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रसूख, बेशुमार दौलत और आलीशान बंगले पर सवाल... TMC नेता प्रसेनजीत साहा गिरफ्तार

पश्चिम बंगाल की पूर्व सत्ताधारी पार्टी टीएमसी के दिग्गज नेता प्रसेनजीत साहा को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है. उन पर जबरन वसूली, धमकाने और अवैध संपत्ति जमा करने के आरोप हैं. बता दें कि प्रसेनजीत साहा उत्तर 24 परगना के खरदह विधानसभा क्षेत्र के रसूखदार नेता हैं.

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प्रसेनजीत साहा के आलीशान बंगले पर सवाल उठ रहे हैं. (Photo- Screengrab)
प्रसेनजीत साहा के आलीशान बंगले पर सवाल उठ रहे हैं. (Photo- Screengrab)

पश्चिम बंगाल की पूर्व सत्ताधारी पार्टी TMC के दिग्गज नेता और बांदीपुर ग्राम पंचायत के उप-प्रधान प्रसेनजीत साहा को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है. प्रसेनजीत पर जबरन वसूली करने, लोगों को धमकाने और अवैध तरीके से अकूत संपत्ति जमा करने के बेहद गंभीर आरोप हैं. 

प्रसेनजीत साहा उत्तर 24 परगना जिले की खरदह विधानसभा सीट के एक बेहद रसूखदार टीएमसी नेता माने जाते हैं. उन पर आरोप है कि उन्होंने अपने पद और ताकत का गलत इस्तेमाल करके बहुत कम समय में भारी संपत्ति बनाई है. 

रहरा थाना पुलिस ने गिरफ्तारी के बाद गुरुवार को आरोपी नेता को बैरकपुर उप-विभागीय अदालत (सब-डिवीजनल कोर्ट) में पेश किया.

'पी गैलेक्सी हाउस' पर उठ रहे सवाल

प्रसेनजीत ने इलाके में एक बेहद आलीशान महल जैसा घर बनाया है, जिसमें वो वर्तमान में रह रहे हैं. हाल ही में उनके इस कीमती और भव्य घर का एक वीडियो सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हुआ था. इस आलीशान मकान का नाम 'पी गैलेक्सी हाउस' है. वीडियो सामने आने के बाद से ही वो लगातार लोगों के निशाने पर थे.

पद का गलत इस्तेमाल और वेटलैंड्स बेचने का आरोप

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प्रसेनजीत पर आरोप है कि वो पंचायत उप-प्रधान के अपने पद के रौब में अक्सर लोगों को डराने-धमकाने और अवैध वसूली के कामों में लगे रहते थे. इसके अलावा, बताया जा रहा है कि कल्याणी एक्सप्रेसवे के किनारे जो बड़े-बड़े वेटलैंड्स थे, प्रसेनजीत ने उन्हें अवैध रूप से मिट्टी से भरवा दिया. इसके बाद उन्होंने इस सूखी जमीन को बहुत ऊंचे और मनमाने दामों पर बाजार में बेच दिया. 

प्रसेनजीत की गिरफ्तारी पर बीजेपी ने तंज कसा है. बीजेपी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर प्रसेनजीत के आलीशान बंगले का वीडियो शेयर करते हुए लिखा, 'ये टीएमसी के जमीनी स्तर के नेतृत्व मॉडल की असलियत है, जो डर, धमकी और कथित जबरन वसूली पर बनी सत्ता है.'

दरअसल, 29 अप्रैल को खरदाहा में वोटिंग के दिन, सेंट्रल फोर्स ने उन्हें अरेस्ट करने की कोशिश की थी. उनके 'गैलेक्सी' घर पर छापा भी मारा गया था. लेकिन वो वहां से फरार हो गए थे. अब करीब एक महीने बाद रहरा पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया हैं.

(इनपुट- दीपक देबनाथ)

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