इंडोनेशिया के शहर सुरबया से सिंगापुर जा रहा हो गया है. इंडोनेशियाई मीडिया ने ट्रांसपोर्ट मंत्रालय के अधिकारी के हवाले से यह खबर दी है. रविवार की सुबह एयर ट्रैफिक कंट्रोल से टूट गया. मलेशिया की सरकार ने एयर एशिया की मदद करने का भरोसा दिया है. विमान के लापता होने की खबरों के बीच एयर एशिया ने अपने लोगो का रंग बदलकर ग्रे कर दिया है. पहले यह लाल रंग का था.
Very sad to hear that AirAsia Indonesia QZ8501 is missing. My thoughts are with the families. Malaysia stands ready to help.AirAsia Indonesia regrets to confirm that QZ8501 from Surabaya to Singapore has lost contact at 07:24hrs this morning
— AirAsia (@AirAsia)
— Mohd Najib Tun Razak (@NajibRazak)
ट्रांसपोर्ट मंत्रालय के अधिकारी हादी मुस्तफा ने कहा कि फ्लाइट नंबर QZ8501 टूट गया है. स्थानीय समय के अनुसार कंट्रोल रूम से विमान का संपर्क सुबह 6.17 बजे टूट गया.
एक दूसरे इंडोनेशियाई अधिकारी ने कहा, 'एयरबस 320-200 पर हैं.' मुस्तफा ने कहा कि संपर्क टूटने से पहले विमान ने एक आसामान्य रूट के बारे में पूछा था. सिंगापुर जा रहे विमान के वहां पहुंचने का समय सुबह 8.30 बजे था.
विमान के लापता होने के बाद एयर एशिया इंडोनेशिया ने अपने फेसबुक पेज पर ताजा पोस्ट में लिखा, 'एयर एशिया दुख और पश्चाताप से इस बात की पुष्टि करता है कि फ्लाइट क्यूजेड8501 का संपर्क रविवार की सुबह टूट गया है.'
एयर एशिया के फेसबुक पोस्ट के मुताबिक फ्लाइट पर 155 यात्री सवार थे. इनमें 138 वयस्क, 16 बच्चे और 1 शिशु थे. इनके अलावा 2 पायलट और 5 केबिन क्रू सदस्य थे. विमान पर सवार यात्रियों में 1 सिंगापुर से, 1 मलेशिया से, 1 फ्रांस से, 3 साउथ कोरिया और 156 इंडोनेशिया के थे.
इंडोनेशिया के सिविल एविएशन अथॉरिटी फ्लाइट की खोज में जुटी हुई है. एयर एशिया ने अपने पोस्ट में कहा है कि 16 नवंबर 2014 को आखिरी बार विमान मेंटेनेंस के लिए गया था.
मलेशिया एयरलाइंस का विमान एमएच-370 दक्षिणी चीन सागर में 8 मार्च 2014 को लापता हो गया. विमान मलेशिया के कुआलालंपुर से बीजिंग जा रहा था. इसमें 15 देशों के 227 मुसाफिर और क्रू-मेंबर के 12 लोग सवार थे. इस विमान का अब तक पता नहीं चल पाया है.
17 जुलाई 2014 को एम्सटर्डम से कुआलालंपुर जा रहे मलेशियाई एयरलाइंस के एक यात्री विमान एमएच-17 पर पूर्वी यूक्रेन के दोनेत्सक इलाके में मिसाइल से हमला किया गया. हादसे में 298 मुसाफिर और चालक दल के सदस्य मारे गए. मुसाफिरों में 80 बच्चे भी शामिल थे. जिस वक्त यह हमला हुआ उस समय विमान पूर्वी यूक्रेन के इलाके में 33 हजार फीट की ऊंचाई पर था. रूसी सीमा से 60 किमी पहले ही उस पर मिसाइल हमला हो गया.