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हिमंता सरमा के बयान से बांग्लादेश खफा, भारतीय उच्चायुक्त को ढाका में किया तलब

असम के CM हिमंता की ‘अवैध बांग्लादेशियों’ वाली टिप्पणी पर बांग्लादेश ने भारतीय कार्यवाहक उच्चायुक्त को तलब कर विरोध जताया है.

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असम के CM हिमंता बिस्वा सरमा ने 'अवैध बांग्लादेशी' नागरिकों से जुड़ा बयान दिया था. (Photo: ITG)
असम के CM हिमंता बिस्वा सरमा ने 'अवैध बांग्लादेशी' नागरिकों से जुड़ा बयान दिया था. (Photo: ITG)

बांग्लादेश के विदेश मंत्रालय ने भारत के कार्यवाहक उच्चायुक्त पवन बाधे को तलब किया है और असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा द्वारा की गई कुछ टिप्पणियों पर औपचारिक विरोध दर्ज कराया है. मीडिया रिपोर्ट में यह जानकारी सामने आई है. UNB न्यूज़ सर्विस के मुताबिक, एक अधिकारी ने बताया कि महानिदेशक (दक्षिण एशिया) इशरत जहां ने गुरुवार को भारतीय राजनयिक को बांग्लादेश का पक्ष बताया. 

पिछले हफ़्ते एक सोशल मीडिया पोस्ट में सरमा ने कहा था कि असम में 20 विदेशी नागरिकों को पकड़ा गया और उन्हें वापस बांग्लादेश भेज दिया गया.

सरमा ने कहा था, "बदतमीज़ लोग नरम भाषा नहीं समझते. हम असम से घुसपैठियों को बाहर निकालते वक्त इस बात को लगातार याद रखते हैं. 20 अवैध बांग्लादेशियों को  कल रात वापस भेज दिया गया."

Himanta Sarma

'भारत-बांग्लादेश संबंधों के लिए अपमानजनक...'

इशरत ने भारतीय राजनयिक से कहा कि इस तरह के बयान दोनों देशों के बीच मैत्रीपूर्ण संबंधों की भावना को कमज़ोर करते हैं. अधिकारी ने इन बयानों को बांग्लादेश-भारत संबंधों के लिए अपमानजनक बताया और ढाका की नाराज़गी ज़ाहिर की. इशरत जहां ने संवेदनशील द्विपक्षीय मुद्दों पर बात करते वक्त संयम बरतने की अहमियत पर जोर दिया. 

यह भी पढ़ें: '20 सालों में बंगाल-असम में हिंदू बहुसंख्यक नहीं रहेंगे', देखें ऐसा क्यों बोले हिमंता बिस्वा सरमा

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साल 2024 में हसीना सरकार के गिरने के बाद, मुहम्मद यूनुस के नेतृत्व वाली अंतरिम सरकार के सत्ता में आने के बाद भारत और बांग्लादेश के संबंधों में भारी गिरावट देखने को मिली थी.

फरवरी में हुए संसदीय चुनावों में बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी की जीत के बाद तारिक रहमान के प्रधानमंत्री बनने पर, भारत और बांग्लादेश द्विपक्षीय संबंधों को फिर से बनाने की कोशिश कर रहे हैं.
 

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