अजरबैजान ने ईरानी ड्रोन हमलों के बाद तीखी प्रतिक्रिया देते हुए ईरान की राजधानी तेहरान में स्थित अपने दूतावास को पूरी तरह से खाली कर दिया है. इसके अलावा ईरान के तबरेज में स्थित वाणिज्य दूतावास को भी अजरबैजान ने खाली कर दिया है. और सेना को हाई अलर्ट पर रहने को कहा है. अजरबैजान ईरान के साथ लगती सीमा पर सेल्फ प्रोपेल्ड आर्टिलरी सिस्टम को तैनात करना शुरू कर दिया है.
अजरन्यूज़ की रिपोर्ट के मुताबिक अजरबैजान के विदेश मंत्री जेहुन बेयरामोव ने कहा कि नखचिवन पर ड्रोन हमले के बाद गुरुवार को राष्ट्रपति इल्हाम अलीयेव की बातों से एक साफ मैसेज गया है. इसमें जोर दिया गया है कि अजरबैजान के सुरक्षा और डिप्लोमैटिक कदम सबसे ऊंचे लेवल पर लागू किए जा रहे हैं.
जेहुन बेयरामोव ने बाकू में मोल्दोवा के डिप्टी प्राइम मिनिस्टर और विदेश मंत्री मिहाई पोपसोई के साथ एक प्रेस ब्रीफिंग में कहा कि अज़रबैजान ईरान से अपने पूरे डिप्लोमैटिक स्टाफ को निकाल रहा है. बेयरामोव ने कहा कि अजरबैजान के राष्ट्रपति इल्हाम अलीयेव ने ईरान से डिप्लोमैटिक मिशन को पूरी तरह निकालने का फैसला किया है.
बेयरामोव ने कहा, "इस प्रोसेस में तेहरान में एम्बेसी और तबरेज में कॉन्सुलेट जनरल दोनों शामिल हैं. इस बारे में अभी काम चल रहा है."
— Faytuks Network (@FaytuksNetwork) March 6, 2026
ईरान ने अजरबैजान पर किया था ड्रोन हमला
ईरान और अजरबैजान पड़ोस में स्थित हैं. अजरबैजान ने हाल के दिनों में इजरायल से रक्षा संबंध मजबूत किए हैं. 4 मार्च को ईरान की ओर से अजरबैजान पर ड्रोन्स हमलों के बाद दोनों देशों के बीच संबंध बिगड़ गए. ईरान की ओर से फायर किए गए ड्रोन्स से अजरबैजान के नखचिवन एयरपोर्ट में आग लग गई थी. दूसरा ड्रोन्स एक स्कूल बिल्डिंग के पास गिरी था.
अजरबैजान के राष्ट्रपति इल्हाम अलीयेव ने इन हमलों को आतंकी हमला करार दिया और ईरान से माफीनामे की मांग की. उन्होंने सेना को जंग के लिए तैयार रहने का निर्देश दिया है.
ताजा रिपोर्ट के मुताबिक अजरबैजान ईरान के साथ लगती सीमा पर DANA M1, सेल्फ प्रोपेल्ड आर्टिलरी सिस्टम को तैनात करना शुरू कर दिया है.
बेयरामोव ने कहा, "कल हमने ईरानी विदेश मंत्री के साथ टेलीफोन पर बातचीत में इस मुद्दे पर चर्चा की. ईरानी पक्ष ने इस मुद्दे की गंभीरता से जांच करने का वादा किया और हम नतीजों का इंतजार कर रहे हैं." उन्होंने आगे कहा कि प्रेसिडेंट अलीयेव ने ड्रोन हमले के बारे में जरूरी निर्देश दिए हैं.
"घटना के बारे में डिप्लोमैटिक कदम पहले ही उठाए जा चुके हैं, एक नोट जारी किया गया है, और मैंने अपने साथी से फोन पर बात की है. ईरान द्वारा इस मामले की जांच शुरू करना अब एक आम प्रोसेस है. प्रेसिडेंट इल्हाम अलीयेव के नेतृत्व में अजरबैजान के सुरक्षा उपाय सबसे ऊंचे लेवल पर लागू किए जा रहे हैं. इलाके के तनाव को देखते हुए मिलिट्री फ़ोर्स की तैयारी का लेवल सबसे ज़्यादा रखा गया है."
अजरबैजान ने कसम खाई है
रक्षा मंत्रालय ने कसम खाई कि ईरान के "हमलों का जवाब दिया जाएगा," और कहा कि वह "हमारे देश की क्षेत्रीय अखंडता और संप्रभुता की रक्षा करने, नागरिकों और नागरिक बुनियादी ढांचे की सुरक्षा सुनिश्चित करने" के लिए "ज़रूरी जवाब" की तैयारी कर रहा है.
अलीयेव ने जोर देकर कहा कि अजरबैजान "ईरान के खिलाफ ऑपरेशन में हिस्सा नहीं ले रहा है, न पहले और न ही इस बार, और न ही ऐसा करेगा."
उन्होंने आगे कहा: "हमें पड़ोसी देशों के खिलाफ़ कोई ऑपरेशन करने में न तो कोई दिलचस्पी है, और न ही हमारी पॉलिसी इसकी इजाज़त देती है.
अराघची ने अजरबैजानी विदेश मंत्री से बात की
इस बीच इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ़ ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची ने अजरबैजान के विदेश मंत्री जेहुन बेयरामोव से फोन पर बात की है. ईरान के विदेश मंत्री ने अज़रबैजान के प्रति इस्लामिक रिपब्लिक की अच्छे पड़ोसी की पॉलिसी पर ज़ोर दिया और कहा कि ईरान सभी क्षेत्रों में अज़रबैजान रिपब्लिक के साथ रिश्ते बढ़ाना चाहता है.
नखचिवन ऑटोनॉमस रिपब्लिक में गुरुवार को हुए धमाकों का ज़िक्र करते हुए अराघची ने ईरान की ओर से रिपब्लिक की ओर किसी भी तरह के प्रोजेक्टाइल लॉन्च करने से इनकार किया और कहा कि इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ़ ईरान की सेना इस मामले की ज़रूरी जांच कर रही है.
उन्होंने खास तौर पर इस तरह के हमले करने में इज़रायली सरकार की भूमिका की ओर भी इशारा किया ताकि लोगों का ध्यान भटकाया जा सके और ईरान के अपने पड़ोसियों के साथ दोस्ताना रिश्तों को कमज़ोर किया जा सके.