"पाकिस्तान बनने के टाइम ये कौन से कानून में लिखा था कि आप औरतों को भी अगवाकर ले जाएं, औरतों को जबरिया गुमशुदगी का निशाना बनाएं, आप हमसे इस वजह से डरते हैं क्योंकि हम बात करते हैं. हमने अपनी आंखों से देखा है, आप उसे घसीट कर ले गए, उसके सिर पर चादर नहीं था." वो बलोच युवती ऑडियंस के सामने रो रही थी या सुलग रही थी, उसे भी न मालूम था. वो लय में बोलती जा रही थी और हुक्मरान सिर झुकाकर सुनने को मजबूर थे.
ये युवती आगे कहती है, "आप कहते हैं बलूची पाकिस्तानी स्टेट को मानते नहीं हैं, वो कैसे माने, मुझे देखिए 15 साल की लड़की मैं चार चार गुमशुदगी की तस्वीरें लिए बैठी हूं. आप हमारा जमीन छीनते हैं, आप हमारा घर छीनते हैं, हमारे लोग छीनते हैं."
बोलते बोलते लड़की चुप हो जाती है और फिर जलसे में बैठी ख्वातीनों की सिसकियों की आवाज एक साथ आती है.
ये लड़कियां वजह हैं कि बलूचिस्तान में हवा बलोच और असिफा मंगल जैसी फिदायीन पैदा हो रही हैं.
یہ بچی بلوچستان کی ہے۔ یہ کہہ رہی ہے کہ فوج نے ہمارے گھر میں گھس کر اس کی دو بہنوں کو اغوا کر لیا ہے۔ واقعی ریاست نے بلوچستان پر بہت بڑا ظلم کیا ہے۔ pic.twitter.com/35czxHUQky
— Pakistani Aura (@Pakistani__aura) February 1, 2026
लेकिन पाकिस्तान की बेशर्म सरकार कहती है कि बलूचिस्तान में कोई राजनीतिक मुद्दा नहीं है और इसे केवल सैन्य जवाब से ही सुलझाया जा सकता है. ये बयान बलूचिस्तान के मुख्यमंत्री सरफराज बुगती ने दिया है.
31 जनवरी से शुरू हुई बलूचिस्तान में अलगाववादी संगठन बलूचिस्तान लिब्रेशन आर्मी की कार्रवाई ने पाकिस्तान में कोहराम मचा दिया है. आधिकारिक सूत्र के अनुसार ही पाक सेना के 17 जवान मारे गए हैं, जबकि पाकिस्तान समर्थक 31 नागरिक मारे गए हैं. पाकिस्तान सरकार का दावा है कि उसने 145 BLA अलगाववादियों को मार गिराया है.
लेकिन BLA का दावा इससे कही ज्यादा है, BLA के अनुसार उसने कई दर्जन पाकिस्तानी सैनिकों को बंधक बना लिया है. बैंकों को लूट लिया है, पुलिस थानों पर कब्जा कर लिया है और नुश्की में ISI के दफ्तरों को उड़ा दिया है.
द बलूचिस्तान पोस्ट के अनुसार BLA ने दावा किया है कि पाकिस्तानी सेना, पुलिस और फ्रंटियर कॉर्प्स के "200 से ज़्यादा" जवान मारे गए और 17 को पकड़ लिया गया. BLA ने कहा है कि BLA के 18 लड़ाके मारे गए, जिनमें मजीद ब्रिगेड के 11 फिदायीन, फतेह स्क्वाड के चार सदस्य और STOS के तीन लोग शामिल थे.
BLA ने अपनी दो महिला फिदायीनों के वीडियो जारी किए हैं. इस वीडियो में हवा बलोच नाम की एक महिला फिदायीन पाकिस्तानी सेना पर फायरिंग करती नजर आ रही है.
बदले की आग में चिंगारी बनी हवा बलोच की कहानी
द बलूचिस्तान पोस्ट को सूत्रों ने बताया कि हवा बलोच एक लेखिका थीं और उनके पिता भी बलोच सशस्त्र आंदोलन से जुड़े थे और कई साल पहले लड़ाई में मारे गए थे.
During Operation Herof, Phase Two at the Gwadar Front, Fidayee Hawa Baloch fought selflessly, shoulder to shoulder with fellow Fidayeen. This was her final message, sent twelve hours before her martyrdom. pic.twitter.com/O159aEwvYE
— Bàhot باھوٹ (@bahott_baloch) February 1, 2026
वीडियो में हवा बलोच ने बलूच महिलाओं से उस मुहिम में शामिल होने की अपील की जिसे उन्होंने सशस्त्र प्रतिरोध बताया और कहा कि पाकिस्तानी सरकार ने "बलूच महिलाओं के साथ-साथ पुरुषों पर भी अत्याचार किया है."
