ईरान और अमेरिका-इजरायल के बीच चल रही जंग के बीच एक बड़ी खबर सामने आई है. ईरान के वरिष्ठ और प्रभावशाली नेता अली लारिजानी की मौत की अब आधिकारिक पुष्टि हो गई है. समाचार एजेंसी रॉयटर्स ने स्थानीय मीडिया के हवाले से यह जानकारी दी है.
काफी समय तक इस मामले पर चुप्पी बनी रही, लेकिन अब ईरानी मीडिया ने खुद इस बात को स्वीकार कर लिया है. इससे पहले इजरायल ने दावा किया था कि तेहरान पर किए गए हवाई हमलों में अली लारिजानी को मार गिराया गया है.
इजरायल ने इसे अपनी बड़ी सैन्य सफलता बताया था. इसी हमले में बसीज कमांडर गोलामरेजा सोलैमानी के भी मारे जाने का दावा किया गया था.
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी अपने बयान में कहा था कि ईरान के शीर्ष नेतृत्व को खत्म कर दिया गया है. उन्होंने यह भी दावा किया कि एक बड़ा अधिकारी मारा गया, जो पिछले दो हफ्तों में हजारों लोगों की मौत के लिए जिम्मेदार था.
कौन थे अली लारिजानी?
अली लारिजानी ईरान की राजनीति और सुरक्षा व्यवस्था के बेहद अहम चेहरे थे. वे सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल के पूर्व प्रमुख, संसद के पूर्व स्पीकर और सुप्रीम लीडर के करीबी सलाहकार रह चुके थे.
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ईरान के बड़े फैसलों में उनकी भूमिका काफी महत्वपूर्ण मानी जाती थी. उनकी मौत को इस जंग में ईरान के लिए एक बड़ा झटका माना जा रहा है. इससे पहले भी ईरान को कई सैन्य और रणनीतिक नुकसान झेलने पड़े हैं.
लरिजानी की मौत, बसीज कमांडर का खात्मा और सैन्य ढांचे को हुए नुकसान ने इस युद्ध को और गंभीर बना दिया है. दूसरी ओर डोनाल्ड ट्रंप लगातार ईरान पर हमले करने की बात कर रहे हैं. उन्होंने नाटो सहयोगियों से भी मदद मांगी थी. लेकिन, ट्रंप को कुछ खास समर्थन नहीं मिला.