scorecardresearch
 

तिब्बत में भूकंप से मरने वालों की संख्या 18 हुई

नेपाल में आए विनाशकारी भूकंप की वजह से दक्षिण-पश्चिम चीन के तिब्बत स्वायत्तशासी क्षेत्र में मरने वालों की संख्या 18 हो गई है.

भूकंप के बाद नेपाल का हाल भूकंप के बाद नेपाल का हाल

नेपाल में आए विनाशकारी भूकंप की वजह से दक्षिण-पश्चिम चीन के तिब्बत स्वायत्तशासी क्षेत्र में मरने वालों की संख्या 18 हो गई है.

ल्हासा से पश्चिम में करीब 800 किलोमीटर दूर न्यालम काउंटी से करीब 7000 लोगों को दूसरे स्थान पर भेजा गया है वहीं करीब 5000 लोग गिरांग काउंटी से सुरक्षित स्थान पर भेजे गये हैं. ये दोनों इलाके बुरी तरह प्रभावित हुए हैं. सरकारी मीडिया की खबर के अनुसार तिब्बत में भूकंप से मृतक संख्या बढ़कर 18 हो गयी है। कुल 55 लोग घायल हुए हैं.

 चाइना अर्थक्वेक एडमिनिस्ट्रेशन ने बताया कि सहायता के लिए 62 सदस्यीय एक राहत और बचाव दल वहां भेजा गया है. इस दल के साथ छह खोजी कुत्ते और बचाव एवं चिकित्सा के उपकरण भी भेजे गए हैं. यह दल रविवार दोपहर तक नेपाल पहुंचेगा.

80 साल में सबसे बड़ी तबाही
चीन के राष्ट्रपति शी चिनपिंग ने शनिवार को नेपाल के राष्ट्रपति राम बरन यादव को सांत्वना संदेश भेजा. नेपाल में इतिहास में बीते 80 साल में यह सबसे भीषण भूकंप है. अपने संदेश में चीनी राष्ट्रपति ने नेपाल को हरसंभव सहायता मुहैया कराने का आश्वासन दिया है.

तिब्बत में भूकंप से इमारतें और सड़कें भी क्षतिग्रस्त हो गई हैं और पड़ोसी क्षेत्रों के साथ संचार संपर्क टूट गया है. अब तक दोनों देशों की ओर जाने वाली सड़कें साफ तो हुई हैं लेकिन इलाके में भीषण हिमपात होने के कारण बचाव के प्रयास बाधित हैं. भूकंप से तिब्बत के कई मंदिर क्षतिग्रस्त हो गए हैं.

कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ चाइना के तिब्बत प्रमुख चेन कुआंगुओ ने भूकंप प्रभावित इलाकों से लोगों को हटाने के निर्देश दिए हैं ताकि बाद में आने वाले झटकों से लोगों को बचाया जा सके. तिब्बत और पड़ोसी प्रांतों के 3,024 दमकल कर्मी और 87 खोजी कुत्ते भूकंप प्रभावित इलाकों में तैनाती के लिए तैयार हैं. क्षेत्रों में तंबू, रजाई, कपड़े, दवाएं और बोतलबंद पानी भेजा जा रहा है.

- इनपुट भाषा

आजतक के नए ऐप से अपने फोन पर पाएं रियल टाइम अलर्ट और सभी खबरें डाउनलोड करें
ऐप में खोलें×