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चेतावनी के बावजूद एपस्टीन से 30 बार मिले बिल गेट्स, नई रिपोर्ट में चौंकाने वाला खुलासा

बिल गेट्स और उनकी धर्मार्थ संस्था के कर्मचारी जेफ्री एपस्टीन से 30 से ज्यादा बार मिले थे. हालिया रिपोर्ट में इसका खुलासा हुआ है कि कर्मचारियों ने संस्था की छवि को नुकसान पहुंचने की चिंता जताई थी. इसके बावजूद उनके बीच बैठकें जारी रहीं. हालांकि रिपोर्ट में किसी अवैध गतिविधि का सबूत नहीं मिला है.

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गेट्स फाउंडेशन के स्टाफ ने एपस्टीन से मिलने पर चेताया भी था. (Photos: Reuters)
गेट्स फाउंडेशन के स्टाफ ने एपस्टीन से मिलने पर चेताया भी था. (Photos: Reuters)

बिल गेट्स और जेफ्री एपस्टीन के संबंधों को लेकर नया खुलासा हुआ है. हालिया रिपोर्ट के मुताबिक गेट्स और उनकी धर्मार्थ संस्था (गेट्स फाउंडेशन) के कर्मचारियों ने एपस्टीन से 30 से ज्यादा बार मुलाकातें की थीं. 

हालांकि कर्मचारियों ने एपस्टीन के साथ काम करने से संस्था की प्रतिष्ठा को होने वाले नुकसान पर चिंता जताई थी, इसके बावजूद मुलाकातों का सिलसिला जारी रहा.

लॉ फर्म 'विल्मरहेल' की इस रिव्यू रिपोर्ट का तीन पन्नों का सारांश मंगलवार को जारी किया गया. रिपोर्ट के मुताबिक, 2011 से 2014 के बीच लगभग 30 बैठकें हुई थीं. 

रिव्यू रिपोर्ट में अवैध काम का खुलासा नहीं

इनमें से कई बैठकें एपस्टीन के मैनहट्टन स्थित टाउनहाउस में हुईं, जबकि एक बैठक गेट्स फाउंडेशन के कैंपस में भी आयोजित की गई थी. हालांकि, रिव्यू रिपोर्ट में ऐसा कोई सबूत नहीं मिला है कि फाउंडेशन ने एपस्टीन को कोई भुगतान किया हो या कोई अवैध काम किया हो. ये बातचीत एक ग्लोबल हेल्थ फंड बनाने पर केंद्रित थी, जो कभी हकीकत में नहीं बदल सका. 

इसके अलावा, एपस्टीन के एक सहयोगी के संचालित 'इंटरनेशनल पीस इंस्टीट्यूट' को दिए गए फंड पर भी चर्चा हुई थी.

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बिल गेट्स ने मानी फैसले में चूक

बिल गेट्स पर एपस्टीन के अपराधों से जुड़ा कोई आरोप नहीं है. उन्होंने बार-बार लड़कियों के यौन शोषण की जानकारी होने से इनकार किया है. पिछले महीने एक संसदीय समिति के सामने गेट्स ने माना था कि फाइनेंसर एपस्टीन से मिलना उनके फैसले में एक 'बड़ी गलती' थी.

स्टाफ की चेतावनियों के बावजूद जारी रहीं बैठकें

रिपोर्ट में दावा किया गया है कि गेट्स को एपस्टीन के यौन अपराधों की जानकारी थी. फाउंडेशन के कर्मचारियों ने कानूनी जोखिमों और छवि को नुकसान की चेतावनी भी दी थी. इसके बावजूद, 2012 में एपस्टीन ने गेट्स का परिचय इंटरनेशनल पीस इंस्टीट्यूट के चीफ तेर्जे रोड-लार्सन से कराया. इसके बाद फाउंडेशन ने पोलियो उन्मूलन के लिए इस संस्थान को फंड दिया. विवाद बढ़ने पर रोड-लार्सन ने 2020 में इस्तीफा दे दिया था.

ये खुलासा ऐसे समय में आया है जब हाल ही में वॉरेन बफेट ने इस साल गेट्स फाउंडेशन को अपने वार्षिक दान से बाहर रखा है. गेट्स फाउंडेशन के CEO मार्क सुजमैन ने कहा कि बोर्ड ने जांच प्रक्रियाओं और जोखिम प्रबंधन को मजबूत करने के लिए नए उपायों को मंजूरी दी है. सुजमैन के मुताबिक संस्था का काम अखंडता और सहयोगियों के भरोसे पर टिका है.

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एपस्टीन फाइल्स में कई दिग्गजों के नाम

बता दें कि लॉ डिपार्टमेंट की ओर से जारी एपस्टीन फाइल्स में टेक, फाइनेंस और राजनीति जगत के कई शक्तिशाली लोगों के साथ बिल गेट्स का नाम भी शामिल है. एपस्टीन को जुलाई 2019 में नाबालिगों की तस्करी के आरोपों में गिरफ्तार किया गया था, जहां ट्रायल के इंतजार के दौरान उसने आत्महत्या कर ली थी.

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