2026 में होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले पश्चिम बंगाल के पुरुलिया जिले में माओवादी नाम से जुड़े एक पोस्टर के मिलने से इलाके में सनसनी फैल गई है. एक समय माओवादी गतिविधियों के लिए बदनाम रहे इस जिले में लंबे समय बाद इस तरह का पोस्टर सामने आने से लोगों में डर का माहौल बन गया है. चुनाव से ठीक पहले इस घटना ने प्रशासन और स्थानीय लोगों दोनों की चिंता बढ़ा दी है.
स्थानीय लोगों का कहना है कि पुरुलिया में माओवादियों का असर अब पहले जैसा नहीं है, लेकिन जिस अंदाज में यह पोस्टर सामने आया है, उसने पुरानी यादें ताजा कर दी हैं. ग्रामीणों के बीच चर्चा है कि कहीं यह किसी बड़ी साजिश की शुरुआत तो नहीं है.
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गांव में मिला धमकी भरा पोस्टर
जानकारी के मुताबिक, पुरुलिया जिले के BORO थाना क्षेत्र के आंकरो गांव में सफेद कागज पर लाल स्याही से लिखा एक पोस्टर बरामद किया गया. पोस्टर में लिखा था '2026 में माओवादी खेलेंगे, बंद नहीं मानने पर मौत की सजा'. यह पोस्टर सामने आते ही गांव और आसपास के इलाकों में डर और बेचैनी फैल गई.
ग्रामीणों का कहना है कि पहले जब पुरुलिया माओवादियों का गढ़ माना जाता था, तब भी इसी तरह सफेद कागज और लाल स्याही में पोस्टर लगाकर बंद का ऐलान किया जाता था. पुराने तरीके से लिखे इस पोस्टर को देखकर लोगों की आशंका और ज्यादा बढ़ गई है, जब तक यह साफ नहीं हो जाता कि इसे किसने लगाया है.
पुलिस की जांच, असामाजिक तत्वों पर शक
पोस्टर की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और उसे जब्त कर लिया. पूरे इलाके में सतर्कता बढ़ा दी गई है और मामले की जांच शुरू कर दी गई है. पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि पोस्टर किस मकसद से लगाया गया और इसके पीछे कौन लोग हैं.
इस मामले में पुरुलिया जिला पुलिस अधीक्षक वैभव तिवारी ने बताया कि पोस्टर में कहीं भी साफ तौर पर यह नहीं लिखा है कि यह माओवादियों का ही है. शुरुआती जांच में आशंका जताई जा रही है कि किसी स्थानीय असामाजिक तत्व ने चुनाव से पहले इलाके में डर और सनसनी फैलाने के लिए यह पोस्टर लगाया हो. पुलिस का कहना है कि जांच के बाद स्थिति पूरी तरह स्पष्ट हो जाएगी.