाज पर हर समय पर्याप्त संख्या में चालक दल का मौजूद रहना जरूरी होता है ताकि बंदरगाह पर या लंगर डाले रहने के दौरान किसी भी आपात स्थिति से निपटा जा सके.

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हालांकि, पोलात ने बताया कि लावारिस जहाज पर इन नाविकों की जगह कोई नया चालक दल नहीं भेजा गया.

उन्होंने कहा, 'नया चालक दल नहीं पहुंचा. जहाज को बिना किसी चालक दल के छोड़ दिया गया है.' उन्होंने यह भी कहा कि जहाज की सुरक्षा अन्य तरीकों से सुनिश्चित की जाएगी. पोलात के अनुसार, लावारिस जहाज के संबंध में कानूनी प्रक्रिया अभी जारी है.

समुद्री उद्योग में जहाजों को छोड़ दिए जाने की घटनाएं लगातार बढ़ती जा रही हैं और यह मामला उसका ही एक उदाहरण है. आईटीएफ का कहना है कि यह अब समुद्री उद्योग की एक सिस्टमेटिक समस्या बन चुकी है.

2025 में सबसे अधिक लावारिस छोड़े गए जहाज, सबसे ज्यादा प्रभावित भारतीय

आईटीएफ के आंकड़ों के अनुसार, साल 2025 जहाजों को छोड़ दिए जाने के मामलों के लिहाज से अब तक का सबसे खराब साल रहा. इस दौरान 410 जहाजों पर सवार 6,233 नाविक प्रभावित हुए, जिनमें सबसे अधिक संख्या भारतीय नागरिकों की थी.

पिछले साल तुर्की जहाजों को लावारिस छोड़ने के मामलों में शीर्ष पर रहा, जहां ऐसे 61 मामले दर्ज किए गए.

फिलहाल मरमरा सागर में लंगर डाले 15 विदेशी झंडे वाले जहाज ऐसे हैं जिन्हें आधिकारिक तौर पर लावारिस माना गया है. मरमरा सागर बॉस्फोरस स्ट्रेट और डार्डानेल्स स्ट्रेट के बीच स्थित है, जो क्रमशः काला सागर और भूमध्य सागर को जोड़ते हैं.

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