फ्रांस में हर साल आयोजित होने वाला मशहूर Fête de la Musique म्यूजिक फेस्टिवल इस बार संगीत और जश्न के बजाय हिंसा, यौन अपराध और अफरा-तफरी की वजह से सुर्खियों में आ गया है. लाखों लोगों की मौजूदगी वाले इस राष्ट्रीय उत्सव के दौरान कई गंभीर घटनाएं सामने आई हैं, जिनमें महिलाओं पर सिरिंज से हमले, रेप के आरोप, चाकूबाजी और सड़कों पर हिंसक झड़पें शामिल हैं.
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, पेरिस समेत कई शहरों में महिलाओं ने आरोप लगाया कि भीड़भाड़ के दौरान उन्हें सिरिंज चुभोया गया. कुछ पीड़िताओं को तुरंत अस्पताल ले जाया गया, जहां उनकी मेडिकल जांच की गई. एक महिला के बारे में बताया गया कि उसे पेरिस के बुलेवार्ड डे ला मेडेलीन इलाके में सिरिंज हमले के बाद बेहोशी महसूस हुई और उसे इमरजेंसी में अस्पताल पहुंचाया गया. फिलहाल जांच एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि इन सिरिंज में कोई नशीला या अन्य खतरनाक पदार्थ था या नहीं.
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इसी दौरान यौन हिंसा के भी कई मामले सामने आए. पुलिस के पास रेप और यौन उत्पीड़न से जुड़ी शिकायतें दर्ज कराई गई हैं. हालांकि, अधिकारियों ने अभी सभी मामलों की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है, लेकिन जांच शुरू कर दी गई है. कुछ रिपोर्ट्स में यह भी दावा किया गया है कि पीड़ितों में कम उम्र के लोग भी शामिल हो सकते हैं.
सिर्फ हिंसा-यौन अपराध नहीं चाकूबाजी और हिंसक झड़पें
फेस्टिवल के दौरान हिंसा सिर्फ यौन अपराधों तक सीमित नहीं रही. पेरिस के कई इलाकों में चाकूबाजी, मारपीट और लोगों के बीच झड़पों की खबरें सामने आईं. शहर के व्यस्त शातलेट (Châtelet) इलाके में लोगों ने भगदड़ जैसे हालात बनने की बात कही. संकरी सड़कों पर भारी भीड़ और अचानक भड़की हिंसा की वजह से लोगों में दहशत फैल गई.
ब्रिटेन से आए एक पर्यटक ने मीडिया से बातचीत में बताया कि हालात बेहद खतरनाक हो गए थे. उनके मुताबिक, अलग-अलग जगहों पर अचानक लड़ाइयां शुरू हो रही थीं और लोगों को सुरक्षित निकलने तक का रास्ता नहीं मिल रहा था. भीड़ इतनी ज्यादा थी कि कई लोगों को कुचले जाने का डर सताने लगा था.
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फ्रांस पुलिस ने 243 लोगों को किया अरेस्ट
फ्रांसीसी अधिकारियों के मुताबिक, पूरे देश में करीब 243 लोगों को गिरफ्तार किया गया, जिनमें बड़ी संख्या पेरिस से थी. हालात को नियंत्रित करने के लिए हजारों पुलिसकर्मियों, दमकलकर्मियों, सर्विलांस ड्रोन और हेलीकॉप्टर को तैनात किया गया था.
हालांकि सरकार ने सुरक्षा इंतजामों का बचाव किया, लेकिन विपक्ष और कई सामाजिक संगठनों ने सवाल उठाया है कि इतनी बड़ी भीड़ और पहले से मौजूद सुरक्षा चिंताओं के बावजूद पर्याप्त एहतियाती कदम क्यों नहीं उठाए गए. फिलहाल सिरिंज हमलों, यौन अपराधों और हिंसा की सभी घटनाओं की जांच जारी है. अधिकारियों का कहना है कि फोरेंसिक रिपोर्ट आने के बाद ही कई मामलों की पूरी तस्वीर साफ हो सकेगी.