होर्मुज स्ट्रेट में हालात और बिगड़ गए हैं. ब्रिटिश सेना ने बताया है कि ओमान के पास एक जहाज पर प्रोजेक्टाइल से हमला हुआ है. इसके बाद संयुक्त राष्ट्र की मैरीटाइम एजेंसी IMO ने फंसे हुए जहाजों को निकालने का अपना अभियान रोक दिया है.
यह हमला उसी समय हुआ जब कुछ घंटे पहले ईरान ने जहाजों को चेतावनी दी थी कि वे तेहरान की मंजूरी के बिना नए रूट का इस्तेमाल न करें.
IMO के सेक्रेटरी जनरल आर्सेनियो डोमिंगुएज ने कहा कि जब तक एजेंसी जहाजों की सुरक्षा को लेकर भरोसा नहीं जुटा लेती, तब तक यह निकासी अभियान रोका जाएगा. यह भरोसा निकासी लिस्ट में शामिल जहाजों के लिए भी जरूरी है और इलाके में चल रहे बाकी जहाजों के लिए भी. उन्होंने यह भी साफ किया कि जिस जहाज पर हमला हुआ, वह निकासी अभियान का हिस्सा नहीं था.
अभी तक यह पता नहीं चला है कि हमला किसने किया और किस तरह के जहाज को निशाना बनाया गया. यूके मैरीटाइम ट्रेड ऑपरेशन सेंटर ने बताया कि जहाज को नुकसान पहुंचा है, लेकिन इस हमले में किसी के घायल होने की कोई खबर नहीं है. यह हमला ओमान के तट के पास हुआ.
इस हमले के बाद होर्मुज स्ट्रेट से फंसे जहाजों को निकालने की योजना पर फिलहाल रोक लगा दिया गया है.
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इस हमले की खबर आने के बाद ईरान की एक नई एजेंसी पर्शियन गल्फ स्ट्रेट अथॉरिटी ने एक्स पर बयान दिया. यह एजेंसी स्ट्रेट में शिपिंग को कंट्रोल करने के लिए बनाई गई है. एजेंसी ने कहा कि अगर कोई जहाज तय किए गए रूट से बाहर जाकर गुजरता है तो उसे सुरक्षित आवागमन की गारंटी नहीं मिलेगी.
यह वैकल्पिक रूट ओमान और IMO ने मिलकर तय किया था. गुरुवार सुबह स्टोइक वॉरियर जहाज की अगुवाई में तेल टैंकरों का एक बेड़ा संयुक्त अरब अमीरात और ओमान के तट के साथ-साथ आगे बढ़ा था और ओमान के मुसंडम प्रायद्वीप के पास से गुजरा था.
इस रूट के उत्तर में वह कॉरिडोर है जो स्ट्रेट के बीच में पड़ता है, जहां से युद्ध से पहले जहाज आजादी से गुजरते थे और दुनिया का करीब पांचवां हिस्सा तेल और प्राकृतिक गैस इसी रास्ते से जाता था.