उन्होंने कहा कि बलूच महिलाएं "न तो बौद्धिक रूप से और न ही व्यावहारिक रूप से कमजोर हैं" और अब समय आ गया है कि वे "उठें और न्याय की मांग करें."
24 साल की असीफा मेंगल
शनिवार को बलूचिस्तान के नुश्की में ISI हेडक्वार्टर पर हमला करने वाली फियादीन का नाम असीफा मेंगल था. इस महिला हमलावर के बारे में BLA ने कहा है कि मेंगल मोहम्मद इस्माइल की बेटी थी और बलूचिस्तान के नुश्की की रहने वाली थी. उसका जन्म 2 अक्टूबर, 2002 को हुआ था और वह अपने 21वें जन्मदिन पर BLA की मजीद ब्रिगेड में शामिल हुई थी. BLA के बयान में आगे कहा गया है कि मेंगल ने जनवरी 2024 में 'फिदायीन' बनने का फैसला किया था.
70 साल का फियादीन
BLA ने एक अलग वीडियो भी जारी किया है जिसमें फिदायीन नाको फजल बलोच दिख रहे हैं, इनके बारे में ग्रुप का कहना है कि वह "बलोच लिबरेशन आर्मी के सबसे उम्रदराज बलोच फिदायीन" हैं.
A news video published by BLA media #Hakkal:
— Bàhot باھوٹ (@bahott_baloch) February 1, 2026
“A message from Nako Fazal Baloch, the eldest Baloch Fidayee of the Baloch Liberation Army, who stood among the first fighters to initiate Operation Herof – Phase Two on the Pasni front.”https://t.co/rOlJkX16Gu pic.twitter.com/8J3LxsUlh5
इक वीडियो नाको फजल बलूच एक गाड़ी के अंदर बैठे दिख रहे हैं, जिसके बारे में ग्रुप का दावा है कि इसका इस्तेमाल ग्वादर जिले की पसनी तहसील में एक जगह को निशाना बनाने के लिए किया गया था.
अपने संदेश में नाको फजल बलोच, बलोच राष्ट्र को सलाम करते हैं और कहते हैं, "सबसे पहले, मजीद ब्रिगेड जिंदाबाद. हमारे युवा, जागरूक और समझदार हैं." फिर वह बुजुर्गों से कहते हैं कि अब "घर पर रहने का समय नहीं है," और उनसे अपने "बच्चों और भाइयों" के साथ शामिल होने और हथियारबंद विरोध में हिस्सा लेने का आग्रह करते हैं.
मजीद ब्रिगेड में कैसे शामिल हो रही हैं महिलाएं
बलूचिस्तान लिबरेशन आर्मी की मजीद ब्रिगेड उसका विशेष सुइसाइड स्क्वाड है, जो मुख्य रूप से हाई-प्रोफाइल टारगेट्स पर हमले करती है. इसमें महिलाओं की भागीदारी 2022 से शुरू हुई और तेजी से बढ़ी है. यह बलूच विद्रोह में एक बड़ा बदलाव माना जाता है, क्योंकि पारंपरिक रूप से बलूच समाज में महिलाओं की भूमिका सीमित रही है, लेकिन अब यह शिक्षित, मिडिल क्लास और युवा महिलाओं तक फैल गई है.
बलूचिस्तान में 30-31 जनवरी में महिला फिदायीन की भागीदारी ने पाकिस्तान में हड़कंप मचा दिया है.
पाकिस्तान के वरिष्ठ पत्रकार मोइद पीरजादा ने बलूचिस्तान में आजादी की लड़ाई के बदलते ट्रेंड पर पाकिस्तान सरकार को आगाह करते हुए लिखा है, "जनरल आसिम को इन तस्वीरों से डरना चाहिए! आपकी जल्दबाजी ने लंबे समय से चल रही कबायली बगावत को बलोचं के लिए आज़ादी की राष्ट्रीय लड़ाई में बदल दिया है!"
इस हमले के बाद पाकिस्तान सरकार सदमे में है. पंजाब के डेरा गाजी खान जिले में अधिकारियों ने मौजूदा सुरक्षा हालात का हवाला देते हुए बलूचिस्तान जाने वाले सभी रास्ते बंद कर दिए हैं. क्वेटा से देश के दूसरे हिस्सों तक ट्रेन सेवाएं लगातार दूसरे दिन भी बंद रहीं. रेलवे अधिकारियों के मुताबिक पेशावर जाने वाली जाफर एक्सप्रेस और चमन जाने वाली पैसेंजर ट्रेन रवाना नहीं हुईं